इंदौर। शहर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम अब जागरूकता के साथ सख्ती भी करेगा। घरों में जरूरत से ज्यादा पानी बहाने और पीने योग्य पानी का अनावश्यक इस्तेमाल करने वालों को पहले दो-तीन बार समझाइश दी जाएगी। इसके बाद भी यदि पानी की बर्बादी जारी रही, तो उसका वीडियो बनाकर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी।
इसी अभियान के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव सोमवार को शहर की विभिन्न कॉलोनियों और गलियों में पहुंचे। उन्होंने रहवासियों से बातचीत कर पानी का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करने और इसे बर्बाद नहीं करने की अपील की।
पार्श्वनाथ, विनय नगर और जैन कॉलोनी में पहुंचे महापौर
महापौर ने पार्श्वनाथ, विनय नगर, जैन कॉलोनी और लोकमान्य नगर में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। ऐसे में पानी की बर्बादी का नुकसान आखिरकार शहरवासियों को ही उठाना पड़ता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि हर घर में पानी का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से किया जाए, ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके।
पहले दो-तीन बार समझाइश, फिर कटेगा चालान
महापौर ने अभियान में जुटी एनजीओ की टीम को निर्देश दिए कि पानी बर्बाद करते पाए जाने वाले लोगों को शुरुआत में दो-तीन बार समझाया जाए। इसके बावजूद यदि उनकी आदत में सुधार नहीं होता है, तो पानी की बर्बादी का वीडियो बनाकर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाए।
नगर निगम का उद्देश्य लोगों को पानी बचाने के प्रति जागरूक करना और पानी की अनावश्यक खपत पर रोक लगाना है।
RO के वेस्ट पानी को फेंकने के बजाय करें इस्तेमाल
महापौर ने घरों में आरओ से निकलने वाले वेस्ट पानी का दोबारा उपयोग करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि इस पानी को फेंकने के बजाय पौधों में डालने, गाड़ी धोने और कपड़े धोने जैसे कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इससे पीने योग्य पानी की अनावश्यक खपत कम होगी और उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
दीपावली तक चलेगा निगरानी अभियान
महापौर ने एनजीओ की टीम को दीपावली तक अभियान का चार्ट तैयार कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर हरी घास दिखाई दे रही है, वहां भी दो-दो दिन की समय-सीमा तय कर घास की कटाई कराने को कहा गया है।
इस दौरान जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा ‘बबलू’, पार्षद योगेश गेदर और नगर निगम के जोनल अधिकारी मौजूद रहे।
नगर निगम का फोकस अब घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी की बर्बादी रोकने के साथ लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर है।


