अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैले Ebola Virus outbreak ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। तेजी से बढ़ते मामलों और मौतों के बीच World Health Organization (WHO) ने इसे Global Health Emergency (PHEIC) घोषित कर दिया है। पड़ोसी देश युगांडा तक संक्रमण पहुंचने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं।
कांगो में Ebola का कहर, 20 दिनों में बिगड़े हालात
कांगो के कई हिस्सों में Ebola संक्रमण तेजी से फैल रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव है।
- पिछले कुछ हफ्तों में सैकड़ों संदिग्ध केस सामने आए
- करीब 100+ मौतों की पुष्टि, जबकि कुछ रिपोर्टों में संख्या और ज्यादा बताई जा रही है
- कई ग्रामीण और सीमावर्ती इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित
- संक्रमण के कुछ मामले युगांडा बॉर्डर तक पहुंच चुके हैं
स्थानीय प्रशासन और हेल्थ टीम लगातार कंट्रोल की कोशिश में जुटी हैं, लेकिन हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं।
नया Ebola Strain क्यों बढ़ा रहा चिंता?
इस बार फैला हुआ वायरस Bundibugyo Ebola strain बताया जा रहा है, जो पहले भी खतरनाक माना गया है।
इसकी वजह से चिंता और बढ़ गई है क्योंकि:
- इसके लिए अभी कोई पूरी तरह approved इलाज या vaccine उपलब्ध नहीं है
- यह तेजी से फैलने वाला वायरस माना जाता है
- कमजोर हेल्थ सिस्टम वाले क्षेत्रों में स्थिति और बिगड़ सकती है
WHO ने क्यों घोषित की Global Health Emergency?
WHO ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर मानते हुए कहा है कि:
- वायरस के देशों की सीमाएं पार करने का खतरा बढ़ गया है
- अफ्रीका के बाहर फैलने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
- तुरंत global coordination और monitoring जरूरी है
WHO ने इसे एक “serious public health threat” बताया है और सभी देशों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।
India Ebola Alert: भारत क्यों है सतर्क?
भारत में अभी तक कोई Ebola केस नहीं मिला है, लेकिन सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
- एयरपोर्ट्स पर strict health screening शुरू
- अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों पर खास निगरानी
- अस्पतालों को संदिग्ध मामलों के लिए तैयार रहने के निर्देश
- स्वास्थ्य मंत्रालय की नियमित मॉनिटरिंग
भारत में फिलहाल जोखिम कम है, लेकिन international travel के कारण सतर्कता जरूरी मानी जा रही है।
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