प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए GST रेट्स पर कहा कि MSME सेक्टर को डबल फायदा होगा—बिक्री बढ़ेगी और टैक्स घटेगा। उन्होंने स्वदेशी अपनाने और मेड इन इंडिया सामान खरीदने की अपील की।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश के नाम अपने विशेष संबोधन में कहा कि GST सुधारों से छोटे और मझोले उद्योग (MSME) को डबल फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई टैक्स दरों से न सिर्फ उनकी बिक्री बढ़ेगी बल्कि टैक्स का बोझ भी कम होगा।
मोदीजी ने कहा—
“जब भारत तरक्की के शिखर पर था तो उसकी रीढ़ MSME ही थे। हमें उस गौरव को वापस पाना है। हमारे यहां बना सामान दुनिया में बेस्ट हो, यही हमारा लक्ष्य है।”
MSME और स्वदेशी पर जोर
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी अभियान को देश की समृद्धि की कुंजी बताते हुए कहा कि जैसे आज़ादी की ताकत स्वदेशी से मिली थी, वैसे ही विकसित भारत का सपना भी स्वदेशी से पूरा होगा।
- “हमें हर घर को स्वदेशी का प्रतीक बनाना है।”
- “हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है।”
- “गर्व से कहो मैं स्वदेशी खरीदता हूं और बेचता हूं।”
GST से कीमतों में राहत
सरकार ने टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाते हुए अब सिर्फ 5% और 18% की दरें रखने का फैसला किया है।
- रोजमर्रा और खाने-पीने की चीजें या तो टैक्स-फ्री होंगी या केवल 5% टैक्स लगेगा।
- जिन वस्तुओं पर पहले 12% GST लगता था, उनमें से 99% अब 5% श्रेणी में आ गई हैं।
- घर बनाने, टीवी-फ्रिज खरीदने, बाइक-स्कूटर और घूमने-फिरने का खर्च भी अब कम होगा।
मोदी ने कहा कि नए बदलावों से आम लोगों को 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत होगी।
गरीब और मिडिल क्लास को राहत
उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और अब नया मिडिल क्लास देश की ताकत बन रहा है।
- इस साल 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री की गई है।
- GST कटौती से रोजमर्रा की जरूरतें और सस्ती होंगी।
One Nation One Tax का सपना
मोदी जी ने कहा—
“रिफॉर्म लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। समय और जरूरत के हिसाब से बदलाव होते हैं। यही कारण है कि GST को भी नए रूप में लाया गया है। 22 सितंबर को सूर्योदय के साथ ही GST बचत उत्सव शुरू होगा।”
केंद्र और राज्य की साझेदारी
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों से अपील की कि वे स्वदेशी अभियान के साथ मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा दें और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करें। उन्होंने कहा—
“केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे तभी विकसित भारत का सपना पूरा होगा।”
