Bengal में 2026 विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। रैलियों में भीड़ बढ़ रही है, भाषणों में धार तेज हो रही है और नेताओं के बीच जुबानी जंग अब खुलकर सामने आने लगी है। इसी माहौल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर सीधा निशाना साधते हुए चुनावी बहस को और गरमा दिया है।
रैली में गरजे योगी, लगाए गंभीर आरोप
एक चुनावी सभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंगाल में “हिंदू त्योहारों के दौरान पाबंदियां लगाई जाती हैं, जबकि सड़कों पर नमाज की अनुमति दी जाती है।”
उन्होंने इसे “तुष्टिकरण की राजनीति” बताते हुए सवाल उठाया कि क्या एक ही राज्य में अलग-अलग नियम लागू हो सकते हैं? उनके इस बयान ने चुनावी माहौल में नई बहस छेड़ दी है।
BJP का फोकस: Law & Order और Identity Politics
भारतीय जनता पार्टी इस बार बंगाल चुनाव में कानून-व्यवस्था, धार्मिक स्वतंत्रता और घुसपैठ जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi भी अपनी रैलियों में इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा चुके हैं। पार्टी का मानना है कि यही मुद्दे वोटरों को सीधे प्रभावित करते हैं।
TMC का पलटवार: “चुनावी ध्रुवीकरण की कोशिश”
तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह सब चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा है।
ममता बनर्जी की पार्टी विकास, सामाजिक योजनाओं और “बंगाल की अस्मिता” को अपना मुख्य एजेंडा बता रही है।
इस बीच Tejashwi Yadav और Hemant Soren जैसे विपक्षी नेता भी ममता के समर्थन में मैदान में उतर चुके हैं और बीजेपी पर तीखे हमले कर रहे हैं।
जुबानी जंग ने पकड़ी रफ्तार
चुनाव करीब आते ही बयानबाज़ी का स्तर भी तेज होता जा रहा है। झारखंड के मंत्री Irfan Ansari ने भी योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए विवाद को और हवा दे दी।
राजनीतिक गलियारों में अब हर बयान सुर्खियां बन रहा है और हर रैली नई चर्चा छेड़ रही है।
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