प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। CM ने कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल विरोध की राजनीति करने में लगा हुआ है और सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को नजरअंदाज कर रहा है।
एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का प्रदेश नेतृत्व हर मुद्दे पर सरकार का विरोध करने में व्यस्त रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हो रहे विकास कार्य, नई परियोजनाएं और जनता के हित में लिए जा रहे फैसले विपक्ष को दिखाई नहीं देते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष इन उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय केवल आलोचना करने में लगा हुआ है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान ने प्रदेश की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस जारी है।
