Ganesh Chaturthi 2026 आज 14 सितंबर को देशभर में गणपति बप्पा के स्वागत की धूम है। कहीं घरों में छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाएं सजाई जा रही हैं, तो कहीं बड़े पंडालों में बप्पा की स्थापना की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भक्तों के बीच सबसे ज्यादा उत्सुकता इस बात को लेकर है कि Ganpati Sthapana का शुभ मुहूर्त कब है।
गणपति स्थापना के लिए आज का मुख्य मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक बताया गया है। माना जाता है कि इस दौरान गणेश जी की पूजा और स्थापना करना विशेष शुभ रहता है।
लेकिन अगर आपका यह मुहूर्त किसी वजह से निकल गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। दिन में कुछ और शुभ समय भी मिल सकते हैं, जिनमें स्थानीय पंचांग के अनुसार बप्पा की स्थापना की जा सकती है।
पहला मुहूर्त निकल गया तो क्या करें?
कई बार ऑफिस, यात्रा या घर के जरूरी कामों के चलते लोग तय समय पर गणपति स्थापना नहीं कर पाते। ऐसे में पूजा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
शुभ, लाभ और अमृत चौघड़िया को धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इसलिए मुख्य स्थापना मुहूर्त निकलने के बाद इन चौघड़ियों में अपने शहर के पंचांग के अनुसार गणपति स्थापना की जा सकती है।
1. शुभ चौघड़िया
शुभ चौघड़िया में पूजा-पाठ और दूसरे मांगलिक कार्य किए जाते हैं। अगर मुख्य मुहूर्त निकल गया है तो स्थानीय पंचांग में शुभ चौघड़िया का समय देखकर बप्पा को घर में स्थापित कर सकते हैं।
2. लाभ चौघड़िया
लाभ चौघड़िया को भी शुभ समय माना जाता है। गणपति स्थापना के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि सही समय शहर के अनुसार बदल सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखना बेहतर रहेगा।
3. अमृत चौघड़िया
अमृत चौघड़िया को शुभ कार्यों के लिए खास माना जाता है। अगर दिन का मुख्य मुहूर्त छूट गया है तो इस समय में भी गणपति स्थापना का विकल्प रखा जा सकता है।
Ganpati Sthapana के लिए मध्याह्न समय क्यों खास?
गणेश चतुर्थी पर मध्याह्न काल का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न के समय हुआ था। यही वजह है कि इस दौरान गणपति की स्थापना और पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है।
शहर के हिसाब से बदल सकता है शुभ समय
गणपति स्थापना के मुहूर्त में स्थान के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर होने की वजह से चौघड़िया भी बदलते हैं।
इसलिए अगर आप भोपाल, इंदौर, दिल्ली, मुंबई या किसी दूसरे शहर में रहते हैं तो अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार Ganpati Sthapana का समय जरूर जांच लें।
घर में ऐसे करें बप्पा का स्वागत
गणपति स्थापना से पहले पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ कर लें। चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद गणपति बप्पा को फूल, दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
पूजा के दौरान गणेश मंत्र का जाप करें और अंत में आरती करें। परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा करें तो त्योहार की खुशी और भी बढ़ जाती है।
मुहूर्त निकल गया है तो घबराएं नहीं
गणेश चतुर्थी सिर्फ शुभ समय देखने का पर्व नहीं, बल्कि बप्पा के स्वागत और आस्था का त्योहार भी है। अगर किसी कारण से मुख्य मुहूर्त निकल गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अपने शहर के पंचांग में दिए गए शुभ समय के अनुसार गणपति स्थापना कर सकते हैं।
गणपति बप्पा से घर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करें। गणपति बप्पा मोरया!

