अमेरिका में H-1B Visa को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 1 लाख डॉलर यानी करीब 95 लाख रुपये के अतिरिक्त शुल्क को रद्द कर दिया है।
इस फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अदालत के निर्णय की कड़ी आलोचना की। न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में NBA फाइनल देखने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ऐसे न्यायिक फैसले प्रशासन के कामकाज में बड़ी मुश्किलें पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ जजों के फैसले देश के लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं और इससे अमेरिका को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
दरअसल, मैसाचुसेट्स की एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए इस भारी शुल्क को अवैध करार दिया। अदालत का कहना था कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के इतना बड़ा शुल्क लागू नहीं किया जा सकता।
यह मामला तब सामने आया जब कैलिफोर्निया समेत 19 राज्यों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। कोर्ट के आदेश के बाद अब अमेरिका में इमिग्रेशन नीति और न्यायपालिका की भूमिका को लेकर बहस और तेज हो गई है।

