आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: ₹1.42 लाख पर आया सोना, अक्टूबर में ₹6,000 तक घटे दाम◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 25 हजार रुपए रिश्वत लेते पटवारी का वीडियो वायरल, कलेक्टर ने किया सस्पेंड◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, नियुक्ति पत्र की मांग पर सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन◆BREAKINGदेश-हरपलNagpur Election Result: अभिजीत वंजारी की जीत, फडणवीस के Tweet पर मचा सियासी घमासान◆BREAKINGदेश-हरपलAbdullah Azam Bail: बेटे अब्दुल्ला को जमानत, आजम खान को भी High Court से राहत◆BREAKINGदेश-हरपलIndia Weather Alert: ओडिशा में 300 गांव प्रभावित, MP समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी◆BREAKINGमध्य प्रदेशखंडवा में 6 पुलिस अधिकारियों के तबादले, रामेश्वर और मोरटक्का चौकी को मिले नए प्रभारी◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में कैंसर सर्वाइवर्स की देखभाल के लिए 49 मेडिकल ऑफिसर्स को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: ₹1.42 लाख पर आया सोना, अक्टूबर में ₹6,000 तक घटे दाम◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में 25 हजार रुपए रिश्वत लेते पटवारी का वीडियो वायरल, कलेक्टर ने किया सस्पेंड◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, नियुक्ति पत्र की मांग पर सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन◆BREAKINGदेश-हरपलNagpur Election Result: अभिजीत वंजारी की जीत, फडणवीस के Tweet पर मचा सियासी घमासान◆BREAKINGदेश-हरपलAbdullah Azam Bail: बेटे अब्दुल्ला को जमानत, आजम खान को भी High Court से राहत◆BREAKINGदेश-हरपलIndia Weather Alert: ओडिशा में 300 गांव प्रभावित, MP समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी◆BREAKINGमध्य प्रदेशखंडवा में 6 पुलिस अधिकारियों के तबादले, रामेश्वर और मोरटक्का चौकी को मिले नए प्रभारी◆BREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में कैंसर सर्वाइवर्स की देखभाल के लिए 49 मेडिकल ऑफिसर्स को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

सागर में पानी से भरे गड्ढे में डूबे दो सगे भाई, 8 और 3 साल के बच्चों की मौत

Table of Content

सागर। सागर के कैंट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम भैंसा के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दो सगे भाइयों की मौतहो गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने बच्चों को पानी से बाहर निकालने की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों में 8 और 3 साल के सगे भाई

प्राथमिक जांच के अनुसार मृतकों की पहचान कार्तिक बंसल (8 वर्ष) और उसके छोटे भाई मक्कू बंसल (3 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों भगवानगंज स्थित रेलवे ब्रिज के पास रहने वाले भागीरथ बंसल के बेटे थे।

पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें मोर्चरी में रखवाया है। कैंट पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पैर फिसलने से पानी में गिरने की आशंका

आसपास के लोगों के मुताबिक, दोनों भाई कुएं के पास बने गड्ढे के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गए।

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

हादसे के बाद परिवार में मातम

दो मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे ने बताया कि पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Gold

Gold Price Today: ₹1.42 लाख पर आया सोना, अक्टूबर में ₹6,000 तक घटे दाम

सोना-चांदी (Gold-Silver) खरीदने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बाजार से राहत भरी खबर है। 29 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोना ₹563 सस्ता होकर करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी के भाव में ₹2,945 की कमी आई। अक्टूबर महीने में अब तक सोने की कीमत करीब ₹6,000 तक नीचे आ चुकी है। लगातार बदलते भाव के बीच अब खरीदारों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कीमतें और गिरेंगी या बाजार में फिर तेजी लौटेगी। Gold Rate Today: आज कितना सस्ता हुआ सोना? गुरुवार को सोने की कीमत में ₹563 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद सोने का भाव करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। अक्टूबर में अब तक सोने की कीमत में लगभग ₹6,000 की कमी आ चुकी है। हालांकि, सोने का भाव उसकी शुद्धता, शहर और बाजार के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। 24 कैरेट सोना मुख्य रूप से निवेश के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि गहने बनाने के लिए आमतौर पर 22 कैरेट सोना खरीदा जाता है। त्योहारी सीजन में सोने की खरीदारी करने वालों के लिए कीमतों में आई यह गिरावट अहम है। लेकिन खरीदारी करने से पहले स्थानीय ज्वेलर से ताजा भाव पता करना जरूरी है। Silver Rate Today: चांदी की कीमत में भी बड़ी गिरावट सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। आज चांदी ₹2,945 प्रति किलोग्राम सस्ती हुई। अक्टूबर महीने के दौरान चांदी के भाव में करीब ₹30,000 प्रति किलोग्राम की गिरावट बताई जा रही है। चांदी का इस्तेमाल केवल गहने और सिक्के खरीदने तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसकी मांग रहती है। इसलिए चांदी की कीमतों पर निवेशकों के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है। अक्टूबर में सोना-चांदी कितना सस्ता हुआ? इस महीने की कीमतों पर नजर डालें तो दोनों कीमती धातुओं में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली है। ये आंकड़े संबंधित बाजार अपडेट पर आधारित हैं। अलग-अलग स्रोतों में भाव और दैनिक बदलाव अलग हो सकते हैं। Gold-Silver Price क्यों गिर रहे हैं? सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे कई वजहें होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग, अमेरिकी डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें इनकी कीमतों को प्रभावित करती हैं। जब डॉलर मजबूत होता है या निवेशकों को दूसरे विकल्प आकर्षक लगते हैं, तो सोने पर दबाव आ सकता है। दूसरी ओर, वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर सोने की मांग में तेजी भी देखने को मिल सकती है। चांदी की कीमतें भी इन्हीं कारकों से प्रभावित होती हैं। इसके अलावा उद्योगों में चांदी की मांग बढ़ने या घटने से भी बाजार में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसलिए केवल एक दिन की गिरावट देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि सोना-चांदी आगे भी लगातार सस्ते होते रहेंगे। क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा? कीमतों में गिरावट के बाद कई खरीदारों के मन में यह सवाल है कि अभी खरीदारी करें या कुछ दिन और इंतजार करें। इसका जवाब आपकी जरूरत और खरीदारी के उद्देश्य पर निर्भर करता है। अगर आप शादी, त्योहार या किसी खास मौके के लिए गहने खरीद रहे हैं, तो अपने बजट के हिसाब से अलग-अलग ज्वेलर्स के भाव की तुलना कर सकते हैं। वहीं, निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और अपनी वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। ध्यान रखें कि गहने खरीदते समय सोने की कीमत के अलावा मेकिंग चार्ज और GST भी देना होता है। इसलिए बाजार में सोना सस्ता होने के बावजूद अंतिम बिल में उतनी ही कमी हो, यह जरूरी नहीं है। सोना खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

बिलासपुर में 25 हजार रुपए रिश्वत लेते पटवारी का वीडियो वायरल, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जमीन के बंटवारे के नाम पर पटवारी के कथित तौर पर 25 हजार रुपए रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ है। बताया जा रहा है कि वीडियो करीब एक साल पुराना है, जो अब सामने आया है। मामले में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्रवाई करते हुए पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दूसरी ओर, पटवारी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए पचपेड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। जमीन का बंटवारा करने के लिए मांगे थे 50 हजार रुपए जानकारी के मुताबिक, ग्राम लोहर्सी सोन निवासी ओम प्रकाश साहू ने पटवारी का वीडियो बनाया था। ओम प्रकाश के अनुसार, करीब एक साल पहले ऋषिपुरी गोस्वामी की पोस्टिंग लोहर्सी सोन के हल्का नंबर में थी। इसी दौरान कपिल साहू की जमीन का बंटवारा कराने के लिए पटवारी ने कथित तौर पर 50 हजार रुपए की मांग की थी। आरोप है कि ओम प्रकाश ने 25 हजार रुपए देते समय वीडियो बना लिया था। अब यह वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। पटवारी ने ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी ओम प्रकाश साहू के मुताबिक, बाद में पटवारी का तबादला पचपेड़ी हल्का नंबर में कर दिया गया था। ओम प्रकाश ने दावा किया कि इस दौरान पटवारी से जुड़े एक राजस्व प्रकरण को लेकर विवाद हुआ और वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप सामने आया। इसके बाद पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी ने करीब एक सप्ताह पहले पचपेड़ी थाने में ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया था और ओम प्रकाश साहू से भी पूछताछ की थी। बताया गया कि बाद में पटवारी ने अपनी शिकायत से जुड़े मामले में समझौता कर लिया। इसी बीच रिश्वत लेने का कथित वीडियो वायरल हो गया। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर किया निलंबित वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को निलंबित करने का आदेश जारी किया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पचपेड़ी तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्रारंभिक जांच में पटवारी द्वारा रिश्वत लेने की पुष्टि होने की बात कही गई है। राजस्व विभाग की छवि धूमिल करने का उल्लेख कलेक्टर के आदेश में पटवारी के कथित कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में बताया गया है। आदेश के मुताबिक, इस घटना से राजस्व विभाग की छवि धूमिल हुई है। निलंबन अवधि के दौरान ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कलेक्टर ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई जांच और नियमानुसार प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

भोपाल में वर्ग-3 शिक्षक अभ्यर्थियों का चक्काजाम, नियुक्ति पत्र की मांग पर सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन

भोपाल। राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग को लेकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर थालियां बजाने और नारेबाजी करने लगे, जिससे चौराहे पर यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने अभ्यर्थियों को सड़क से हटाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए, जबकि कुछ ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर रास्ता रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान भी हुई। पुलिस यातायात बहाल कराने का प्रयास करती रही। अभ्यर्थियों को हिरासत में लिए जाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक नियुक्ति पत्र जारी करने और जॉइनिंग को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अभ्यर्थी भर्ती नियम के क्लॉज 49 का हवाला देते हुए दस्तावेज सत्यापन के दौरान डीएलएड डिग्री से जुड़ी शर्त पर सवाल उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि मेरिट में स्थान पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर जॉइनिंग दी जाए। 22 दिन पहले भी किया था चक्काजाम प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थियों ने करीब 22 दिन पहले भी नियुक्ति की मांग को लेकर एमपी नगर चौराहे पर चक्काजाम किया था। उस समय प्रदर्शन करीब चार घंटे तक चला था। इसके बाद एसडीएम लाखन सिंह चौधरी और पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद आंदोलन समाप्त हुआ था। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना था कि शिक्षा मंत्री या मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत नहीं हुई और उनकी समस्या का समाधान नहीं निकला, तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। अब नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग को लेकर अभ्यर्थी एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के चलते बोर्ड ऑफिस चौराहे पर यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
अभिजीत वंजारी

Nagpur Election Result: अभिजीत वंजारी की जीत, फडणवीस के Tweet पर मचा सियासी घमासान

महाराष्ट्र की राजनीति में नागपुर से आए एक चुनावी नतीजे ने कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज कर दी है। नागपुर ग्रेजुएट्स विधान परिषद सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। नतीजा आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गया। इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस को विधान परिषद चुनावों में ‘Big Fat Zero’ मिलने की बात कही थी। लेकिन नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद फडणवीस ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया। इसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सभी नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी कर दी थी। नागपुर का यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा, क्योंकि यह फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। दोनों नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था। Nagpur MLC Result: अभिजीत वंजारी ने कितने वोटों से जीत हासिल की? नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले। वहीं, भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 63,960 वोट प्राप्त हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई और गुरुवार, 29 अक्टूबर की तड़के पूरी हुई। नतीजे आने में 40 घंटे से ज्यादा समय लगा। शुरुआत में मुकाबला कड़ा रहा और मतगणना के अलग-अलग चरणों में दोनों उम्मीदवारों की स्थिति बदलती रही। दूसरे राउंड के बाद सुधाकर कोहले 60,924 वोटों के साथ आगे थे, जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट प्राप्त हुए। किसी भी उम्मीदवार को पहली वरीयता के वोटों से जीत के लिए जरूरी कोटा नहीं मिला, इसलिए आगे की वरीयताओं के वोटों की गिनती की गई। अंतिम चरणों में वोटों के हस्तांतरण से मुकाबले का रुख बदला और अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज कर ली। इस परिणाम ने दिखाया कि MLC चुनाव में केवल शुरुआती बढ़त ही नहीं, बल्कि वरीयता वाले वोट भी निर्णायक साबित हो सकते हैं। Fadnavis Tweet Controversy: कांग्रेस को ‘Zero’ बताने वाला पोस्ट क्यों हुआ वायरल? इस विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 अक्टूबर की सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाया था। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए चुनावों का जिक्र करते हुए पूछा था कि कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं। इसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए ‘Big Fat Zero’ वाली टिप्पणी की। उस समय नागपुर सीट की मतगणना पूरी नहीं हुई थी। जब अभिजीत वंजारी की जीत का अंतिम परिणाम सामने आया, तो फडणवीस का पोस्ट राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने अपना पोस्ट हटा दिया। महाराष्ट्र कांग्रेस ने हटाए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए इस पर सवाल उठाए। हालांकि, फडणवीस ने पोस्ट डिलीट करने का कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक रूप से बताया हो, इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती। इसलिए पोस्ट हटाने की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। Maharashtra Congress का पलटवार, 2029 चुनाव का भी किया जिक्र नागपुर में जीत के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फडणवीस को घेरा। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे नतीजे आने से पहले कांग्रेस की हार का मजाक उड़ाया था, लेकिन नागपुर के परिणाम ने तस्वीर बदल दी। कांग्रेस ने अपने पोस्ट में 2029 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और भाजपा को आने वाले चुनावी मुकाबले के लिए तैयार रहने की बात कही। पार्टी ने इस जीत को अपने कार्यकर्ताओं और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता से जोड़कर पेश किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी नागपुर में भाजपा की हार को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के कारण इस परिणाम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं। हालांकि, 2029 के चुनावों में क्या नतीजे आएंगे, यह अभी तय नहीं है। कांग्रेस का बयान उसकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है, न कि भविष्य के चुनाव परिणाम का संकेत देने वाला कोई निश्चित तथ्य। Abhijit Wanjari कौन हैं? लगातार दूसरी बार जीती नागपुर सीट अभिजीत गोविंदराव वंजारी कांग्रेस के नेता, वकील और शिक्षाविद हैं। वह नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। उन्होंने 2020 में भी यह सीट जीती थी और अब लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। वंजारी छात्र राजनीति से कांग्रेस में सक्रिय हुए। वह महाराष्ट्र प्रदेश NSUI में महासचिव रह चुके हैं और युवा कांग्रेस तथा नागपुर जिला कांग्रेस संगठन में भी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। शिक्षा क्षेत्र से भी उनका जुड़ाव रहा है। जीत के बाद वंजारी ने मतदाताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महा विकास अघाड़ी के सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने उन पर भरोसा किया। उन्होंने आगे भी बेरोजगार ग्रेजुएट्स, युवाओं, शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं और सरकारी भर्तियों से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में उठाने की बात कही। पुरानी पेंशन योजना और शिक्षकों-कर्मचारियों की लंबित मांगों पर काम जारी रखने का भरोसा भी जताया। MLC Election Results: महाराष्ट्र की पांच सीटों में किसे मिली जीत? महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। सभी परिणाम सामने आने के बाद विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने तीन सीटें जीतीं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को दो सीटों पर सफलता मिली। मुख्य नतीजे इस प्रकार रहे: इस तरह विपक्षी MVA को तीन सीटें मिलीं, जबकि भाजपा और शिवसेना ने एक-एक सीट जीती। इन नतीजों ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच चुनावी प्रदर्शन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। नागपुर में BJP की हार क्यों बनी चर्चा का विषय? नागपुर को भाजपा का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। गडकरी ने 1990 से 2014 तक करीब 24 वर्षों तक नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद में प्रतिनिधित्व...
आजम खान

Abdullah Azam Bail: बेटे अब्दुल्ला को जमानत, आजम खान को भी High Court से राहत

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दोनों को दो PAN कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर कर दी। हालांकि, कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। ऐसे में यह फैसला दोनों के लिए राहत जरूर लेकर आया है, लेकिन उनकी कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। आजम खान को इस मामले में 10 साल और अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा सुनाई गई थी। अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया और दूसरे लंबित मामलों की स्थिति पर सबकी नजर रहेगी। हाईकोर्ट ने क्या फैसला सुनाया? इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सजा निलंबित करने और जमानत देने का आदेश दिया। दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और जेल से रिहाई की मांग की थी। इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 15 अक्टूबर को अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब 29 अक्टूबर को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने जमानत दे दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसका मतलब है कि दोनों को फिलहाल सजा काटने से राहत मिली है, लेकिन निचली अदालत का दोषी ठहराने वाला फैसला बरकरार है। जमानत और दोषसिद्धि पर रोक दो अलग-अलग कानूनी राहतें हैं। आजम खान को 10 साल और अब्दुल्ला को 7 साल की सजा क्यों हुई? दो PAN कार्ड मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने नवंबर 2025 में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराया था। उस समय दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी और 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद मई 2026 में रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खान की सजा बढ़ाकर 10 साल कर दी। उनका जुर्माना भी बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया। वहीं, अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा बरकरार रखते हुए उनका जुर्माना बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया गया। दोनों ने इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अब हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर जमानत दे दी है। हालांकि, दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। Two PAN Card Case: आखिर क्या है पूरा मामला? इस मामले की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अब्दुल्ला के पास अलग-अलग जन्मतिथियों वाले दो PAN कार्ड थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक PAN कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज थी, जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 लिखी गई थी। आरोप था कि दूसरे PAN कार्ड से जुड़े दस्तावेजों का इस्तेमाल 2017 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान किया गया था। मामले में आजम खान पर भी अपने बेटे के साथ कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगा। निचली अदालत ने दोनों को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया था। आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने इस फैसले को चुनौती दी है। इसलिए मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है। क्या जमानत के बाद जेल से बाहर आएंगे आजम खान? हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आजम खान और अब्दुल्ला आजम अब कब जेल से बाहर आएंगे। हालांकि, किसी एक मामले में जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को हर स्थिति में तुरंत रिहा कर दिया जाएगा। यदि किसी अन्य मामले में हिरासत जारी रखने का आदेश है या जमानत नहीं मिली है, तो रिहाई में देरी हो सकती है। इसलिए दोनों की वास्तविक रिहाई की स्थिति उनके खिलाफ लंबित अन्य मामलों और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी। हाईकोर्ट के इस आदेश से उन्हें दो PAN कार्ड मामले में राहत मिली है, लेकिन रिहाई की स्थिति को लेकर दूसरे मामलों की जानकारी भी जरूरी है। Jauhar University पर ED की कार्रवाई, आजम खान की मुश्किलें चर्चा में आजम खान से जुड़ी एक और बड़ी खबर 28 अक्टूबर को सामने आई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को अटैच करने की कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार, इन संपत्तियों की बुक वैल्यू करीब 426 करोड़ रुपये और अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1,170 करोड़ रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ी जांच के तहत की गई। ED की कार्रवाई जमीन से संबंधित कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है। एजेंसी की कार्रवाई और दो PAN कार्ड मामले अलग-अलग कानूनी मामले हैं। इसलिए हाईकोर्ट से मिली जमानत को विश्वविद्यालय की संपत्तियों से जुड़े मामले में राहत नहीं माना जा सकता। 2027 के UP Election में क्या आजम खान और अब्दुल्ला आजम लड़ पाएंगे चुनाव? हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोनों नेताओं की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा तेज हो सकती है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह सवाल अहम है कि क्या वे चुनाव लड़ सकेंगे। फिलहाल दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई गई है। जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध में दोषसिद्धि होने पर चुनाव लड़ने की अयोग्यता लागू हो सकती है। इसलिए केवल जमानत मिलने या सजा निलंबित होने से चुनाव लड़ने की पात्रता अपने आप बहाल नहीं होती। इस मामले में आगे अदालत का फैसला और लागू कानूनी प्रावधान दोनों नेताओं की राजनीतिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.