IRAQ एक बार फिर मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव का केंद्र बन गया है। अमेरिका और सऊदी अरब की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। इन हमलों में PMF के कम से कम 10 लड़ाकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में ईरान समर्थित समूहों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से की गई। हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ईरान का जवाब, दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें
हवाई हमलों के कुछ ही समय बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि मिसाइलों से हुए नुकसान और संभावित हताहतों को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव और अधिक बढ़ सकता है। यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।
आम लोगों में बढ़ी चिंता
लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई के कारण इराक और आसपास के इलाकों में रहने वाले आम लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो क्षेत्र में बड़े संघर्ष की स्थिति बन सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील कर रहा है।
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