Sehore जिला अस्पताल की मर्चुरी में एक नवजात बच्ची का शव पिछले चार दिनों से रखा हुआ है। बच्ची की 3 मई को इलाज के दौरान मौत हो गई थी, लेकिन अब तक उसके माता-पिता शव लेने अस्पताल नहीं पहुंचे हैं।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बच्ची करीब 40 दिनों तक ICU में भर्ती रही। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही।
जन्म के समय वजन था सिर्फ 1.4 किलो
सिविल सर्जन डॉ. यू.के. श्रीवास्तव ने बताया कि हकीमाबाद निवासी अंजली और रवि के यहां 24 मार्च को जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था।
प्रसव के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं दूसरी बच्ची बेहद कमजोर थी। जन्म के समय उसका वजन केवल 1.4 किलोग्राम था। इसी वजह से उसे तुरंत गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती किया गया था।
बच्ची की मौत के बाद बंद कर दिया संपर्क
डॉक्टरों के अनुसार इलाज के दौरान बच्ची के पिता सिर्फ एक-दो बार ही अस्पताल पहुंचे थे। 3 मई को बच्ची की मौत होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया।
अस्पताल की ओर से उनके काम करने की जगह पर भी सूचना भेजी गई, फिर भी कोई शव लेने नहीं पहुंचा।
पुलिस टीम हकीमाबाद रवाना
चार दिन तक कोई नहीं आने पर अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। अब पुलिस और अस्पताल प्रबंधन नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।
पुलिस की एक टीम हकीमाबाद रवाना हुई है। पुलिस परिजनों को अस्पताल बुलाकर बच्ची का शव सौंपने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश

