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Israel Politics: इजराइल में कल PM के नाम का ऐलान, गादी आइजनकोट को 67 सांसदों का समर्थन; नेतन्याहू की बढ़ी चुनौती

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इजराइल की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर संकट के बीच विपक्षी नेता गादी आइजनकोट (Gadi Eisenkot) सरकार बनाने की दौड़ में आगे नजर आ रहे हैं। उन्हें इजराइली संसद के 120 में से 67 सांसदों का समर्थन मिला है, जबकि नेतन्याहू के पक्ष में 46 सांसदों ने समर्थन जताया है।

इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग (Isaac Herzog) रविवार, 8 नवंबर को ऐलान करेंगे कि नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी किस नेता को सौंपी जाएगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रविवार को ही नए प्रधानमंत्री का नाम तय हो जाएगा। चुने गए नेता को सरकार बनाने के लिए गठबंधन तैयार करना होगा।

आइजनकोट को 67 सांसदों का समर्थन, नेतन्याहू को 46 का साथ

27 अक्टूबर को हुए आम चुनाव के बाद इजराइल में किसी भी राजनीतिक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। इसके बाद राष्ट्रपति ने अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सरकार गठन को लेकर उनकी राय जानी।

इस प्रक्रिया में गादी आइजनकोट को 67 सांसदों ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी सिफारिश दी। वहीं बेंजामिन नेतन्याहू को 46 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि 7 सांसदों ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया।

आइजनकोट को मिले समर्थन में अरब बहुल दलों का भी अहम योगदान है। जॉइंट लिस्ट के 11 और राआम पार्टी के 8 सांसदों ने उनके नाम की सिफारिश की है।

कौन हैं गादी आइजनकोट?

गादी आइजनकोट इजराइल के पूर्व सैन्य प्रमुख रह चुके हैं। वह याशर (Yashar) पार्टी के नेता हैं और इस चुनाव में नेतन्याहू के प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे हैं।

आइजनकोट ने देश में राष्ट्रीय एकता वाली सरकार बनाने की बात कही है। उन्होंने सरकार में शामिल होने के इच्छुक दलों के सामने कुछ प्रमुख शर्तें भी रखी हैं। इनमें सभी नागरिकों के लिए राष्ट्रीय सेवा की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

इजराइल में कभी नहीं बनी सिंगल पार्टी सरकार

इजराइल की राजनीति की एक खास बात यह है कि देश के इतिहास में अब तक कोई भी सरकार केवल एक राजनीतिक पार्टी के दम पर नहीं बनी है।

दरअसल, इजराइल की संसद को नेसेट (Knesset) कहा जाता है, जिसमें कुल 120 सदस्य होते हैं। यहां चुनाव में जनता सीधे प्रधानमंत्री नहीं चुनती, बल्कि राजनीतिक दलों को वोट देती है।

Yukta

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Gulf of Oman

US Attack on Cargo Ship: Gulf of Oman में अमेरिकी हमला, चेतावनी के बाद भी नहीं रुका जहाज

ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में अमेरिका ने एक कमर्शियल कार्गो शिप पर हमला कर उसे समुद्र में आगे बढ़ने से रोक दिया। यह घटना 7 नवंबर को हुई, जब अमेरिकी सेना के मुताबिक, जहाज को बार-बार चेतावनी देने के बावजूद वह ईरान पर लगाई गई अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी सैन्य विमान ने जहाज के पिछले हिस्से पर हमला किया। इस जहाज का नाम M/V Huda बताया गया है। घटना ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों में आग लगने की खबरों ने भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। M/V Huda Cargo Ship पर अमेरिका ने क्यों किया हमला? अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, M/V Huda नाम का कार्गो शिप ईरान के एक बंदरगाह पर रुकने के बाद क्षेत्रीय समुद्री सीमा से बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। अमेरिका का आरोप है कि जहाज के चालक दल को कई बार चेतावनी दी गई और नाकेबंदी से जुड़े निर्देशों का पालन करने को कहा गया। लेकिन जहाज नहीं रुका। इसके बाद अमेरिकी सेना ने चालक दल को उन हिस्सों से दूर जाने का निर्देश दिया, जिन्हें निशाना बनाया जाना था। अमेरिकी सैन्य विमान ने जहाज के पिछले हिस्से पर सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों से हमला किया। इस कार्रवाई के बाद जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। M/V Huda सेंट किट्स एंड नेविस (St. Kitts and Nevis) के झंडे के तहत रजिस्टर्ड था। ब्रिटेन की समुद्री निगरानी एजेंसी UKMTO ने जहाज की लोकेशन संयुक्त अरब अमीरात के खोर फक्कान से लगभग 18 समुद्री मील पूर्व में बताई थी। हमले के बाद जहाज पर मौजूद चालक दल की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी। अमेरिका ने जारी किया हमले का Video अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस कार्रवाई का वीडियो भी जारी किया है। इसमें सैन्य विमान की ओर से जहाज को निशाना बनाते हुए देखा जा सकता है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई, बल्कि पहले कई बार चेतावनी दी गई थी। जहाज के चालक दल को सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश देने के बाद ही हमला किया गया। यह अक्टूबर की शुरुआत के बाद ईरान की समुद्री नाकेबंदी के दौरान किसी कमर्शियल जहाज को निष्क्रिय करने की पहली ऐसी कार्रवाई बताई जा रही है। 147 जहाजों का रास्ता बदल चुका है अमेरिका अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर समुद्री नाकेबंदी लागू करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। CENTCOM के मुताबिक, जुलाई 2026 से अब तक 147 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए कहा गया है। अमेरिकी सेना का दावा है कि नाकेबंदी के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले पांच मर्चेंट जहाजों को निष्क्रिय किया गया है। इसके अलावा ईरान के तेल कारोबार से जुड़े 10 कमर्शियल ऑयल टैंकरों को नष्ट करने की भी बात कही गई है। अमेरिका का यह भी दावा है कि उसकी समुद्री नाकेबंदी के कारण ईरान 25 अरब डॉलर से अधिक का कच्चा तेल निर्यात नहीं कर पाया है। हालांकि, ये सभी आंकड़े अमेरिकी अधिकारियों की ओर से दिए गए हैं। होर्मुज में दो Oil Tankers में आग लगने की खबर ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भी एक बड़ी खबर सामने आई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आने के बाद आग की चपेट में आ गए। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, ये जहाज कथित तौर पर प्रतिबंधित समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, इन जहाजों की पहचान, घटना के सही कारण और नुकसान को लेकर अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस घटनाक्रम ने समुद्र में चलने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका ने बनाया Task Force Iron Gate, अब जमीन और समुद्री रास्तों पर नजर ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने एक नई पहल भी शुरू की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने 7 नवंबर को Task Force Iron Gate बनाने का निर्देश दिया। करीब 20 सैन्य और नागरिक अधिकारियों वाली यह टीम अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित टाम्पा में काम करेगी। इसका उद्देश्य ईरान तक पहुंचने वाले प्रतिबंधित सामान, आधुनिक हथियारों, सैन्य तकनीक और दोहरे इस्तेमाल वाली तकनीक (Dual-use Technology) की सप्लाई को रोकना है। इस टास्क फोर्स के जरिए ईरान की जमीनी सीमाओं और कैस्पियन सागर के रास्ते होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। यानी अमेरिका अब सिर्फ समुद्री नाकेबंदी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि ईरान की सप्लाई चेन पर भी दबाव बढ़ाने की तैयारी में है। Qeshm Island पर भी अमेरिकी हमले की चर्चा कार्गो शिप पर हमले से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के Qeshm Island पर एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर सीमित सैन्य कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी थी। ट्रंप के मुताबिक, इस हमले में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने Qeshm Island और Jask बंदरगाह के आसपास धमाकों की खबर दी। इन घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों के दावों और वास्तविक नुकसान की पूरी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है Gulf of Oman और Strait of Hormuz? ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापारिक रास्तों में शामिल हैं। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई होती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से कच्चा तेल खरीदकर पूरा करता है। ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil की कीमतों पर असर पड़ सकता है। अगर समुद्री रास्तों पर आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो भारत के तेल आयात बिल, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है। क्या फिर बढ़ेगा अमेरिका और ईरान के बीच तनाव? M/V Huda पर अमेरिकी हमले के बाद अब सबकी नजर ईरान की प्रतिक्रिया पर है। एक तरफ अमेरिका समुद्री नाकेबंदी को सख्ती से लागू करने...
Weather

Weather Update 2026: यूपी के 15 शहरों में कोहरा, पारा 15°C से नीचे; दिल्ली में AQI 421

नवंबर का महीना शुरू होते ही देश में मौसम (Weather ) ने करवट लेनी शुरू कर दी है। कहीं सुबह की ठंड और कोहरा लोगों को परेशान कर रहा है, तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश के 15 शहरों में कोहरे का असर देखने को मिल रहा है और कई जगह न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। वहीं, तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 नवंबर के बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। दूसरी ओर, दिल्ली में प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी के कुछ इलाकों में AQI 421 तक पहुंच गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम कैसा रहने वाला है। UP Weather: 15 शहरों में कोहरा, तापमान में गिरावट उत्तर प्रदेश में सुबह और रात के समय ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। प्रदेश के 15 शहरों में कोहरे की स्थिति देखने को मिल रही है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। सुबह के समय सड़कों पर कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। खासकर हाईवे और खुले इलाकों में सफर करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, सुबह और रात के तापमान में गिरावट के चलते ठंड का एहसास बढ़ सकता है। Tamil Nadu Rain Alert: तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 नवंबर के बीच भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा केरल और माहे में भी बारिश का अलर्ट है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम की इस गतिविधि को देखते हुए लोगों को जलभराव वाले रास्तों और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। Snowfall Alert: 10 नवंबर से पहाड़ों पर बदलेगा मौसम उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में अगले दो दिनों के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है। एक नया Western Disturbance यानी पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 10 से 13 नवंबर के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है। 12 और 13 नवंबर के आसपास मौसम की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से ठंड बढ़ सकती है। उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। Delhi Pollution: दिल्ली में AQI 421, सांस लेना हुआ मुश्किल दिल्ली में मौसम से ज्यादा इस समय प्रदूषण लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। राजधानी की हवा बेहद खराब स्थिति में बनी हुई है। 8 नवंबर की सुबह दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में AQI 421 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। दिल्ली के कई दूसरे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर 400 के आसपास या उससे ऊपर रहा। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी का औसत AQI भी बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। AQI का स्तर जितना ज्यादा होता है, हवा में प्रदूषण का प्रभाव उतना ही अधिक होता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दिल्ली-NCR में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-3 के तहत पाबंदियां लागू हैं। लोगों को खुले में अधिक समय बिताने से बचने और प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। Delhi Weather: दिल्ली में कैसा रहेगा अगले दिनों का मौसम? दिल्ली में फिलहाल बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में मौसम शुष्क रह सकता है। सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। 8 नवंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट हो सकती है। Northeast Weather: पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का अलर्ट पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में भी अगले दिनों बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने असम और मेघालय में 11 नवंबर को भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 10 और 11 नवंबर को बारिश का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 9 से 13 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। Weather Forecast: अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा देश का मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो नवंबर के दूसरे सप्ताह में देश के कई हिस्सों में मौसम अलग-अलग रूप दिखाएगा। उत्तर प्रदेश में कोहरा और ठंड बढ़ सकती है, जबकि तमिलनाडु और केरल में बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, दिल्ली में मौसम भले ही शुष्क रहे, लेकिन प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। ऐसे में घर से निकलने से पहले अपने इलाके का मौसम और AQI जरूर चेक करें। खासकर सुबह के समय कोहरे वाले रास्तों पर वाहन चलाते हुए सावधानी बरतें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
शहबाज शरीफ

Diwali in Pakistan: शहबाज शरीफ और जरदारी ने हिंदू समुदाय को दिया खास संदेश

दिवाली का त्योहार सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) में भी रोशनी के इस पर्व को उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हिंदू समुदाय को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने अपने संदेश में हिंदू समुदाय को पाकिस्तान का अहम हिस्सा बताते हुए देश के विकास में उसके योगदान की तारीफ की। दिवाली के मौके पर पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के इन संदेशों में शांति, भाईचारे और धार्मिक सद्भाव की झलक देखने को मिली। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ पाकिस्तान की फर्स्ट लेडी आसिफा भुट्टो जरदारी और PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने भी हिंदू समुदाय को त्योहार की बधाई दी। PM शहबाज शरीफ ने क्या कहा? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दुनिया भर में रहने वाले हिंदुओं, खासकर पाकिस्तान के हिंदू समुदाय को दिवाली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिवाली अंधेरे पर रोशनी और नफरत पर प्रेम की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार लोगों को आपसी समझ, शांति और भाईचारे के साथ रहने का संदेश देता है। शहबाज शरीफ ने अपने संदेश में कहा कि पाकिस्तान का हिंदू समुदाय देश की राष्ट्रीय पहचान का अभिन्न हिस्सा है। सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में हिंदू समुदाय का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता पर गर्व करता है। सरकार सभी नागरिकों को समान अधिकार देने और उनकी धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जरदारी बोले- हिंदू समुदाय पाकिस्तान का अभिन्न हिस्सा पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी दिवाली पर हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाला हिंदू समुदाय देश के सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जरदारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार, सरकारी सेवाओं, कला और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में हिंदू समुदाय के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सभी नागरिकों का देश है और हर व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने, सम्मान पाने और कानून के तहत समान सुरक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। आसिफा भुट्टो जरदारी ने भी दी दिवाली की बधाई पाकिस्तान की फर्स्ट लेडी आसिफा भुट्टो जरदारी ने भी हिंदू समुदाय को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सिंध की संस्कृति में अलग-अलग धर्मों और समुदायों के प्रति सम्मान की पुरानी परंपरा रही है। हिंदू समुदाय ने अपनी मेहनत और योगदान से सिंध की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाया है। आसिफा ने एक ऐसे पाकिस्तान की कल्पना पर जोर दिया, जहां हर बच्चे को समान अवसर मिले और किसी के साथ धर्म या पहचान के आधार पर भेदभाव न हो। बिलावल भुट्टो ने बताया रोशनी और उम्मीद का त्योहार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी दिवाली पर हिंदू समुदाय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिवाली पर जलने वाला हर दीप शांति, प्रेम, उम्मीद और सकारात्मकता का संदेश देता है। यह त्योहार लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के करीब आने का मौका देता है। बिलावल ने पाकिस्तान के निर्माण और विकास में हिंदू समुदाय की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। पाकिस्तान के मंदिरों में भी दिवाली की रौनक पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवार भी हर साल की तरह इस बार दिवाली मना रहे हैं। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। लोग अपने घरों में दीपक जलाकर, पूजा करके और परिवार के साथ त्योहार मनाकर दिवाली की खुशियां बांट रहे हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग रहते हैं, इसलिए यहां दिवाली का विशेष महत्व है। दिवाली पर धार्मिक सद्भाव का संदेश पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं की ओर से आई शुभकामनाओं में धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे पर खास जोर दिया गया है। हालांकि, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से जुड़े सवाल भी समय-समय पर उठते रहे हैं। ऐसे में दिवाली के मौके पर नेताओं की ओर से समान अधिकार और धार्मिक सम्मान की बात करना चर्चा का विषय बना हुआ है। दिवाली का असली संदेश भी यही है कि रोशनी सिर्फ घरों को नहीं, बल्कि लोगों के दिलों को भी रोशन करे। सरहदें अलग हो सकती हैं, लेकिन त्योहारों की खुशियां और इंसानियत का संदेश हर जगह एक जैसा रहता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs Pakistan

India vs Pakistan U19: पाकिस्तान ने दिया शुरुआती झटका, आर्यवीर सहवाग पर टिकी Team India की नजरें

भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच क्रिकेट का मुकाबला हो तो फैंस की नजरें हर गेंद पर रहती हैं। कुछ ऐसा ही रोमांच ACC Men’s U19 Asia Cup 2026 में देखने को मिल रहा है। ओमान में खेले जा रहे इस मुकाबले में भारतीय टीम पाकिस्तान के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान पर उतरी है। फिलहाल भारतीय फैंस की उम्मीदें आर्यवीर सहवाग और वीके विनीत पर टिकी हैं। दोनों बल्लेबाज क्रीज पर मौजूद हैं और टीम को उनसे एक बड़ी साझेदारी की उम्मीद है। भारत को शुरुआती झटकों से उबरकर सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचना होगा। वहीं पाकिस्तान की कोशिश भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने की है। पहले ही ओवर में भारत को लगा बड़ा झटका टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम को उम्मीद थी कि सलामी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत देंगे, लेकिन पाकिस्तान के गेंदबाज अली रजा ने पहले ही ओवर में कप्तान लक्ष्य रायचंदानी को आउट कर भारत को झटका दे दिया। लक्ष्य रायचंदानी बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। शुरुआती विकेट गिरने से भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया। अब बल्लेबाजी की जिम्मेदारी आर्यवीर सहवाग और वीके विनीत के कंधों पर है। दोनों के बीच साझेदारी भारत के लिए काफी अहम साबित हो सकती है। पिछले मैच में आर्यवीर सहवाग ने मचाया था धमाल पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पहले आर्यवीर सहवाग ने नेपाल के खिलाफ अपने प्रदर्शन से खूब सुर्खियां बटोरी थीं। उन्होंने महज 52 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए थे। उनकी इस पारी में 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे। आर्यवीर ने कप्तान लक्ष्य रायचंदानी के साथ मिलकर भारत को शानदार जीत दिलाई थी। लक्ष्य ने भी 63 गेंदों पर नाबाद 53 रन बनाए थे। भारत ने नेपाल के 129 रन के लक्ष्य को बिना कोई विकेट गंवाए हासिल कर लिया था। अब पाकिस्तान के खिलाफ भी आर्यवीर से उसी तरह की बल्लेबाजी की उम्मीद की जा रही है। हालांकि इस बार उनके सामने पाकिस्तान का मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है। पाकिस्तान की गेंदबाजी से भारत को सावधान रहने की जरूरत Pakistan की ओर से अली रजा भारतीय बल्लेबाजों के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनकी गेंदबाजी ने शुरुआत में ही भारत को बैकफुट पर धकेल दिया। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में UAE को 9 विकेट से हराया था। उस मुकाबले में उस्मान खान ने 120 गेंदों पर नाबाद 139 रन की शानदार पारी खेली थी। इससे पाकिस्तान की टीम का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा हुआ है। भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो ईशान सूद, यशवीर गौड़ और अर्जुन राजपूत जैसे खिलाड़ियों पर भी नजरें रहेंगी। ईशान सूद ने नेपाल के खिलाफ पिछले मुकाबले में 3 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया था। पिछले फाइनल की हार का हिसाब बराबर करना चाहेगा भारत भारत और पाकिस्तान की अंडर-19 टीमों के बीच मुकाबले में पुरानी प्रतिद्वंद्विता का रंग भी देखने को मिल रहा है। दिसंबर 2025 में खेले गए अंडर-19 एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 191 रन से हराकर खिताब जीता था। इस बार भारतीय टीम के पास बेहतर प्रदर्शन करने और पाकिस्तान को कड़ी चुनौती देने का मौका है। दोनों टीमों के युवा खिलाड़ी जानते हैं कि इस मुकाबले में जीत केवल अंक तालिका के लिहाज से ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास के लिए भी अहम होगी। IND vs PAK U19: कब और कहां खेला जा रहा है मुकाबला? भारत और पाकिस्तान के बीच यह मुकाबला ओमान के अल अमेरात क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। सेमीफाइनल की राह के लिए जीत जरूरी अंडर-19 एशिया कप में भारत और पाकिस्तान दोनों ग्रुप-A में हैं। इनके साथ नेपाल और UAE भी इस ग्रुप का हिस्सा हैं। ग्रुप स्टेज के मुकाबलों के बाद शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल मुकाबले 12 नवंबर और फाइनल 14 नवंबर को खेला जाना है। ऐसे में भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए यह मैच काफी अहम है। फिलहाल भारतीय फैंस की नजरें आर्यवीर सहवाग और वीके विनीत की बल्लेबाजी पर हैं। टीम को जरूरत है कि दोनों खिलाड़ी संभलकर खेलें और मौका मिलने पर रन बनाने की रफ्तार भी बढ़ाएं। अब देखना दिलचस्प होगा कि युवा भारतीय बल्लेबाज पाकिस्तान के गेंदबाजों के सामने कितनी मजबूती से टिक पाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonia Gandhi

Sonia Gandhi on Babri Demolition: बाबरी विध्वंस याद कर रो पड़ी थीं सोनिया गांधी, BJP ने कांग्रेस को घेरा

बाबरी विध्वंस की घटना एक बार फिर देश की सियासत में चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचे के विध्वंस से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने टीवी पर यह घटना देखी थी, तो वह रो पड़ी थीं। सोनिया गांधी के इस बयान के सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस के दिल में आज भी बाबर के लिए सहानुभूति है। दरअसल, सोनिया गांधी ने अपनी आने वाली किताब Belonging: A Journey of Love को लेकर ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ को इंटरव्यू दिया था। इसी बातचीत में उन्होंने बाबरी विध्वंस, इंदिरा गांधी, इमरजेंसी और भारतीय राजनीति में आए बदलावों पर अपनी बात रखी। उनके बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। Babri Demolition पर क्या बोलीं सोनिया गांधी? सोनिया गांधी ने 6 दिसंबर 1992 की घटना को याद करते हुए बताया कि बाबरी ढांचे को गिरते हुए देखकर वह भावुक हो गई थीं। उन्होंने कहा कि उस घटना ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया था। भारत की पहचान उसके धर्मनिरपेक्ष स्वरूप से जुड़ी है और इसे बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि जिस भारत की कल्पना इन नेताओं ने की थी, उसकी रक्षा के लिए लगातार प्रयास करने होंगे। सोनिया का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी किताब Belonging: A Journey of Love रिलीज होने वाली है। इस किताब में उन्होंने अपने निजी जीवन और भारतीय राजनीति से जुड़े कई अनुभव साझा किए हैं। BJP का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी ने उठाए सवाल सोनिया गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के दिल में आज भी बाबर जिंदा है। त्रिवेदी ने यह सवाल भी उठाया कि सोनिया गांधी ने 1992 में बाबरी ढांचे के विध्वंस की तस्वीरें किस टीवी चैनल पर देखी थीं? उन्होंने कहा कि उस समय दूरदर्शन पर इस घटना का लाइव प्रसारण नहीं हो रहा था। बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कश्मीर में 1990 के दशक में हिंदुओं के साथ हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। बीजेपी के दूसरे नेताओं ने भी साधा निशाना सोनिया गांधी के इंटरव्यू पर बीजेपी के दूसरे नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर सवाल उठाए। वहीं, बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने भी कांग्रेस और सोनिया गांधी पर निशाना साधा। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को अपने पुराने राजनीतिक रुख और फैसलों पर भी जवाब देना चाहिए। हालांकि, सोनिया गांधी के बयान को लेकर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। BJP के बढ़ते प्रभाव पर सोनिया गांधी ने क्या माना? इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने भारतीय राजनीति में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव पर भी बात की। उन्होंने माना कि बीजेपी और हिंदुत्व की राजनीति के उभार में कांग्रेस की अपनी कमियों का भी योगदान रहा है। उनके मुताबिक, कांग्रेस कई मामलों में समय रहते राजनीतिक बदलावों को समझने में पीछे रह गई। पार्टी को अपनी रणनीति और काम करने के तरीके में बदलाव करने की जरूरत थी। यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सोनिया गांधी ने अपनी ही पार्टी की राजनीतिक गलतियों को स्वीकार किया है। Emergency पर भी खुलकर बोलीं सोनिया गांधी सोनिया गांधी ने 1975 में लगी इमरजेंसी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इमरजेंसी लागू करने के फैसले को गलती बताया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व और उस दौर की परिस्थितियों पर चर्चा की। उन्होंने संजय गांधी की भूमिका का भी जिक्र किया और कहा कि अगर उस समय उन पर नियंत्रण रखा गया होता, तो इमरजेंसी के बाद पैदा हुई परिस्थितियों को कुछ हद तक टाला जा सकता था। 1992 का Babri Demolition आज भी क्यों है चर्चा में? अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे का विध्वंस भारतीय राजनीति के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक रहा है। इस घटना के बाद देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा हुई थी। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद लंबे समय तक अदालत में चला। नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन रामलला को देने और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में अलग से पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। इसके बाद जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई। अब करीब 34 साल पुराने इस घटनाक्रम पर सोनिया गांधी की टिप्पणी ने एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी को आमने-सामने ला दिया है। एक तरफ सोनिया गांधी ने इसे धर्मनिरपेक्ष भारत की पहचान से जोड़कर देखा, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने उनके बयान को लेकर कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल खड़े किए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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