यरुशलम/तेहरान।
Israel-Iran War को लेकर बुधवार को एक बड़ा खुलासा हुआ। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर हमले की पूरी रणनीति पहले ही बता दी थी।
यरुशलम में कैबिनेट मीटिंग से पहले नेतन्याहू ने कहा—
“मैंने ट्रम्प को दो प्लान दिए थे— एक अमेरिका के साथ और दूसरा अमेरिका के बिना। फैसला ट्रम्प पर छोड़ा कि वो साथ देंगे या नहीं।”
वहीं, अमेरिका में नाटो समिट के दौरान ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि ईरानी परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों की वजह से 12 दिन तक चली Israel-Iran जंग रुक गई।
ट्रम्प ने दावा किया—
“ईरान ने 12 दिन तक नर्क झेला। अब वो न्यूक्लियर वेपन बनाने का सपना छोड़ चुका है। अगर उसने फिर से चालाकी की, तो दोबारा हमला होगा।”
अमेरिकी मीडिया की राय अलग
हालांकि, CNN और New York Times जैसी अमेरिकी मीडिया संस्थाओं ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि—
“अमेरिकी हमलों से ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह तबाह नहीं हुआ, बस कुछ महीनों के लिए धीमा पड़ा है।”
ट्रम्प ने इस रिपोर्ट को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर “Fake News” करार दिया है।
12 दिन बाद इजराइल-ईरान सीजफायर, दोनों देशों ने ‘जीत’ का दावा किया
मंगलवार को जंग के 12वें दिन आखिरकार सीजफायर की घोषणा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सुबह 3:30 बजे Truth Social पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
इसके बाद इजराइल और ईरान दोनों ने सीजफायर की पुष्टि करते हुए खुद को विजेता बताया।
नेतन्याहू ने कहा:
“हमने ईरान के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की है जो पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी।”
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पलटवार करते हुए कहा—
“हम परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ेंगे। यह हमारी मेहनत और वैज्ञानिक बलिदानों का परिणाम है।”
Israel-Iran युद्ध भले ही थम गया हो, लेकिन इससे जुड़े राजनयिक, सैन्य और परमाणु सवाल अब भी दुनिया को परेशान कर रहे हैं। जहां एक ओर इजराइल इसे ऐतिहासिक जीत मान रहा है, वहीं ईरान अपनी जिद्द पर अड़ा है। अगला कदम क्या होगा, यह आने वाला वक्त बताएगा।
