Abhijeet Deepke ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्होंने दावा किया कि हिंसा के दौरान भाजपा के लोग ही पत्थरबाजी कर रहे थे और पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
मेट्रो स्टेशन बंद होने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
इधर, हिंसा के बाद सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस मुद्दे पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सर्वोच्च न्यायालय इस मामले में हस्तक्षेप करेगा।
सीजेआई की इस टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि अदालत पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर उचित आदेश जारी कर सकती है।
लोगों की परेशानी बढ़ी
मेट्रो स्टेशन बंद होने से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द हालात सामान्य कर सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को पूरी तरह बहाल करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
जांच और कार्रवाई पर सबकी नजर
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच लोगों की उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
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