Global War के बीच भारत की मजबूत Energy Strategy
वैश्विक युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के बीच जब दुनिया के कई देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे थे, उसी समय भारत ने अपनी रणनीतिक कूटनीति और समझदारी भरी ऊर्जा नीति के दम पर स्थिति को संभाल लिया। PM Modi ने बताया कि भारत को इस कठिन दौर में भी करीब 40 देशों से लगातार तेल (Crude Oil) की सप्लाई मिलती रही, जिससे देश में ईंधन संकट नहीं पैदा हुआ।
🇮🇳 PM Modi का बड़ा बयान: India ने अपनाई “Diversification” नीति
Narendra Modi ने कहा कि भारत ने समय रहते यह समझ लिया था कि केवल एक या दो देशों पर निर्भर रहना भविष्य में बड़ा जोखिम बन सकता है। इसी वजह से देश ने अपनी तेल आपूर्ति को कई देशों में बांटकर “डायवर्सिफिकेशन” की नीति अपनाई।
LPG कीमतों में बड़ा खतरा टला
प्रधानमंत्री के अनुसार, अगर यह रणनीति नहीं अपनाई जाती तो हालात काफी गंभीर हो सकते थे और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 2000 रुपये तक पहुंच सकती थीं। लेकिन सरकार की सक्रिय कूटनीति और ऊर्जा नीति ने आम लोगों को महंगाई के बड़े झटके से बचा लिया।
कई देशों से मजबूत हुई सप्लाई चेन
इस दौरान भारत ने न सिर्फ अपने पारंपरिक सप्लाई पार्टनर्स पर भरोसा बनाए रखा, बल्कि नए देशों से भी ऊर्जा समझौते किए। इससे सप्लाई चेन मजबूत रही और अंतरराष्ट्रीय संकट का असर भारतीय बाजार पर सीमित रहा।
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