भोपाल में Public Transport की हालत खराब, City Link Bus Routes सिर्फ 6 बचे
भोपाल में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। Bhopal City Link Limited (BCLL) ने पहले जहां करीब 25 रूट्स पर बसें चलाई थीं, अब यह संख्या घटकर सिर्फ 6 रह गई है। लगभग 250 बसों को 9 महीने में सेवा से हटा लिया गया, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाएं, छात्र और कामकाजी लोग अब मजबूरी में प्राइवेट साधनों, खासकर ई-रिक्शा (E-Rickshaw) का सहारा ले रहे हैं।
E-Rickshaw Boom in Bhopal: जहां बसें रुकीं, वहां ई-रिक्शा दौड़े
E-Rickshaws की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले साल जहां 2,500 ई-रिक्शा पंजीकृत थे, वहीं अब यह आंकड़ा 3,000 से पार हो चुका है। इनका उपयोग केवल सवारी ढोने में नहीं, बल्कि माल ढुलाई (Goods Transport) में भी हो रहा है – जैसे कि सीमेंट, टाइल्स और सैनेटरी आइटम।
ई-रिक्शा का उद्देश्य था Last-Mile Connectivity, लेकिन अब यह मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक और खतरे की बड़ी वजह बन चुके हैं।
Traffic Jam & Road Safety: VIP रोड से लेकर लिंक रोड तक हंगामा
भोपाल की मुख्य सड़कें जैसे VIP Road, Link Road 1 & 2, और Hoshangabad Road अब ई-रिक्शा से जाम हो जाती हैं।
- बिना सिग्नल दिए रुक जाना
- गलत दिशा में चलना
- ओवरलोडिंग करना
ये सब आम हो चुका है।
भोपाल निवासी सोशल मीडिया पर लिखते हैं:
“ई-रिक्शा अब सड़कों पर बेतरतीब चल रहे हैं, जिससे रोज ट्रैफिक जाम और एक्सीडेंट हो रहे हैं।”
Administration की तैयारी: E-Rickshaws होंगे Main Roads से बैन?
अब प्रशासन सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। Road Safety Committee सुझाव दे रही है कि ई-रिक्शा को फीडर रूट्स (Feeder Roads) तक ही सीमित किया जाए और मुख्य सड़कों पर प्रतिबंध लगाया जाए। इससे ट्रैफिक कंट्रोल और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
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