गणेश उत्सव 2025 (Ganesh Utsav 2025) का तीसरा दिन भक्ति, ज्ञान और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भक्त Ganpati Bappa की विशेष पूजा-अर्चना कर समृद्धि, सुख-शांति और विघ्नों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि Ganesh Day 3 पर की गई पूजा से जीवन में साहस, विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Ganesh Day 3 का महत्व (Significance)
गणपति उत्सव के तीसरे दिन भगवान गणेश को “सिंहासनाधीश” रूप में पूजा जाता है। ऐसा करने से—
- परिवार में आपसी प्रेम और एकता बनी रहती है।
- विद्यार्थियों को शिक्षा और करियर में सफलता मिलती है।
- व्यापारियों के लिए आर्थिक उन्नति और धन की वृद्धि होती है।
पूजा विधि (Puja Vidhi)
- स्नान और संकल्प: सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर संकल्प लें।
- गणपति स्थापना: मूर्ति या चित्र के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाएँ।
- अभिषेक: गंगाजल, दूध और पंचामृत से गणपति का स्नान कराएँ।
- भोग: मोदक, लड्डू और दूर्वा अर्पित करें।
- मंत्र और आरती: “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जप करें और आरती करें।
शुभ रंग और भोग (Lucky Color & Bhog)
- शुभ रंग: लाल और पीला – ये शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक हैं।
- शुभ फूल: गेंदे और कमल के फूल।
- शुभ भोग: मोदक, नारियल और बेसन लड्डू।
Ganesh Utsav Day 3 का खास संदेश
गणेश उत्सव का तीसरा दिन यह सिखाता है कि ज्ञान और साहस से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। इस दिन बप्पा की पूजा से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है।
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