देश के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना दिया। चांदी की कीमत में एक ही दिन में ₹3,159 प्रति किलोग्राम की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव ₹2.22 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,150 बढ़कर ₹1.43 लाख हो गई। लगातार बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण सोना और चांदी दोनों की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। यदि यही रुझान आगे भी जारी रहा, तो इस साल के अंत तक 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.60 लाख तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा Gold और Silver सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। चांदी ने पहली बार ₹2.22 लाख प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया, जबकि सोना भी अपने नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाजार जानकारों के मुताबिक, यह तेजी केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार मजबूती बनी हुई है। बीते कुछ महीनों से सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच कीमती धातुओं में निवेश को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में तेजी के पीछे कई अहम वजहें हैं। दुनिया के कई हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताएं और महंगाई का दबाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित कर रहा है। इसके अलावा, दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। वहीं, चांदी की मांग केवल निवेश तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी, ऑटोमोबाइल और अन्य उद्योगों में इसका उपयोग बढ़ने से इसकी कीमतों को भी लगातार समर्थन मिल रहा है। क्या इस साल ₹1.60 लाख तक पहुंच सकता है Gold? कई मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग मजबूत रहती है, तो इस साल 10 ग्राम सोना ₹1.60 लाख तक पहुंच सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सोना अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुके भाव को देखते हुए एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। चांदी में भी भविष्य की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं, क्योंकि निवेश के साथ-साथ औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है। आम ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर? सोना और चांदी के लगातार महंगे होने का सीधा असर आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है। आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन से पहले बढ़ती कीमतों के कारण लोगों का बजट प्रभावित हो सकता है। हालांकि, ज्वेलरी कारोबारियों का मानना है कि जरूरत के मुताबिक खरीदारी जारी रहेगी, लेकिन महंगे दामों के कारण मांग में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!