दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देता है। Iran से जुड़े हालिया संघर्ष के दौरान जहां कई देशों में पेट्रोल-डीजल और जरूरी सामान महंगे हुए, वहीं दुनिया की छह बड़ी तेल कंपनियों ने रिकॉर्ड मुनाफा कमाया।
रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। इसका सबसे बड़ा फायदा तेल उत्पादन और कारोबार करने वाली बड़ी कंपनियों को मिला। इन कंपनियों ने अरबों डॉलर का मुनाफा दर्ज किया, जबकि आम लोग बढ़ती महंगाई और महंगे ईंधन की कीमतों से परेशान रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी किसी बड़े तेल उत्पादक क्षेत्र में युद्ध या तनाव बढ़ता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ जाती है। इसी वजह से कच्चे तेल के दाम ऊपर चले जाते हैं और तेल कंपनियों की कमाई में भारी इजाफा होता है।
दूसरी ओर, तेल महंगा होने का असर केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता। परिवहन खर्च बढ़ने से खाद्य पदार्थों, रोजमर्रा के सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी और घरेलू बजट पर पड़ता है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और तनाव अगर लंबे समय तक बना रहा तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में आम लोगों के लिए राहत मिलना आसान नहीं होगा, जबकि बड़ी ऊर्जा कंपनियां लगातार मुनाफा कमाती रहेंगी।
