संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। विपक्ष ने इस मामले को लेकर संसद परिसर से लेकर लोकसभा के अंदर तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में नजर आए। उनके हाथ में पूजा की थाली थी, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से चंदा डालकर विरोध का समर्थन किया। इस अनोखे प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो पूरे दिन चर्चा का विषय बने रहे।
Ram Mandir Donation Row पर विपक्ष का विरोध
विपक्ष का आरोप है कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गड़बड़ियां हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव का पुजारी वाला रूप सभी का ध्यान खींचता नजर आया। उनके साथ मौजूद विपक्षी नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाए, जबकि राहुल गांधी ने पूजा की थाली में प्रतीकात्मक चंदा डालकर इस विरोध को समर्थन दिया।
लोकसभा में नहीं चल सकी कार्यवाही
संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांगता रहा, जबकि सत्ता पक्ष ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। कई बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद जब स्थिति सामान्य नहीं हुई तो लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सरकार ने आरोपों को किया खारिज
सरकार और भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहा है और चढ़ावे के प्रबंधन में किसी तरह की अनियमितता नहीं है।
विपक्ष धार्मिक आस्था से जुड़े विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाकर संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा । वहीं विपक्ष का कहना है कि यदि सब कुछ पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
जांच की मांग पर अड़ा विपक्ष
विपक्ष ने मांग की है कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सवालों का जवाब भी मिल सकेगा।
दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि मंदिर ट्रस्ट निर्धारित नियमों के तहत काम कर रहा है और बिना ठोस सबूतों के लगाए जा रहे आरोप केवल राजनीतिक बयानबाजी हैं।
सोशल मीडिया पर छाया संसद का यह प्रदर्शन
पप्पू यादव के पुजारी वाले अंदाज और राहुल गांधी द्वारा चढ़ावे की थाली में चंदा देने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। किसी ने इसे विपक्ष का अनोखा विरोध बताया तो किसी ने इसे राजनीतिक प्रतीकवाद करार दिया।
अब यह मुद्दा संसद के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी रहने की संभावना है।
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