दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने राजधानी के लोगों से यमुना नदी के पुनर्जीवन को जनआंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की आस्था, संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इसे स्वच्छ और निर्मल बनाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक दायित्व है।
अपने जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प से जोड़ते हुए जल मंत्री ने वासुदेव घाट पर मां यमुना की आरती की। इस दौरान उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और जीवन के अन्य खास अवसर यमुना किनारे मनाएं। उनके मुताबिक, इससे लोगों का नदी के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा और संरक्षण के प्रयासों में जनभागीदारी मजबूत होगी।
तीन साल में वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य
जल मंत्री ने कहा कि सरकार अगले तीन वर्षों में वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके लिए सीवेज प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और नदी के पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि यमुना के किनारों पर रिवरफ्रंट विकसित करने की भी योजना है। इसका उद्देश्य लोगों को नदी और प्रकृति से जोड़ना है, ताकि यमुना संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े और नागरिक भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अपने खास दिन मां यमुना के नाम करने की अपील
प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने जीवन के यादगार अवसरों को यमुना संरक्षण से जोड़ें। उन्होंने कहा कि नदी के प्रति आस्था केवल आरती तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसकी स्वच्छता और सुरक्षा के लिए भी सामूहिक प्रयास होने चाहिए।
जल मंत्री के अनुसार, सरकार और नागरिकों की साझेदारी से ही यमुना को निर्मल बनाने के लक्ष्य की दिशा में स्थायी बदलाव लाया जा सकता है।








































