लॉस एंजेलिस (Los Angeles) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा ICE रेड्स (Immigration Raids) के बाद विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए अब National Guard और US Marines को LA में तैनात किया गया है। इस कदम ने न सिर्फ राजनीतिक बहस को जन्म दिया है बल्कि शहर में अशांति और टकराव का माहौल बना दिया है।
Protest का कारण: क्यों भड़की जनता?
- ICE (Immigration and Customs Enforcement) की कार्रवाई में LA County से 118 अप्रवासी गिरफ्तार किए गए, जिनमें अकेले शुक्रवार को 44 लोगों को पकड़ा गया।
- रेड्स फैशन डिस्ट्रिक्ट के गोदामों और Home Depot जैसे स्थानों पर की गईं, जिससे समाज में डर और गुस्से का माहौल पैदा हुआ।
- इन घटनाओं के खिलाफ लोगों ने 6 जून से LA की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू किया।
Shantipurna Protest कैसे बना हिंसक आंदोलन?
- शुरू में शांतिपूर्ण रहा आंदोलन जल्द ही हिंसक हो गया।
- प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लगाई, दीवारों पर “Dead Cops” जैसे भड़काऊ संदेश लिखे।
- 101 फ्रीवे पर कचरा फेंका गया, पुलिस पर पत्थरबाजी की गई।
- LAPD ने हालात काबू में करने के लिए टीयर गैस और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया।
Trump का बड़ा फैसला: National Guard और Marines की तैनाती
- राष्ट्रपति ट्रंप ने करीब 4,000 National Guard और 700 Active Duty US Marines को LA में तैनात किया।
- इसके अलावा 2,000 अतिरिक्त गार्ड्स को रिज़र्व में रखा गया, जिससे कुल संख्या लगभग 5,000 जवानों तक पहुंच गई।
- ट्रंप ने गवर्नर गैविन न्यूसम और मेयर करन बैस की आलोचना करते हुए कहा कि वे “कानून व्यवस्था बनाए रखने में असफल” रहे हैं।
Governor और Mayor की प्रतिक्रिया
- Governor Gavin Newsom ने ट्रंप की कार्रवाई को “असंवैधानिक” बताते हुए फेडरल कोर्ट में याचिका दायर की है।
- Mayor Karen Bass ने LA को “फेडरल टेस्ट केस” बताया और इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया।
- LAPD चीफ जिम मैकडॉनेल ने कहा कि उन्हें फेडरल डिप्लॉयमेंट की सूचना नहीं दी गई थी, जिससे स्थानीय सुरक्षा को नुकसान हो सकता है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!


