Sresan Pharmaceuticals के Coldrif Cough Syrup विवाद के बीच Enforcement Directorate (ED) ने चेन्नई में कंपनी से जुड़े सात स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई G. Ranganathan की गिरफ्तारी के बाद की गई, जिन्हें मध्य प्रदेश पुलिस ने 9 अक्टूबर 2025 को हिरासत में लिया था।
ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच
ED की जांच Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत कंपनी के financial transactions और money laundering की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कंपनी के illegal और toxic operations का वित्तीय पक्ष उजागर करने के लिए उठाया गया है।
Coldrif Cough Syrup में विषाक्तता और बच्चों की मौत
Sresan Pharma के Coldrif सिरप में diethylene glycol (DEG) पाया गया, जो अत्यधिक जहरीला है। इस कारण कम से कम 22 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के थे। मृतक मामले मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले और राजस्थान में सामने आए हैं।
TNFDA और कंपनी की अनियमितताएं
Sresan Pharmaceuticals को 2011 में Tamil Nadu Food and Drug Administration (TNFDA) द्वारा लाइसेंस मिला था। कंपनी ने राष्ट्रीय drug safety regulations का उल्लंघन करते हुए लगभग एक दशक तक संचालन जारी रखा। Kanchipuram स्थित कंपनी की फैक्ट्री में poor infrastructure और multiple compliance failures पाई गईं, जिसमें DEG का उपयोग भी शामिल था।
सरकारी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
- तमिलनाडु सरकार ने दो वरिष्ठ state drug inspectors को निलंबित किया।
- Sresan Pharmaceuticals को बंद करने का आदेश जारी।
- Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO) ने कंपनी के manufacturing license रद्द करने की सिफारिश की और criminal proceedings शुरू की।
WHO की चेतावनी
World Health Organization (WHO) ने भारत में घरेलू दवाओं में DEG और Ethylene Glycol की सुरक्षा जांच में कमियों पर चिंता जताई। WHO ने कहा कि यदि दूषित दवाएं export हुईं तो वैश्विक स्तर पर खतरा हो सकता है। उन्होंने सभी contaminated pharmaceutical products को market से हटाने का आग्रह किया।
आगे की प्रक्रिया
ED की जांच का उद्देश्य Sresan Pharma के financial और operational aspects को उजागर करना और toxic syrup से हुई बच्चों की मौत के लिए accountability तय करना है।

