दक्षिण एशिया एक बार फिर अस्थिरता की दहलीज पर खड़ा दिखाई दे रहा है। Afghanistan और Pakistan के बीच सीमा पर तनाव तेजी से बढ़ा है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर बड़े सैन्य हमलों और भारी नुकसान के दावे किए हैं। हालात इतने गंभीर बताए जा रहे हैं कि इसे “ओपन वॉर” यानी खुले युद्ध जैसी स्थिति कहा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
Afghanistan की ओर से दावा किया गया है कि सीमा पर हुई झड़पों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। अफगान अधिकारियों का यह भी कहना है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान का एक लड़ाकू जेट मार गिराया गया। उनका आरोप है कि पाकिस्तान की ओर से की गई एयरस्ट्राइक के बाद यह कार्रवाई की गई।
वहीं पाकिस्तान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी वायुसेना ने सीमावर्ती इलाकों में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिनमें 133 लड़ाके मारे गए। पाकिस्तान का कहना है कि ये कार्रवाई उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत की गई।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया कि हालात “खुले युद्ध” की ओर बढ़ सकते हैं। उनका कहना है कि यदि सीमा पार से हमले जारी रहे तो पाकिस्तान कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
सीमा विवाद और पुराना तनाव
दोनों देशों के बीच डूरंड रेखा को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। यह सीमा औपनिवेशिक दौर में तय की गई थी, जिसे लेकर आज भी मतभेद कायम हैं। हाल के वर्षों में सीमा पार आतंकवाद, उग्रवादी संगठनों की मौजूदगी और सुरक्षा चौकियों पर हमलों के कारण रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी समूहों की गतिविधियों ने हालात को और जटिल बना दिया है।
आम लोगों पर क्या असर?
सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गोलाबारी और हवाई हमलों की आशंका से कई परिवार सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। स्थानीय निवासियों में डर और अनिश्चितता का माहौल है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। दक्षिण एशिया पहले ही कई सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में दो पड़ोसी देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
