Pitra Paksh 2025, जिसे श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है, वह पवित्र समय है जब हम अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह समय 15 सितम्बर 2025 से शुरू हुआ और 29 सितम्बर 2025 तक चलेगा।
दिन 2 का महत्व (6 सितंबर 2025 का श्राद्ध)
पितृ पक्ष का दूसरा दिन विशेष रूप से उन पूर्वजों के लिए माना जाता है जिन्होंने अपने परिवार को कभी न भूलने वाले संस्कार और ज्ञान दिया। इस दिन पितृ तर्पण और दान पुण्य करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
पितृ तर्पण की विधि
- तटस्थ जल या गंगा जल में किसी पात्र में आटे, दाल, और तिल का मिश्रण डालकर पितरों का स्मरण करें।
- अपने पूर्वजों के नाम का उच्चारण करते हुए उनका आह्वान करें।
- साथ ही, जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त और समय
दिन 2 के लिए पितृ पक्ष के शुभ समय में तर्पण और श्राद्ध कार्य करना विशेष फलदायी माना गया है।
- सकाळी समय: 6:00 AM – 8:30 AM
- दोपहर का समय: 12:00 PM – 2:30 PM
- संध्या समय: 5:30 PM – 7:00 PM
पितृ पक्ष 2025 के लिए विशेष उपाय
- इस दिन किसी गुरु या ब्राह्मण को भोजन कराना पुण्यदायक माना जाता है।
- काले तिल का दान और गरीबों को भोजन देना भी पितरों को संतुष्ट करने का उपाय है।
- पितृ पक्ष के दौरान सकारात्मक विचार और शांति का अभ्यास करना परिवार में सुख और स्वास्थ्य लाता है।
पितृ पक्ष का धार्मिक महत्व
पितृ पक्ष केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। यह समय हमें याद दिलाता है कि हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद ही हमारे जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाता है।
पितृ पक्ष के दिन 2 पर किए गए तर्पण और दान से पूर्वजों की आत्मा की शांति के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यह समय अपने परिवार, पूर्वजों और समाज के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भी है।
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