करीब 1000 करोड़ रुपए की संपत्तियों और कंपनियों के शेयरों से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस रायपुर पहुंची है। आरोपी महेंद्र गोयनका की गिरफ्तारी के लिए कोलकाता हाईकोर्ट से नया वारंट जारी हुआ है। पुलिस टीम रायपुर में गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोलकाता ले जाकर सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस मामले में पूछताछ और जांच के लिए रिमांड की मांग करेगी।
यह मामला यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर कथित अवैध कब्जे से संबंधित है। कोलकाता के बोबाजार थाने में दर्ज FIR के अनुसार, महेंद्र गोयनका और उनके सहयोगियों पर जाली दस्तावेज, फर्जी हस्ताक्षर और कंपनी की नकली मुहरों के जरिए शेयरों का मालिकाना हक बदलने का आरोप है।
5 हजार शेयरों के मालिकाना हक को लेकर विवाद
FIR के मुताबिक, एडमिट विनट्रेड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर गोपाल कुमार यादव ने शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनकी कंपनी के पास व्यू टेक मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के 5 हजार इक्विटी शेयर थे। ये शेयर उनकी कंपनी ने फ्यूचर डीलट्रेड प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 फरवरी 2018 को इन शेयरों को एडमिट विनट्रेड के नाम दर्ज कर दिया गया था। शेयरों के मूल प्रमाणपत्र भी शिकायतकर्ता कंपनी के पास मौजूद थे।
पुराने रिकॉर्ड में बदलाव कर दोबारा दाखिल किया वार्षिक रिटर्न
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने 6 जुलाई 2018 की कथित बोर्ड मीटिंग के प्रस्ताव के आधार पर वित्तीय वर्ष 2016-17 का संशोधित वार्षिक रिटर्न (MGT-7) दाखिल किया।
इसमें दर्शाया गया कि 9 मार्च 2017 को ही 5 हजार शेयर फ्यूचर डीलट्रेड से महेंद्र गोयनका एंड संस के नाम ट्रांसफर हो गए थे।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उसकी कंपनी ने न तो शेयर बेचने की सहमति दी थी और न ही इसके बदले कोई भुगतान प्राप्त किया था। शेयर ट्रांसफर से संबंधित किसी दस्तावेज पर कंपनी की ओर से हस्ताक्षर भी नहीं किए गए थे।
आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए पुराने रिकॉर्ड में बदलाव कर शेयरों पर कब्जा करने की कोशिश की गई। शिकायत में इसे यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर नियंत्रण हासिल करने की कथित साजिश का हिस्सा बताया गया है।
महेंद्र गोयनका समेत कई लोगों के खिलाफ FIR
कोलकाता के बोबाजार थाने में 30 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया गया। FIR में महेंद्र गोयनका, अभिषेक अग्रवाल, अशोक रैकवार, मनीष गोयनका, सुरेंद्र सिंह सलूजा और धनेश शिवहरे के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा महेंद्र गोयनका एंड संस और सुशील गोयनका एंड संस का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
गिरफ्तारी के बाद कोलकाता ले जाएगी पुलिस
ताजा जानकारी के मुताबिक, कोलकाता हाईकोर्ट से नया वारंट जारी होने के बाद पुलिस टीम रायपुर पहुंची है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे कोलकाता ले जाकर सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा।
इसके बाद पुलिस मामले में आगे की पूछताछ और जांच के लिए रिमांड की मांग करेगी। फिलहाल मामला कथित शेयर धोखाधड़ी और कंपनी के मालिकाना हक में दस्तावेजों के जरिए बदलाव के आरोपों की जांच से जुड़ा है।







































