दिवाली का त्योहार हो और घर-परिवार से दूर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे जवानों की बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) हर साल दिवाली का कुछ समय देश के सैनिकों के साथ बिताते हैं। इस साल भी उन्होंने जवानों के बीच दिवाली मनाने की अपनी परंपरा जारी रखने की बात कही है। इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में उनके पहुंचने की चर्चा है। हालांकि, अभी तक बस्तर को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 7 नवंबर को एक वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर साल जवानों के साथ दिवाली मनाना उनके लिए एक परंपरा बन गई है और इस बार भी वह इसे जारी रखेंगे। उनके इस संदेश के बाद से ही लोगों की नजर इस बात पर है कि इस बार प्रधानमंत्री किस सैन्य ठिकाने पर पहुंचेंगे।
2014 से जवानों के साथ दिवाली मना रहे हैं PM मोदी
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में सियाचिन में जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। इसके बाद से यह सिलसिला लगातार जारी है। हर साल वह देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात सैनिकों के बीच पहुंचकर त्योहार की खुशियां साझा करते हैं।
इस परंपरा के पीछे एक भावनात्मक संदेश भी है। त्योहारों पर जब ज्यादातर लोग अपने परिवार के साथ होते हैं, तब सेना के जवान देश की सुरक्षा के लिए अपनी ड्यूटी निभा रहे होते हैं। प्रधानमंत्री का उनके बीच पहुंचना सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार जताने का एक तरीका माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख तक, इन जगहों पर मनाई दिवाली
पिछले वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में जवानों के साथ दिवाली मनाई है।
- 2014: सियाचिन, लद्दाख
- 2015: पंजाब बॉर्डर
- 2016: सुमदो, हिमाचल प्रदेश
- 2017: गुरेज घाटी, जम्मू-कश्मीर
- 2018: हर्षिल, उत्तराखंड
- 2019: राजौरी, जम्मू-कश्मीर
- 2020: लोंगेवाला, राजस्थान
- 2021: नौशेरा, जम्मू-कश्मीर
- 2022: कारगिल, लद्दाख
- 2023: लेप्चा, हिमाचल प्रदेश
- 2024: सिर क्रीक, गुजरात
- 2025: INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ
इनमें जम्मू-कश्मीर के इलाकों में प्रधानमंत्री तीन बार और लद्दाख में दो बार दिवाली मना चुके हैं। उनकी यह परंपरा हर साल चर्चा में रहती है।
पिछले साल INS Vikrant पर पहुंचे थे प्रधानमंत्री
साल 2025 की दिवाली प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मनाई थी। वह INS विक्रांत पर पहुंचे थे, जो भारत का स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर है।
इस दौरान उन्होंने नौसेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की। उनके साथ त्योहार मनाया और देश की समुद्री सुरक्षा में नौसेना की भूमिका की सराहना की। INS विक्रांत पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने पिछले साल के दिवाली दौरे को खास बना दिया था।
इस बार Bastar में दिवाली मनाने की चर्चा
इस साल छत्तीसगढ़ के बस्तर में प्रधानमंत्री के पहुंचने की चर्चा है। बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से जूझता रहा है। यहां सुरक्षा बल लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं।
ऐसे में अगर प्रधानमंत्री बस्तर पहुंचते हैं तो यह वहां तैनात जवानों के लिए खास मौका होगा। इससे सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति को लेकर भी एक बड़ा संदेश जा सकता है।
हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक बस्तर दौरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित दौरे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
PM Modi ने दिवाली पर देशवासियों को क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में दिवाली को रोशनी, सकारात्मकता और अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक बताया। उन्होंने देशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
जवानों के साथ दिवाली मनाने की अपनी परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने साफ किया कि इस बार भी वह सैनिकों के बीच जाकर त्योहार मनाएंगे।
अब लोगों को प्रधानमंत्री के इस साल के कार्यक्रम के आधिकारिक स्थान का इंतजार है। बस्तर को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि दिवाली 2026 पर मोदी किस सैन्य ठिकाने पर पहुंचकर जवानों के साथ खुशियां साझा करते हैं।
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