आतंकवाद के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाने वाली केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उनके सहयोगी नेटवर्क से जुड़े 23 लोगों को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी (Individual Terrorist) घोषित कर दिया है।
सरकार का कहना है कि ये सभी व्यक्ति लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इन पर जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं की भर्ती करने, हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई कराने, घुसपैठ की साजिश रचने और आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
आतंकवाद पर सरकार का बड़ा संदेश
हाल के वर्षों में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीति को और अधिक आक्रामक बनाया है। इसी कड़ी में गृह मंत्रालय ने यह कार्रवाई की है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकियों को UAPA के तहत सूचीबद्ध करने से उनके आर्थिक नेटवर्क, संपत्तियों और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर कानूनी शिकंजा कसना आसान हो जाएगा।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को रोकने और आतंकवाद की फंडिंग पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
क्यों हुई यह कार्रवाई?
गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश लोग पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों के सक्रिय सदस्य या सहयोगी हैं। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में सामने आया कि ये लोग आतंकियों की भर्ती, ट्रेनिंग, फंडिंग, सीमा पार से घुसपैठ कराने और ड्रोन के जरिए हथियार व विस्फोटक पहुंचाने जैसे कामों में शामिल रहे हैं।
इसके अलावा सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने में भी इनकी भूमिका सामने आई है।
इन आतंकी संगठनों से जुड़े हैं आरोपी
सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, घोषित किए गए आतंकियों का संबंध मुख्य रूप से इन संगठनों से है—
- जैश-ए-मोहम्मद (JeM)
- लश्कर-ए-तैयबा (LeT)
- हिज्बुल मुजाहिदीन
- द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)
- पाकिस्तान समर्थित अन्य आतंकी नेटवर्क
देखें 23 घोषित आतंकवादियों की पूरी List
- अब्दुल रऊफ
- हाफिज खालिद वलीद
- राना इफ्तिखार
- मसूद इलियास कश्मीरी
- मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ डॉक्टर
- मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद
- अबू बकर
- अबू अकरम
- अबू तल्हा
- अबू उस्मान
- कारी अब्दुल मलिक
- मोहम्मद अदील
- सैफुल्लाह
- अब्दुल समद
- अबू हमजा
- अबू अनस
- अब्दुल मोमिन
- अबू हुजैफा
- अबू जर्रार
- अबू हारिस
- मोहम्मद उमर
- अबू शोएब
- अबू सुफियान
UAPA के तहत आतंकवादी घोषित होने का क्या मतलब है?
किसी व्यक्ति को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद सरकार को उसके खिलाफ व्यापक कानूनी कार्रवाई का अधिकार मिल जाता है। ऐसे व्यक्ति की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन पर नजर रखी जा सकती है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ जानकारी साझा कर उसके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता भी मजबूत होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आतंकवादी संगठनों की फंडिंग और उनके सहयोगी नेटवर्क पर भी असर पड़ता है।
आगे क्या होगा?
सुरक्षा एजेंसियां अब इन घोषित आतंकवादियों से जुड़े नेटवर्क, फंडिंग चैनल और सहयोगियों की गतिविधियों पर और अधिक नजर रखेंगी। सरकार का उद्देश्य केवल व्यक्तियों को सूचीबद्ध करना नहीं, बल्कि आतंकवाद के पूरे तंत्र को कमजोर करना है।
केंद्र सरकार पहले भी कई संगठनों और व्यक्तियों को UAPA के तहत आतंकवादी घोषित कर चुकी है। ताजा फैसला उसी नीति की अगली कड़ी माना जा रहा है, जिसके जरिए भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को लगातार मजबूत कर रहा है।
