नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। रविवार को जंतर-मंतर पर उनकी पत्नी गीतांजलि ने कहा कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात करें और संसद में उनकी मांगों पर चर्चा कराने का भरोसा दें, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
गीतांजलि ने कहा कि सोनम वांगचुक की प्रमुख मांग देश की शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उनका उद्देश्य इस मुद्दे पर संसद में गंभीर बहस कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि वांगचुक को सरकारी सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है।
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि स्वास्थ्य बिगड़ने और डिवीजन बेंच के निर्देशों के चलते वांगचुक को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अदालत ने माना कि सरकार की कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता और उन्हें उनकी सहमति के अनुसार इलाज व दवाएं दी जा रही हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को तीन दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
दिनभर के प्रमुख अपडेट्स
- शबाना आजमी, प्रकाश राज और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।
- डॉक्टरों के अनुसार वांगचुक की ब्लड सेल्स में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- दिल्ली पुलिस ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने मार्च निकालने की अनुमति नहीं ली थी, इसलिए क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई है।
- गीतांजलि ने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल प्रशासन नियमित स्वास्थ्य रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा रहा है।
- नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला भी सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मिले।
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