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इंदौर नगर निगम में ‘वंदे मातरम्’ पर विवाद: कांग्रेस पार्षदों के इनकार से गरमाई राजनीति

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इंदौर नगर निगम में बजट चर्चा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल ने सदन में ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद माहौल अचानक गरमा गया।

सदन में हुआ हंगामा

सभापति के निर्देश पर जब ‘वंदे मातरम्’ गाने को कहा गया, तो पार्षद फौजिया शेख ने सवाल उठाया कि कौन-सा कानून इसे अनिवार्य बनाता है। इस पर बीजेपी पार्षद भड़क गए और जोरदार विरोध शुरू हो गया।

स्थिति बिगड़ती देख सभापति ने फौजिया को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए।

रुबीना का बयान बना विवाद की वजह

सदन के बाद मीडिया से बात करते हुए पार्षद रुबीना इकबाल ने कहा कि वे किसी की “दादागीरी” नहीं मानेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके धर्म में ‘वंदे मातरम्’ गाना मना है, इसलिए वे इसे नहीं गा सकतीं।

रुबीना ने साफ कहा कि वे देश का सम्मान करती हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ कुछ नहीं करेंगी।

BJP ने जताया कड़ा विरोध

बीजेपी नेताओं ने इस घटना को शहीदों का अपमान बताया। नगर अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देशभक्ति का प्रतीक है और इसका विरोध करना गलत है।

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भी कहा कि देश सबसे ऊपर है और ऐसे मामलों में सभी को राष्ट्र का सम्मान करना चाहिए।

कांग्रेस ने भी दिखाई सख्ती

मामले को बढ़ता देख कांग्रेस संगठन ने भी सख्त रुख अपनाया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने संकेत दिए कि पार्टी में इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रुबीना इकबाल को पार्टी से बाहर करने का प्रस्ताव भी प्रदेश नेतृत्व को भेजा गया है।

थाने में शिकायत, FIR की मांग

इस मामले को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पार्षदों के खिलाफ FIR की मांग की है। उनका कहना है कि इस बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

राजनीति हुई तेज, बयानबाजी जारी

इस घटना के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों तरफ से लगातार बयानबाजी हो रही है। मामला अब सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है।

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Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com https://deshharpal.com/

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