भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को मजबूत करने के लिए अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। यह वही समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस की सप्लाई होती है, लेकिन लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Risks) ने इसे बेहद संवेदनशील बना दिया है।
इसी पृष्ठभूमि में भारत और ओमान के बीच एक पुराने लेकिन महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को फिर से गति मिली है—गुजरात से ओमान तक सीधा ऊर्जा और व्यापार कॉरिडोर।
India–Oman Corridor: क्या है पूरा प्लान?
इस प्रस्तावित योजना के तहत ओमान के रणनीतिक पोर्ट्स जैसे Duqm और Sohar को भारत के गुजरात स्थित प्रमुख बंदरगाहों—मुंद्रा और कांडला—से जोड़ा जाएगा।
इसका मकसद सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि एक मजबूत alternate supply route तैयार करना है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट में भारत की ऊर्जा सप्लाई बाधित न हो।
सबसे बड़ा गेमचेंजर: Deep Sea Gas Pipeline Project
इस पूरे प्लान का सबसे अहम हिस्सा है प्रस्तावित डीप-सी गैस पाइपलाइन, जो ओमान से सीधे गुजरात तक बिछाई जा सकती है।
- अनुमानित लागत: करीब ₹40,000 करोड़
- संभावित समय: 5 से 7 साल
- उद्देश्य: सुरक्षित और सीधे गैस सप्लाई रूट तैयार करना
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो भारत को मध्य-पूर्व की सप्लाई चेन पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।
क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम लेकिन सबसे जोखिम भरा तेल मार्ग माना जाता है।
- दुनिया के लगभग 20% तेल-गैस का ट्रांजिट यहीं से होता है
- किसी भी तनाव या ब्लॉकेज का सीधा असर भारत की ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है
- सप्लाई चेन में रुकावट से महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ सकता है
इसीलिए भारत अब “single route dependency” से निकलकर multi-route energy strategy अपना रहा है।
30 साल पुराना सपना, अब क्यों हो रहा एक्टिव?
भारत–ओमान ऊर्जा सहयोग की यह सोच नई नहीं है। यह योजना पिछले करीब 30 साल से चर्चा में थी, लेकिन कभी तकनीकी तो कभी राजनीतिक कारणों से आगे नहीं बढ़ सकी।
अब बदलते वैश्विक हालात, ऊर्जा संकट और समुद्री सुरक्षा चिंताओं ने इस प्रोजेक्ट को फिर से प्राथमिकता दिलाई है।
ओमान क्यों है भारत के लिए इतना अहम?
- होर्मुज स्ट्रेट के पास लेकिन उससे बाहर वैकल्पिक समुद्री पहुंच
- स्थिर और भारत के साथ मजबूत कूटनीतिक रिश्ते
- निवेश और लॉजिस्टिक्स के लिए सुरक्षित वातावरण
- ऊर्जा व्यापार के लिए रणनीतिक लोकेशन
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