पश्चिम बंगाल में अब अवैध कब्जों और गैरकानूनी निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। राज्य प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश से करीब 24 बुलडोजर मंगवाए हैं। इन बुलडोजरों का इस्तेमाल सरकारी जमीन पर हुए कब्जों, अवैध इमारतों और बिना अनुमति चल रही फैक्ट्रियों को हटाने के लिए किया जाएगा।
राज्य में इस कार्रवाई की चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि लोग इसे “Yogi Model” से जोड़कर देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई पिछले कुछ वर्षों में कानून व्यवस्था और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कदम का प्रतीक बन चुकी है। अब बंगाल में भी उसी तरह की कार्रवाई की तैयारी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।
Kolkata और Siliguri समेत कई इलाकों में चलेगा अभियान
सूत्रों के मुताबिक कोलकाता, सिलीगुड़ी और आसपास के कई इलाकों में प्रशासन ने अवैध निर्माणों की पहचान शुरू कर दी है। हाल ही में कोलकाता के तिलजला इलाके में एक अवैध फैक्ट्री में लगी आग के बाद प्रशासन और ज्यादा सतर्क हो गया। जांच में सामने आया कि कई इमारतें बिना वैध नक्शे और जरूरी सुरक्षा मानकों के बनाई गई थीं।
इसी के बाद प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि जिन इमारतों के पास वैध अनुमति, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट या कानूनी दस्तावेज नहीं होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई तय है।
सरकार का फोकस: Illegal Construction और Land Encroachment
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रहेगा। सरकारी जमीनों पर कब्जा, अवैध टोल बूथ, गैरकानूनी फैक्ट्रियां और नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए निर्माण प्रशासन के निशाने पर हैं।
सरकार का दावा है कि ऐसे अवैध निर्माण कई बार लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन जाते हैं। इसलिए अब पूरे राज्य में बड़े स्तर पर जांच और कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
Mamata Banerjee ने बुलडोजर कार्रवाई पर उठाए सवाल
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि “बंगाल बुलडोजर स्टेट नहीं है।” उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है।
वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया जाए।
क्यों चर्चा में आया ‘Bulldozer Politics’?
देश की राजनीति में पिछले कुछ समय से “Bulldozer Politics” बड़ा मुद्दा बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई को सख्त प्रशासनिक कदम के तौर पर पेश किया था।
अब पश्चिम बंगाल में भी बड़े पैमाने पर बुलडोजर अभियान की तैयारी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में राज्य के कई शहरों में अवैध निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
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