देशभर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और आवारा कुत्तों के आतंक के बीच आज Supreme Court of India एक बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। यह मामला सिर्फ जानवरों की सुरक्षा का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और बच्चों की जान से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।
Supreme Court Stray Dogs Verdict आज उन याचिकाओं पर फैसला देगा, जिनमें पहले दिए गए आदेशों में बदलाव की मांग की गई थी। इस केस में केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, पशु अधिकार संगठन, डॉग लवर्स, डॉग बाइट पीड़ित और Animal Welfare Board of India (AWBI) समेत कई पक्ष शामिल हैं।
आखिर मामला क्या है?
पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते स्ट्रे डॉग अटैक पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि राजधानी को “आवारा कुत्तों से मुक्त” किया जाना चाहिए और सभी स्ट्रे डॉग्स को पकड़कर विशेष शेल्टर में भेजा जाए।
लेकिन इस आदेश का कई पशु अधिकार संगठनों और एक्टिविस्ट्स ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह आदेश व्यवहारिक नहीं है और इससे जानवरों के अधिकार प्रभावित होंगे। इसके बाद कई याचिकाएं दायर हुईं, जिन पर आज फैसला आने वाला है।
देश में क्यों बढ़ रहा है स्ट्रे डॉग संकट?
Dog Bite Crisis India 2026
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║ 🚨 भारत में डॉग बाइट अलर्ट 🚨 ║
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║ लाखों लोग हर साल शिकार ║
║ बच्चों और बुजुर्गों पर खतरा ║
║ Rabies के मामले भी चिंता ║
║ नगर निगमों पर उठे सवाल ║
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विशेषज्ञों के अनुसार, नसबंदी कार्यक्रमों की धीमी रफ्तार, कचरा प्रबंधन की खराब व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही इस समस्या की बड़ी वजह हैं। कई राज्यों में स्ट्रे डॉग्स के हमलों से बच्चों और बुजुर्गों की मौत तक हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था:
“अगर आप कुत्तों को खाना खिलाना चाहते हैं, तो उन्हें अपने घर ले जाइए।”
कोर्ट ने यह भी कहा था कि डॉग बाइट मामलों में राज्यों को “भारी मुआवजा” देना पड़ सकता है।
आज के फैसले पर पूरे देश की नजर
आज आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि:
- क्या स्ट्रे डॉग्स को सड़कों से हटाया जाएगा?
- क्या नगर निगमों को नई जिम्मेदारियां दी जाएंगी?
- क्या AWBI और स्थानीय संस्थाओं की शक्तियां बढ़ेंगी?
- क्या डॉग बाइट पीड़ितों को मुआवजा मिलेगा?
इस फैसले का असर देशभर की नगर पालिकाओं, पशु अधिकार कानूनों और आम जनता की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
