बेंगलुरु ट्रैफिक जाम की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। इसे हल करने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने विप्रो (Wipro) के संस्थापक अजीम प्रेमजी (Azim Premji) को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि कंपनी परिसर की Private Road को सीमित समय के लिए ट्रैफिक के उपयोग में लाने की अनुमति दी जाए।
30% तक कम होगा Bengaluru Traffic Jam
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पत्र में दावा किया कि यदि विप्रो परिसर की रोड को पब्लिक ट्रैफिक के लिए खोला जाता है तो आउटर रिंग रोड (Outer Ring Road – ORR) पर जाम की स्थिति करीब 30% तक सुधर सकती है। खासतौर पर पीक आवर्स में इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।
Productivity और Quality of Life पर असर
सिद्धारमैया ने कहा कि बढ़ते जाम का असर केवल ट्रैफिक पर ही नहीं बल्कि लोगों की Productivity, Mobility और Urban Life Quality पर भी पड़ रहा है। उन्होंने अपील की कि इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सरकार और कॉर्पोरेट कंपनियों को मिलकर काम करना होगा।
आईटी हब क्षेत्र में सबसे ज्यादा दिक्कत
बेंगलुरु के आईटी हब इलाकों जैसे आउटर रिंग रोड पर रोजाना लाखों लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इससे जहां समय की बर्बादी होती है, वहीं अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ता है।
Public-Private Partnership Model की शुरुआत
सरकार का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो अन्य निजी परिसरों को भी इस तरह से जोड़ा जा सकता है। इससे ट्रैफिक मैनेजमेंट में Public-Private Partnership (PPP Model) की नई शुरुआत होगी।
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