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Israel Election 2026: सरकार बनाने में जुटे गादी आइजनकोट, 3 विपक्षी नेताओं से की मुलाकात; नेतन्याहू पर लगाए गंभीर आरोप

Table of Content

Israel में आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भी नई सरकार बनने का रास्ता साफ नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने के बावजूद बहुमत से पीछे रह गया है। इस बीच विपक्षी नेता गादी आइजनकोट ने सरकार बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। उन्होंने तीन विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की है।

आइजनकोट का कहना है कि नेतन्याहू और उनकी पार्टी चुनाव के नतीजों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में इजराइल की राजनीति में सरकार गठन को लेकर खींचतान और तेज हो गई है।

इजराइल चुनाव में किसी भी गठबंधन को नहीं मिला बहुमत

इजराइल की संसद यानी नेसेट (Knesset) में कुल 120 सीटें हैं। यहां सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है।

27 अक्टूबर को हुए चुनाव के अंतिम नतीजों के मुताबिक, बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 27 सीटें मिली हैं। उनके नेतृत्व वाले गठबंधन को कुल 53 सीटें हासिल हुईं।

वहीं, विपक्षी खेमे को 48 सीटें मिली हैं, जबकि अरब पार्टियों के खाते में 19 सीटें गई हैं। इस तरह किसी भी गठबंधन के पास अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटें नहीं हैं।

तीन विपक्षी नेताओं से मिले आइजनकोट

सरकार बनाने की कोशिशों के तहत गादी आइजनकोट ने विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत शुरू कर दी है। उन्होंने नफ्ताली बेनेट, यायर गोलान और यायर लैपिड के साथ मुलाकात और चर्चा की है।

इन बैठकों का मकसद विपक्षी दलों के बीच सहमति बनाना और नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार का विकल्प तैयार करना है।

आइजनकोट और बेनेट ने मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने जल्द से जल्द इजराइल में नई सरकार बनाने के रास्तों पर चर्चा की है।

वहीं, यायर गोलान ने भी आइजनकोट के साथ बातचीत के बाद कहा कि दोनों नेता इजराइल की सुरक्षा और भविष्य को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। उन्होंने बदलाव के लिए मिलकर काम करने की बात कही।

नेतन्याहू पर चुनाव को बदनाम करने का आरोप

गादी आइजनकोट ने बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी लिकुड पार्टी पर चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

आइजनकोट के मुताबिक, नेतन्याहू का खेमा चुनाव में बहुमत नहीं मिलने के बाद नतीजों पर सवाल उठाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

दरअसल, इजराइल में चुनाव के दौरान विदेशी हस्तक्षेप और कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (Shin Bet) इन आरोपों की पड़ताल कर रही है।

हालांकि, आइजनकोट ने कहा है कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए और किसी भी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।

Manya

manyajadoun42@gmail.com

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देशभर के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी है। इस किस्त के तहत 9.34 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात को 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। कार्यक्रम से पहले उन्होंने बनासकांठा में रोड शो किया, जहां बड़ी संख्या में लोग उनका स्वागत करने पहुंचे। 9.34 करोड़ किसानों को मिली 24वीं किस्त PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में यानी हर चार महीने में 2,000 रुपये के हिसाब से मिलती है। अब प्रधानमंत्री मोदी ने योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी है। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की रकम भेजी गई है। यह पैसा Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचाया गया है। इससे किसानों को खेती से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों में आर्थिक मदद मिल सकेगी। PM Kisan का पैसा नहीं आया तो यहां चेक करें स्टेटस अगर किसी किसान के खाते में 2,000 रुपये की किस्त नहीं पहुंची है, तो वह PM किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकता है। इसके लिए ये तरीके अपनाएं: किसानों को e-KYC, बैंक खाते की जानकारी और आधार से जुड़ी जानकारी भी सही रखनी चाहिए। किसी तरह की गड़बड़ी होने पर किस्त अटक सकती है। बनासकांठा को ₹14 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स PM मोदी ने बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में कृषि, पशुपालन, डेयरी, सड़क, मेट्रो और ग्रामीण विकास से जुड़े काम शामिल हैं।
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दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance में बड़े साइबर सिक्योरिटी ब्रीच का मामला सामने आया है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, इस घटना से करीब 6.3 अरब डॉलर यानी लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के डिजिटल एसेट्स प्रभावित हुए हैं। इसे क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया की सबसे बड़ी हैकिंग घटनाओं में से एक माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए Binance ने फिलहाल डिपॉजिट और विड्रॉल (पैसे जमा करने और निकालने) की सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी है। कंपनी की टीम सुरक्षा जांच में जुटी है। वहीं, Tether और Circle जैसी बड़ी क्रिप्टो कंपनियों ने भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन से जुड़े फंड फ्रीज किए हैं। हालांकि, Binance ने अभी तक पूरी रकम चोरी होने की पुष्टि नहीं की है। कंपनी का कहना है कि यूजर्स के फंड सुरक्षित हैं और किसी भी नुकसान की भरपाई कंपनी करेगी। कैसे हुई Binance में इतनी बड़ी हैकिंग? Binance की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस साइबर हमले के पीछे कंपनी के एक DevOps इंजीनियर का लैपटॉप हो सकता है। आशंका है कि हैकर ने इस लैपटॉप तक पहुंच बनाकर कंपनी के एक सर्विस सिस्टम में सेंध लगाई और बिना अनुमति के विड्रॉल ट्रांजैक्शन किए। कंपनी ने साफ किया है कि अभी तक किसी भी वॉलेट की प्राइवेट की (Private Key) लीक होने का सबूत नहीं मिला है। फिलहाल जांच जारी है और कंपनी तकनीकी जानकारी जुटा रही है। पूरी जांच के बाद Binance इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी। ₹50 हजार करोड़ के एसेट्स प्रभावित, 3 अरब डॉलर फ्रीज Binance के मुताबिक, इस घटना का अनुमानित कुल असर करीब 6.3 अरब डॉलर है। भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 50 हजार करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि, इस पूरी रकम को चोरी हुई रकम मानना सही नहीं होगा। कंपनी ने बताया कि करीब 3 अरब डॉलर के प्रभावित डिजिटल एसेट्स को ब्लॉकचेन पर फ्रीज किया जा चुका है। बाकी प्रभावित फंड का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए ब्लॉकचेन कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। Tether और Circle ने भी फ्रीज किए फंड इस मामले में दुनिया की बड़ी Stablecoin कंपनियां Tether और Circle भी कार्रवाई कर रही हैं। इन कंपनियों की मदद से संदिग्ध वॉलेट में मौजूद रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। Binance ने यूजर्स के लिए क्या कहा? हैकिंग की खबर सामने आने के बाद Binance ने अपने यूजर्स को भरोसा दिलाया है कि उनके फंड सुरक्षित हैं। कंपनी ने कहा है कि साइबर हमले से होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई SAFU फंड और कंपनी के अपने पैसों से की जाएगी। SAFU यानी Secure Asset Fund for Users, Binance का एक विशेष सुरक्षा फंड है, जिसका इस्तेमाल आपात स्थिति में यूजर्स के हितों की सुरक्षा के लिए किया जाता है। कंपनी ने यूजर्स को यह भी सलाह दी है कि वे किसी अनजान लिंक, मैसेज या फर्जी सपोर्ट अकाउंट पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ध्यान दें।
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