इंग्लैंड क्रिकेट टीम के टेस्ट कोच ब्रेंडन मैकुलम को उनके पद से हटा दिया गया है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने रविवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि एशेज सीरीज से पहले टीम में बदलाव का यह सही समय है।
हालांकि, मैकुलम इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल (वनडे और टी-20) टीम के मुख्य कोच बने रहेंगे।
लगातार हार के बाद लिया गया फैसला
मैकुलम की कोचिंग में इंग्लैंड की टेस्ट टीम का हालिया प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। टीम ने अपने आखिरी 9 टेस्ट मैचों में से 7 मुकाबले गंवा दिए। वहीं, दो सप्ताह पहले न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को उसके घर में 2-1 से टेस्ट सीरीज हराई थी।
सीरीज हारने के बाद कप्तान बेन स्टोक्स ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया। इसके साथ ही चार साल से चर्चा में रहा ‘बैजबॉल’ दौर भी खत्म हो गया।
मैकुलम बोले- फैसले का सम्मान करता हूं
पद से हटाए जाने के बाद ब्रेंडन मैकुलम ने कहा कि टेस्ट टीम के साथ बिताया गया समय उनके करियर का शानदार अनुभव रहा।
उन्होंने कहा, “मैंने टेस्ट टीम को कोच करना बेहद पसंद किया। हमने साथ मिलकर कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। यह फैसला दुखद जरूर है, लेकिन मैं इसका सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा ध्यान व्हाइट-बॉल टीम पर रहेगा।”

2022 में शुरू हुआ था बैजबॉल युग
ब्रेंडन मैकुलम ने 2022 में बेन स्टोक्स के कप्तान बनने के साथ इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। उनकी शुरुआत शानदार रही और टीम ने शुरुआती 11 में से 10 टेस्ट मैच जीते।
हालांकि, बाद में प्रदर्शन लगातार गिरता गया। बतौर टेस्ट कोच उन्होंने कुल 49 मैचों में इंग्लैंड का मार्गदर्शन किया, जिसमें टीम ने 27 मुकाबले जीते, 20 हारे और 2 टेस्ट ड्रॉ रहे।
दिलचस्प बात यह रही कि मैकुलम ने अपने कोचिंग करियर की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 की सीरीज जीत से की थी। वहीं, अंत भी न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-1 की हार के साथ हुआ।

क्या था ‘बैजबॉल’?
मैकुलम के आने से पहले इंग्लैंड ने 17 टेस्ट मैचों में केवल एक जीत दर्ज की थी। ऐसे में उन्होंने खिलाड़ियों से निडर होकर आक्रामक बल्लेबाजी करने को कहा।
उनका मानना था कि स्कोर, पिच या परिस्थिति चाहे जैसी हो, टीम को हमेशा जीत के लिए सकारात्मक क्रिकेट खेलना चाहिए। ब्रेंडन मैकुलम का निकनेम ‘बैज’ (Baz) है, इसलिए इस रणनीति को ‘बैजबॉल’ नाम दिया गया।
इस आक्रामक सोच ने टेस्ट क्रिकेट को नया रोमांच दिया और इंग्लैंड ने कई यादगार जीत दर्ज कीं।

बैजबॉल से मिली कई ऐतिहासिक जीत
बैजबॉल के दौर में इंग्लैंड ने कई बड़े लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए।
- 2022 में ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ 299 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल किया।
- एजबेस्टन टेस्ट में भारत के खिलाफ 378 रन का रिकॉर्ड लक्ष्य चेज किया।
- रावलपिंडी टेस्ट में पहले ही दिन 500 से ज्यादा रन बनाकर नया इतिहास रचा।
- मुल्तान टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ 823 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो 1938 के बाद इंग्लैंड का सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर था।

कई बार आक्रामक रणनीति पड़ी भारी
हालांकि, यही आक्रामक शैली कई मौकों पर इंग्लैंड की हार का कारण भी बनी।
2023 एशेज के पहले टेस्ट में समय से पहले पारी घोषित करने का फैसला उल्टा पड़ गया और ऑस्ट्रेलिया ने रोमांचक जीत दर्ज की।
वेलिंग्टन टेस्ट में जीत के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद इंग्लैंड केवल एक रन से हार गया। वहीं, 2025 में भारत के खिलाफ ओवल टेस्ट में भी बल्लेबाजों ने अनावश्यक आक्रामक शॉट खेलकर मैच गंवा दिया।
इंग्लैंड के सामने नई चुनौती
बेन स्टोक्स के संन्यास और ब्रेंडन मैकुलम के हटने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम फिलहाल बिना नियमित कप्तान और बिना मुख्य कोच के है।
ECB ने नए टेस्ट हेड कोच की तलाश शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एंड्रयू फ्लिंटॉफ, रिचर्ड डॉसन, रयान कैंपबेल और जस्टिन लैंगर इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं, कप्तानी की दौड़ में हैरी ब्रूक सबसे आगे बताए जा रहे हैं।

क्या अब खत्म हो जाएगा बैजबॉल?
मैकुलम और स्टोक्स के जाने के बाद इंग्लैंड की टेस्ट रणनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि एशेज 2027 को ध्यान में रखते हुए टीम अब सीमिंग पिचों पर ज्यादा फोकस करेगी और बल्लेबाजी का तरीका भी बदल सकता है।
हालांकि, टीम की नई दिशा काफी हद तक नए कप्तान और नए मुख्य कोच की सोच पर निर्भर करेगी।
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