WhatsApp अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। कंपनी जल्द ही Username Feature लॉन्च कर सकती है, जिसके बाद लोगों को चैट करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन यह नया फीचर भारत में लॉन्च होने से पहले ही विवादों में आ गया है। इसी मामले में अब केंद्र सरकार ने Meta को अपना पक्ष रखने के लिए 9 जुलाई तक का समय दिया है।
WhatsApp का नया Username Feature क्या है?
अभी तक WhatsApp पर किसी से बात करने के लिए उसका मोबाइल नंबर होना जरूरी होता है। लेकिन नए Username Feature के आने के बाद यूजर्स अपनी एक यूनिक आईडी (Username) बना सकेंगे। इसके जरिए बिना नंबर बताए भी दूसरे लोग उनसे संपर्क कर पाएंगे।
यह फीचर Telegram और कुछ अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूजर की निजी जानकारी पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित रह सकती है।
आखिर विवाद क्यों शुरू हुआ?
जैसे ही इस फीचर की जानकारी सामने आई, इसे लेकर कई सवाल उठने लगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो फर्जी अकाउंट, ऑनलाइन ठगी और पहचान छिपाकर गलत गतिविधियों की आशंका बढ़ सकती है।
दूसरी ओर, कानून लागू करने वाली एजेंसियों का भी मानना है कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान केवल Username तक सीमित रह जाएगी, तो जांच के दौरान चुनौतियां सामने आ सकती हैं। यही वजह है कि सरकार इस फीचर के हर पहलू को गंभीरता से देख रही है।
सरकार ने Meta को क्यों दी अतिरिक्त मोहलत?
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने Meta को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। अब कंपनी 9 जुलाई तक यह बताएगी कि उसका नया Username सिस्टम भारतीय कानूनों, डेटा सुरक्षा नियमों और यूजर प्राइवेसी के बीच संतुलन कैसे बनाएगा।
सरकार यह भी जानना चाहती है कि इस फीचर के लागू होने के बाद किसी भी तरह के साइबर अपराध या दुरुपयोग की स्थिति में जांच एजेंसियों को क्या तकनीकी सहयोग मिलेगा।
यूजर्स के लिए क्या बदल सकता है?
अगर WhatsApp यह फीचर लॉन्च करता है, तो यूजर्स को कई नए अनुभव मिल सकते हैं।
- मोबाइल नंबर शेयर किए बिना चैट करना आसान होगा।
- अनजान लोगों के साथ नंबर साझा करने की जरूरत कम होगी।
- प्राइवेसी पहले से बेहतर हो सकती है।
- बिजनेस और क्रिएटर्स के लिए लोगों से जुड़ना आसान हो सकता है।
- वहीं, सुरक्षा और फर्जी प्रोफाइल रोकने के लिए Meta को अतिरिक्त कदम भी उठाने होंगे।
फिलहाल क्या है स्थिति?
अभी WhatsApp का Username Feature आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है। Meta इस पर लगातार काम कर रही है और भारत में इसे लेकर कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। अब सभी की नजर 9 जुलाई पर है, जब कंपनी सरकार के सामने अपना जवाब पेश करेगी।
अगर सरकार और Meta के बीच सहमति बनती है, तो आने वाले समय में WhatsApp यूजर्स को नंबर के बजाय Username से चैट करने की नई सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इसके साथ सुरक्षा और प्राइवेसी के नियमों का पालन सबसे अहम रहेगा।
