बाबरी विध्वंस की घटना एक बार फिर देश की सियासत में चर्चा का विषय बन गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचे के विध्वंस से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने टीवी पर यह घटना देखी थी, तो वह रो पड़ी थीं। सोनिया गांधी के इस बयान के सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस के दिल में आज भी बाबर के लिए सहानुभूति है।
दरअसल, सोनिया गांधी ने अपनी आने वाली किताब Belonging: A Journey of Love को लेकर ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ को इंटरव्यू दिया था। इसी बातचीत में उन्होंने बाबरी विध्वंस, इंदिरा गांधी, इमरजेंसी और भारतीय राजनीति में आए बदलावों पर अपनी बात रखी। उनके बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
Babri Demolition पर क्या बोलीं सोनिया गांधी?
सोनिया गांधी ने 6 दिसंबर 1992 की घटना को याद करते हुए बताया कि बाबरी ढांचे को गिरते हुए देखकर वह भावुक हो गई थीं। उन्होंने कहा कि उस घटना ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया था।
भारत की पहचान उसके धर्मनिरपेक्ष स्वरूप से जुड़ी है और इसे बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि जिस भारत की कल्पना इन नेताओं ने की थी, उसकी रक्षा के लिए लगातार प्रयास करने होंगे।
सोनिया का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उनकी किताब Belonging: A Journey of Love रिलीज होने वाली है। इस किताब में उन्होंने अपने निजी जीवन और भारतीय राजनीति से जुड़े कई अनुभव साझा किए हैं।
BJP का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी ने उठाए सवाल
सोनिया गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के दिल में आज भी बाबर जिंदा है।
त्रिवेदी ने यह सवाल भी उठाया कि सोनिया गांधी ने 1992 में बाबरी ढांचे के विध्वंस की तस्वीरें किस टीवी चैनल पर देखी थीं? उन्होंने कहा कि उस समय दूरदर्शन पर इस घटना का लाइव प्रसारण नहीं हो रहा था।
बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कश्मीर में 1990 के दशक में हिंदुओं के साथ हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
बीजेपी के दूसरे नेताओं ने भी साधा निशाना
सोनिया गांधी के इंटरव्यू पर बीजेपी के दूसरे नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर सवाल उठाए। वहीं, बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने भी कांग्रेस और सोनिया गांधी पर निशाना साधा।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को अपने पुराने राजनीतिक रुख और फैसलों पर भी जवाब देना चाहिए। हालांकि, सोनिया गांधी के बयान को लेकर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
BJP के बढ़ते प्रभाव पर सोनिया गांधी ने क्या माना?
इंटरव्यू में सोनिया गांधी ने भारतीय राजनीति में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव पर भी बात की। उन्होंने माना कि बीजेपी और हिंदुत्व की राजनीति के उभार में कांग्रेस की अपनी कमियों का भी योगदान रहा है।
उनके मुताबिक, कांग्रेस कई मामलों में समय रहते राजनीतिक बदलावों को समझने में पीछे रह गई। पार्टी को अपनी रणनीति और काम करने के तरीके में बदलाव करने की जरूरत थी।
यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सोनिया गांधी ने अपनी ही पार्टी की राजनीतिक गलतियों को स्वीकार किया है।
Emergency पर भी खुलकर बोलीं सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने 1975 में लगी इमरजेंसी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इमरजेंसी लागू करने के फैसले को गलती बताया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व और उस दौर की परिस्थितियों पर चर्चा की।
उन्होंने संजय गांधी की भूमिका का भी जिक्र किया और कहा कि अगर उस समय उन पर नियंत्रण रखा गया होता, तो इमरजेंसी के बाद पैदा हुई परिस्थितियों को कुछ हद तक टाला जा सकता था।
1992 का Babri Demolition आज भी क्यों है चर्चा में?
अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे का विध्वंस भारतीय राजनीति के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक रहा है। इस घटना के बाद देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा हुई थी।
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद लंबे समय तक अदालत में चला। नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन रामलला को देने और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में अलग से पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। इसके बाद जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई।
अब करीब 34 साल पुराने इस घटनाक्रम पर सोनिया गांधी की टिप्पणी ने एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी को आमने-सामने ला दिया है। एक तरफ सोनिया गांधी ने इसे धर्मनिरपेक्ष भारत की पहचान से जोड़कर देखा, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने उनके बयान को लेकर कांग्रेस की विचारधारा पर सवाल खड़े किए हैं।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
