मध्य प्रदेश के इंदौर के मालवा मिल इलाके में मंगलवार को माहौल उस समय गरमा गया, जब प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए।
रिहायशी इलाके में शराब दुकान का विरोध
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि इस इलाके में पहले से ही परिवार रहते हैं और यहां बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में शराब दुकान खुलने से माहौल खराब होगा और बच्चों पर गलत असर पड़ेगा।
लोगों के मुताबिक, यह दुकान किसी दूसरे इलाके से शिफ्ट होकर यहां लाई जा रही है, जिसे वे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।

बीजेपी पार्षद भी पहुंचे मौके पर
विरोध के बीच बीजेपी पार्षद और MIC सदस्य नंदू पहाड़िया भी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने रहवासियों से बातचीत की और उनकी मांगों का समर्थन करते नजर आए।
भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

टेंट लगाने से रोका, फैसला बाकी
प्रदर्शन कर रहे लोग मौके पर टेंट लगाकर विरोध जारी रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
आबकारी विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन अभी तक दुकान को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है।
पहले भी हो चुका है विरोध
स्थानीय लोगों का कहना है कि साल 2022 में भी इस तरह का विरोध हुआ था। रहवासी शिल्पा जैन और अनुराधा जैन ने बताया कि 600 मीटर के दायरे में पहले से ही 4 शराब दुकानें मौजूद हैं।
उनका कहना है कि इतनी कम दूरी पर एक और दुकान खोलना इलाके के लिए ठीक नहीं है।
विरोध जारी रखने की चेतावनी
रहवासियों ने साफ कर दिया है कि जब तक शराब दुकान का स्थान नहीं बदला जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।
यह मामला अब स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जहां एक तरफ नियम हैं और दूसरी तरफ जनता का विरोध।
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