दीपावली से पहले इंदौर में अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में बिना लाइसेंस आतिशबाजी का सामान जमा करने और बेचने की सूचना पर पुलिस ने छह थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों से 10 लाख रुपए से अधिक कीमत के पटाखे जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छह थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अवैध विस्फोटक सामग्री और पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत क्राइम ब्रांच और संबंधित थानों की टीमों ने विजयनगर, लसूड़िया, एरोड्रम, परदेशीपुरा, खजराना और हीरानगर थाना क्षेत्रों में दबिश दी।
जांच के दौरान पता चला कि कुछ लोग बिना वैध लाइसेंस के पटाखे बेच रहे थे, जबकि कुछ ने रिहायशी इलाकों में बड़ी मात्रा में आतिशबाजी का सामान जमा कर रखा था। पुलिस ने इन सभी ठिकानों से पटाखों का स्टॉक जब्त किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत 10 लाख रुपए से अधिक बताई गई है।
घनी आबादी में पटाखों का भंडारण खतरनाक
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में आतिशबाजी सामग्री रखना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसी जगहों पर आग लगने या विस्फोट होने की स्थिति में आसपास के मकानों और लोगों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
बिना लाइसेंस पटाखे बेचने और अवैध रूप से उनका भंडारण करने वालों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
कार्बाइड गन और पटाखों पर भी निगरानी
पुलिस अब कार्बाइड गन, कार्बाइड लैंप और कार्बाइड से बने पटाखों की बिक्री व अवैध इस्तेमाल पर भी नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान अवैध विस्फोटक सामग्री की बिक्री और भंडारण रोकने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।

