भोपाल में MP Board Exam (मध्य प्रदेश बोर्ड) की कक्षा 12 की पूरक (Supplementary) परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली गलती सामने आई। छात्रों को 12वीं का पेपर देने की बजाय गलती से कक्षा 10वीं का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। छात्रों ने जब विरोध जताया, तब भी उन्हें मजबूरी में वही गलत पेपर हल करना पड़ा। इस लापरवाही के चलते केंद्र के स्टाफ को तुरंत हटा दिया गया है और मामले की जांच शुरू हो गई है।
क्या है MP Board Exam Mistake की पूरी घटना?
- यह घटना भोपाल के एक परीक्षा केंद्र की है, जहां Class 12 Supplementary Exam 2025 के तहत परीक्षा दी जा रही थी।
- छात्रों को जैसे ही प्रश्नपत्र मिला, उन्होंने तुरंत शिकायत की कि यह Class 10 का पेपर है, लेकिन केंद्र स्टाफ ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।
- नतीजतन, छात्रों को वही पेपर हल करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
कब से चल रही हैं MP Board Exam पूरक परीक्षाएं?
MP Board की 10वीं और 12वीं की Supplementary परीक्षाएं 17 जून से 5 जुलाई 2025 तक पूरे मध्य प्रदेश में आयोजित की जा रही हैं। यह पहली बार है जब बोर्ड ने एकेडमिक ईयर के भीतर ही “दूसरा मौका परीक्षा” (Second Attempt Exams) की व्यवस्था की है।
परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या
- अकेले इंदौर ज़िले में ही 2200 से अधिक छात्रों ने पूरक परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है।
- राज्यभर में हजारों विद्यार्थी इस Supplementary परीक्षा में भाग ले रहे हैं, क्योंकि यह उनके लिए अगला शैक्षणिक साल बचाने का अंतिम मौका है।
MPBSE की कार्रवाई और छात्रों की मांग
- बोर्ड ने संबंधित परीक्षा केंद्र के स्टाफ को हटा दिया है।
- आशंका है कि पेपर दोबारा आयोजित किया जाएगा, जिससे छात्रों को न्याय मिल सके।
- छात्र और अभिभावक मांग कर रहे हैं कि बोर्ड तुरंत कोई स्पष्ट निर्णय ले और मानसिक रूप से परेशान छात्रों को राहत प्रदान करे।
Students के Future पर Impact
इस बड़ी गलती का असर छात्रों की कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया, स्कॉलरशिप और भविष्य की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
अगर परीक्षा दोबारा करवाई जाती है तो छात्रों को न केवल फिर से तैयारी करनी पड़ेगी, बल्कि तनाव का सामना भी करना होगा।
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