महाराष्ट्र की राजनीति में नागपुर से आए एक चुनावी नतीजे ने कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज कर दी है। नागपुर ग्रेजुएट्स विधान परिषद सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। नतीजा आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गया। इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस को विधान परिषद चुनावों में ‘Big Fat Zero’ मिलने की बात कही थी। लेकिन नागपुर में कांग्रेस की जीत के बाद फडणवीस ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।
इसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने सभी नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी कर दी थी। नागपुर का यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा, क्योंकि यह फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। दोनों नेताओं ने भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया था।
Nagpur MLC Result: अभिजीत वंजारी ने कितने वोटों से जीत हासिल की?
नागपुर डिवीजन ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले। वहीं, भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 63,960 वोट प्राप्त हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई और गुरुवार, 29 अक्टूबर की तड़के पूरी हुई। नतीजे आने में 40 घंटे से ज्यादा समय लगा। शुरुआत में मुकाबला कड़ा रहा और मतगणना के अलग-अलग चरणों में दोनों उम्मीदवारों की स्थिति बदलती रही।
दूसरे राउंड के बाद सुधाकर कोहले 60,924 वोटों के साथ आगे थे, जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट प्राप्त हुए। किसी भी उम्मीदवार को पहली वरीयता के वोटों से जीत के लिए जरूरी कोटा नहीं मिला, इसलिए आगे की वरीयताओं के वोटों की गिनती की गई।
अंतिम चरणों में वोटों के हस्तांतरण से मुकाबले का रुख बदला और अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज कर ली। इस परिणाम ने दिखाया कि MLC चुनाव में केवल शुरुआती बढ़त ही नहीं, बल्कि वरीयता वाले वोट भी निर्णायक साबित हो सकते हैं।
Fadnavis Tweet Controversy: कांग्रेस को ‘Zero’ बताने वाला पोस्ट क्यों हुआ वायरल?
इस विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 अक्टूबर की सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाया था। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए चुनावों का जिक्र करते हुए पूछा था कि कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं।
इसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए ‘Big Fat Zero’ वाली टिप्पणी की। उस समय नागपुर सीट की मतगणना पूरी नहीं हुई थी।
जब अभिजीत वंजारी की जीत का अंतिम परिणाम सामने आया, तो फडणवीस का पोस्ट राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने अपना पोस्ट हटा दिया। महाराष्ट्र कांग्रेस ने हटाए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए इस पर सवाल उठाए।
हालांकि, फडणवीस ने पोस्ट डिलीट करने का कोई स्पष्ट कारण सार्वजनिक रूप से बताया हो, इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती। इसलिए पोस्ट हटाने की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
Maharashtra Congress का पलटवार, 2029 चुनाव का भी किया जिक्र
नागपुर में जीत के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फडणवीस को घेरा। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे नतीजे आने से पहले कांग्रेस की हार का मजाक उड़ाया था, लेकिन नागपुर के परिणाम ने तस्वीर बदल दी।
कांग्रेस ने अपने पोस्ट में 2029 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और भाजपा को आने वाले चुनावी मुकाबले के लिए तैयार रहने की बात कही। पार्टी ने इस जीत को अपने कार्यकर्ताओं और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता से जोड़कर पेश किया।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी नागपुर में भाजपा की हार को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के कारण इस परिणाम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं।
हालांकि, 2029 के चुनावों में क्या नतीजे आएंगे, यह अभी तय नहीं है। कांग्रेस का बयान उसकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है, न कि भविष्य के चुनाव परिणाम का संकेत देने वाला कोई निश्चित तथ्य।
Abhijit Wanjari कौन हैं? लगातार दूसरी बार जीती नागपुर सीट
अभिजीत गोविंदराव वंजारी कांग्रेस के नेता, वकील और शिक्षाविद हैं। वह नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। उन्होंने 2020 में भी यह सीट जीती थी और अब लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।
वंजारी छात्र राजनीति से कांग्रेस में सक्रिय हुए। वह महाराष्ट्र प्रदेश NSUI में महासचिव रह चुके हैं और युवा कांग्रेस तथा नागपुर जिला कांग्रेस संगठन में भी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। शिक्षा क्षेत्र से भी उनका जुड़ाव रहा है।
जीत के बाद वंजारी ने मतदाताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महा विकास अघाड़ी के सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने उन पर भरोसा किया।
उन्होंने आगे भी बेरोजगार ग्रेजुएट्स, युवाओं, शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं और सरकारी भर्तियों से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में उठाने की बात कही। पुरानी पेंशन योजना और शिक्षकों-कर्मचारियों की लंबित मांगों पर काम जारी रखने का भरोसा भी जताया।
MLC Election Results: महाराष्ट्र की पांच सीटों में किसे मिली जीत?
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। सभी परिणाम सामने आने के बाद विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने तीन सीटें जीतीं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को दो सीटों पर सफलता मिली।
मुख्य नतीजे इस प्रकार रहे:
- नागपुर ग्रेजुएट्स सीट: कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज की।
- पुणे ग्रेजुएट्स सीट: NCP (शरदचंद्र पवार) की हर्षदा देशमुख-जाधव विजयी रहीं।
- छत्रपति संभाजीनगर ग्रेजुएट्स सीट: NCP (शरदचंद्र पवार) के प्रतापसिंह पाटिल ने जीत हासिल की।
- अमरावती टीचर्स सीट: शिवसेना के किरण सरनाइक विजयी रहे।
- पुणे टीचर्स सीट: भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने जीत दर्ज की।
इस तरह विपक्षी MVA को तीन सीटें मिलीं, जबकि भाजपा और शिवसेना ने एक-एक सीट जीती। इन नतीजों ने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच चुनावी प्रदर्शन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
नागपुर में BJP की हार क्यों बनी चर्चा का विषय?
नागपुर को भाजपा का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। गडकरी ने 1990 से 2014 तक करीब 24 वर्षों तक नागपुर ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र का विधान परिषद में प्रतिनिधित्व किया था।
ऐसे क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार की लगातार दूसरी जीत भाजपा के लिए स्थानीय स्तर पर अहम परिणाम है। चुनाव में भाजपा ने सुधाकर कोहले के समर्थन में प्रचार किया था, लेकिन अंतिम नतीजे में वंजारी आगे निकल गए।
इस जीत के पीछे स्थानीय मतदाताओं का समर्थन, विपक्षी दलों की एकजुटता और वरीयता वाले वोटों की गिनती जैसे पहलू चर्चा में हैं। हालांकि, केवल एक सीट के परिणाम से पूरे महाराष्ट्र में किसी पार्टी की लोकप्रियता के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
Ballot Paper vs EVM: चुनावी प्रक्रिया पर फिर शुरू हुई बहस
प्रधानमंत्री मोदी की बैलेट पेपर वाली टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने भविष्य के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग फिर दोहराई। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े अपने सवाल भी उठाए। पार्टी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई और चुनावी प्रक्रिया पर बहस जारी रखी।
यह राजनीतिक विवाद का हिस्सा है। नागपुर MLC चुनाव का परिणाम अपने आप में EVM या किसी दूसरी चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का प्रमाण नहीं है। ऐसे आरोपों का आकलन ठोस सबूतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।
Rohit Pawar ने भी फडणवीस पर साधा निशाना
NCP (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी फडणवीस के ट्वीट डिलीट करने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नागपुर में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री की पहले की टिप्पणी पर सवाल उठाए।
रोहित पवार ने कहा कि नागपुर में भाजपा के प्रचार और मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत रुचि के बावजूद पार्टी को जीत नहीं मिली। उन्होंने हटाए गए पोस्ट को सत्ता के अहंकार से जोड़कर आलोचना की।
उनकी प्रतिक्रिया ने कांग्रेस के पलटवार को और राजनीतिक समर्थन दिया। हालांकि, यह बयान विपक्षी नेता की राजनीतिक राय है और इसे चुनाव परिणाम से अलग संदर्भ में देखना चाहिए।
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