वाराणसी की धरती पर एक बार फिर PM Modi का अलग ही अंदाज़ देखने को मिला। अपने संसदीय क्षेत्र Varanasi पहुंचे प्रधानमंत्री ने मंच से जैसे ही कहा— “माई-बहिन के हम प्रणाम करत हई”, पूरा माहौल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। यह सिर्फ एक अभिवादन नहीं था, बल्कि काशी की मिट्टी से उनका जुड़ाव भी साफ झलक रहा था।
महिलाओं और आरक्षण पर साफ संदेश
अपने संबोधन में PM Modi ने महिलाओं और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर खास जोर दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आरक्षण को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और आगे भी इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उनके इस बयान को वहां मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना और सराहा।
रेलवे को मिली नई रफ्तार
काशी दौरे के दौरान PM Modi ने दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इन ट्रेनों के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। रोज़मर्रा के यात्रियों से लेकर व्यापारियों तक, हर किसी को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
काशी से भावनात्मक रिश्ता
प्रधानमंत्री का काशी से जुड़ाव किसी औपचारिक रिश्ते जैसा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संबंध जैसा दिखता है। यही वजह है कि उनके भाषण में अक्सर यहां की भाषा, संस्कृति और लोगों का जिक्र रहता है। इस बार भी उनका भोजपुरी अंदाज़ लोगों के दिल को छू गया।
क्यों खास है यह दौरा?
यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। एक ओर जहां विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर सामाजिक मुद्दों—खासतौर पर महिलाओं और आरक्षण—पर सरकार की प्राथमिकता भी साफ दिखाई दी।
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