भोपाल में वक्फ बोर्ड के नए गठन को लेकर विवाद गहरा गया है। शहर के निकाह काजी मौलाना माज़ खान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना इस्लामी परंपराओं के अनुरूप नहीं है। साथ ही उन्होंने बोर्ड के नए अध्यक्ष के स्वागत समारोह पर भी आपत्ति जताई।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में नए वक्फ बोर्ड का गठन किया है। इस नए बोर्ड में पहली बार दो गैर मुस्लिम सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे लेकर मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। यह फैसला वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत हुए बदलावों के बाद लिया गया है।
निकाह काजी ने क्यों दिया इस्तीफा?
भोपाल के निकाह काजी मौलाना माज़ खान का कहना है कि वक्फ बोर्ड एक धार्मिक संस्था है और इसमें गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका मानना है कि यह फैसला धार्मिक परंपराओं के खिलाफ है।
उन्होंने यह भी कहा कि नए अध्यक्ष के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होना उनके सिद्धांतों के विपरीत था। इसी कारण उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।


