इजराइल और हिजबुल्लाह (Hezbollah) के बीच तनाव के बीच दक्षिणी लेबनान में बड़ी सैन्य कार्रवाई हुई है। इजराइली सेना ने हिजबुल्लाह के एक बड़े Underground Tunnel Network को विस्फोट कर ध्वस्त करने का दावा किया है। यह सुरंग करीब 2 किलोमीटर लंबी बताई जा रही है। इसे उड़ाने के बाद इलाके में इतना तेज कंपन महसूस हुआ कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 4.1 Magnitude की भूकंपीय गतिविधि दर्ज की।
इजराइल के मुताबिक यह कोई सामान्य सुरंग नहीं थी, बल्कि हिजबुल्लाह का एक बड़ा भूमिगत सैन्य परिसर था। सेना का दावा है कि यहां हथियारों के साथ-साथ कमांड और ऑपरेशनल गतिविधियों के लिए भी इंतजाम किए गए थे।
इजराइल ने क्यों उड़ाई हिजबुल्लाह की सुरंग?
इजराइली सेना के अनुसार यह Underground Complex दक्षिणी लेबनान के Ali al-Taher Ridge क्षेत्र में बनाया गया था। सेना का दावा है कि हिजबुल्लाह ने इस इलाके में अपनी सैन्य क्षमता को छिपाने के लिए जमीन के नीचे लंबा नेटवर्क तैयार किया था।
इजराइल का कहना है कि इस सुरंग के भीतर हथियार रखने की जगह, कमांड सेंटर और लड़ाकों के लंबे समय तक भूमिगत रहने के इंतजाम मौजूद थे। यही वजह है कि इसे नष्ट करना इजराइली सेना के लिए एक अहम ऑपरेशन माना जा रहा है।
जोरदार Blast के बाद आया 4.1 का कंपन
सुरंग को नष्ट करने के लिए किए गए विस्फोट के बाद आसपास के इलाके में जोरदार कंपन महसूस किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS ने इस दौरान 4.1 तीव्रता की भूकंपीय गतिविधि दर्ज की।
इस घटना ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि यह कंपन प्राकृतिक भूकंप के बजाय बड़े सैन्य विस्फोट के बाद दर्ज किया गया था। धमाके की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका असर आसपास के क्षेत्र में महसूस किया गया।
Tunnel के अंदर हथियारों का जखीरा होने का दावा
इजराइली सेना ने दावा किया है कि इस भूमिगत परिसर में रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन और एंटी-टैंक हथियारों समेत कई तरह की सैन्य सामग्री मौजूद थी। यहां हिजबुल्लाह की Badr Unit से जुड़ा कमांड ढांचा होने की बात भी कही गई है।
इजराइल लंबे समय से हिजबुल्लाह के Underground Infrastructure को अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताता रहा है। ऐसे में इस सुरंग का नष्ट किया जाना इजराइल की सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
Netanyahu का बड़ा बयान, बोले- Mission Complete
कार्रवाई के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ऑपरेशन को लेकर संतोष जताया। इजराइली नेतृत्व ने संकेत दिया कि इलाके में सुरक्षा से जुड़े अभियान का अहम लक्ष्य हासिल कर लिया गया है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दक्षिणी लेबनान में तनाव खत्म हो गया है। इजराइल की ओर से साफ कहा गया है कि इलाके पर निगरानी जारी रहेगी और हिजबुल्लाह को दोबारा अपना सैन्य ढांचा खड़ा करने से रोकने की कोशिश की जाएगी।
South Lebanon में अभी भी तनाव बरकरार
दक्षिणी लेबनान लंबे समय से इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच टकराव का प्रमुख क्षेत्र रहा है। यहां जमीन के ऊपर सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ Underground Networks को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।
2 किलोमीटर से ज्यादा लंबे सुरंग नेटवर्क का ध्वस्त किया जाना इस बात का संकेत है कि जमीन के नीचे बनाए गए सैन्य ढांचे को लेकर इजराइल कितना गंभीर है। अब इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या क्षेत्र में तनाव कम होगा या आने वाले दिनों में Israel-Hezbollah Conflict और बढ़ सकता है।
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