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India-Afghanistan Cricket Series: 94 साल में पहली बार दिल्ली में ऐसा मुकाबला, टीम इंडिया होगी 'विदेशी' मेजबान

India-Afghanistan Cricket Series: 94 साल में पहली बार दिल्ली में ऐसा मुकाबला, टीम इंडिया होगी ‘विदेशी’ मेजबान

भारतीय क्रिकेट में 94 साल बाद एक ऐसा मौका आने वाला है, जो अपने आप में बेहद खास है। इस बार Delhi में मैच होगा, लेकिन टीम इंडिया अपने ही देश में ‘विदेशी’ टीम की तरह नजर आएगी। इसकी वजह भी काफी दिलचस्प है—मुकाबले में अफगानिस्तान की टीम औपचारिक रूप से मेजबान होगी। यह स्थिति भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक अलग तरह का अनुभव देने वाली है। आमतौर पर भारत में होने वाले मैचों में टीम इंडिया को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलता है, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग होंगी। दिल्ली में होगा मैच, लेकिन मेजबान अफगानिस्तान भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली इस क्रिकेट सीरीज में दिल्ली का मैदान चर्चा में है। मैच भारत में होने के बावजूद Afghanistan Cricket Board मेजबानी की भूमिका में रहेगा। यानी मैदान भारत का होगा, दर्शक भारतीय होंगे और टीम इंडिया भी यहीं खेलेगी, लेकिन आधिकारिक तौर पर मेजबान टीम अफगानिस्तान होगी। 94 साल बाद क्यों बना ऐसा संयोग? इस पूरे मामले की वजह अफगानिस्तान के घरेलू क्रिकेट कार्यक्रम और भारत में उसके मैचों की मेजबानी से जुड़ी व्यवस्था है। अफगानिस्तान लंबे समय से अपने घरेलू मुकाबलों के लिए भारत के मैदानों का इस्तेमाल करता रहा है। इसी व्यवस्था के चलते इस सीरीज में भारत में रहते हुए भी अफगानिस्तान को घरेलू टीम की भूमिका मिलेगी। पिच का फैसला भी अफगानिस्तान करेगा इस सीरीज का एक और दिलचस्प पहलू pitch preparation है। चूंकि अफगानिस्तान आधिकारिक मेजबान है, इसलिए मैच की परिस्थितियों और पिच से जुड़े फैसलों में उसकी भूमिका अहम होगी। क्रिकेट में पिच का चुनाव काफी मायने रखता है। स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार पिच हो या तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल विकेट—मैच का रुख काफी हद तक इससे प्रभावित हो सकता है।
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Indonesia Ship Accident: 243 यात्रियों वाला जहाज डूबा, 102 लोगों को बचाया गया

Indonesia Ship Accident: 243 यात्रियों वाला जहाज डूबा, 102 लोगों को बचाया गया

इंडोनेशिया में एक बड़ा Ship Accident सामने आया है। 243 यात्रियों को लेकर जा रहा एक जहाज समुद्र में डूब गया। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान तेजी से चलाया गया। अब तक 102 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। करीब 140 लोगों की तलाश अभी भी जारी है। समुद्र में डूबा यात्रियों से भरा जहाज मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा इंडोनेशिया के समुद्री इलाके में हुआ। जहाज पर बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। अचानक जहाज के डूबने की खबर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और Search and Rescue टीमों को सक्रिय किया गया। बचाव दलों ने समुद्र में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी। 102 लोगों को सुरक्षित बचाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक 102 यात्रियों को बचाया जा चुका है। इन लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जरूरी मदद दी जा रही है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की भी जानकारी सामने आई है। वहीं बड़ी संख्या में लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं। 140 लोगों की तलाश जारी सबसे बड़ी चिंता उन यात्रियों को लेकर है, जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 140 लोगों की तलाश की जा रही है। रेस्क्यू टीमें समुद्र में लगातार अभियान चला रही हैं। खराब मौसम और समुद्री परिस्थितियां बचाव कार्य को मुश्किल बना सकती हैं। इसके बावजूद लापता लोगों को खोजने की कोशिश जारी है। परिवारों में बढ़ी चिंता हादसे की खबर सामने आने के बाद यात्रियों के परिवारों में चिंता का माहौल है। लोग अपने परिजनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। फिलहाल राहत और बचाव अभियान पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अधिकारियों की ओर से यात्रियों की स्थिति और हादसे की वजह से जुड़ी अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।
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BRICS Summit 2026: फोटो सेशन में जिनपिंग-पुतिन के बीच दिखे PM मोदी, टेक्नोलॉजी और मिनरल्स पर दिया बड़ा संदेश

BRICS Summit 2026: फोटो सेशन में जिनपिंग-पुतिन के बीच दिखे PM मोदी, टेक्नोलॉजी और मिनरल्स पर दिया बड़ा संदेश

नई दिल्ली में चल रहे BRICS Summit 2026 में दुनिया की नजर भारत पर है। सम्मेलन के दौरान नेताओं का Group Photo Session भी खास चर्चा में रहा। फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक साथ नजर आए। यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब भारत, चीन और रूस के बीच कूटनीतिक गतिविधियां काफी अहम मानी जा रही हैं। शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं और दिल्ली में उन्होंने PM मोदी से भी मुलाकात की। फोटो सेशन में एक फ्रेम में मोदी, जिनपिंग और पुतिन BRICS Summit के दौरान नेताओं का सामूहिक फोटो सेशन हुआ। इसमें PM Modi, Xi Jinping और Vladimir Putin एक ही फ्रेम में नजर आए। तीनों नेताओं की मौजूदगी ने इस तस्वीर को खास बना दिया। भारत की मेजबानी में हो रही इस बैठक में वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है। मोदी ने टेक्नोलॉजी को लेकर दिया बड़ा संदेश BRICS के संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने टेक्नोलॉजी और Critical Minerals को रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और महत्वपूर्ण खनिजों पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण या उनका हथियार की तरह इस्तेमाल दुनिया की साझा प्रगति को प्रभावित कर सकता है। मोदी ने BRICS देशों के बीच सहयोग और तकनीक के समावेशी इस्तेमाल पर जोर दिया। Critical Minerals क्यों हैं इतने अहम? Critical Minerals यानी ऐसे महत्वपूर्ण खनिज, जिनका इस्तेमाल आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा और कई औद्योगिक क्षेत्रों में होता है। दुनिया में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इन संसाधनों की Supply Chain में किसी तरह का बड़ा व्यवधान कई देशों की अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि BRICS मंच पर इस मुद्दे को अहम माना जा रहा है। दुनिया में बढ़ते तनाव पर भी चिंता PM मोदी ने अपने संबोधन में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, Supply Chain में रुकावट और वैश्विक चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और Global South की साझा प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का असर आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। ऐसे में देशों के बीच सहयोग और मजबूत Supply Chains जरूरी हैं।
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Patwari on Student Protest: ‘₹10 लाख नहीं, ₹10 करोड़ भी मांगते तो देते’, बोले- मुद्दा पैसा नहीं छात्रों की आवाज है

Patwari on Student Protest: ‘₹10 लाख नहीं, ₹10 करोड़ भी मांगते तो देते’, बोले- मुद्दा पैसा नहीं छात्रों की आवाज है

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने छात्रों से जुड़े एक मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पटवारी ने कहा कि अगर छात्रों के लिए ₹10 लाख की जगह ₹10 करोड़ भी देने की जरूरत होती, तो कांग्रेस पीछे नहीं हटती। उनके मुताबिक असली मुद्दा पैसा नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और उनके भविष्य से जुड़े सवाल हैं। पटवारी ने कहा कि आज शिक्षा और रोजगार के बीच की कड़ी कमजोर होती जा रही है। युवाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर अवसर मिलें, इसके लिए सरकार को गंभीरता से काम करने की जरूरत है। ‘मुद्दा पैसा नहीं, छात्रों की आवाज है’ पटवारी ने कहा कि छात्रों की मांग को सिर्फ पैसों के नजरिए से देखना सही नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अगर किसी छात्र हित के काम के लिए बड़ी रकम की जरूरत होती, तो वह भी उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती। उनका कहना है कि छात्रों की समस्याओं को सुनना और उनकी आवाज को मंच देना ज्यादा महत्वपूर्ण है। युवा देश और प्रदेश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। शिक्षा और रोजगार की कड़ी पर उठाए सवाल कांग्रेस नेता ने कहा कि Education और Employment एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। अगर युवाओं को अच्छी शिक्षा मिलने के बाद रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते, तो पूरी व्यवस्था का उद्देश्य कमजोर पड़ जाता है। उन्होंने युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा, Skill Development और रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। युवाओं को लेकर कांग्रेस का फोकस मध्य प्रदेश में कांग्रेस लगातार युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि युवाओं की समस्याओं पर केवल घोषणाओं के बजाय जमीन पर ठोस काम दिखाई देना चाहिए। पटवारी का यह बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है। ‘छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए’ पटवारी ने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि युवा केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था और रोजगार का भरोसा चाहते हैं। अब इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में Student Issues, Education और Employment को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।
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राष्ट्रपति के करीबी दोस्त का जासूसी कांड: खुफिया राज चुराकर 6 देशों को पहुंचाया नुकसान

राष्ट्रपति के करीबी दोस्त का जासूसी कांड: खुफिया राज चुराकर 6 देशों को पहुंचाया नुकसान

दुनिया के इतिहास में ऐसे कई जासूसी कांड सामने आए हैं, जिन्होंने बड़े-बड़े देशों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। लेकिन जब किसी देश के राष्ट्रपति का करीबी ही भरोसे को तोड़कर खुफिया जानकारी दुश्मनों तक पहुंचाने लगे, तो मामला और भी गंभीर हो जाता है। इस कहानी में भी कुछ ऐसा ही हुआ। राष्ट्रपति के बेहद करीबी माने जाने वाले एक व्यक्ति पर आरोप लगा कि उसने अपने पद और संपर्कों का फायदा उठाकर बेहद संवेदनशील जानकारी हासिल की। मामला सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई देशों की सुरक्षा इससे प्रभावित हुई। पार्टी और ऐशो-आराम के बीच चलता था खुफिया खेल कहानी का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि बाहर से सब कुछ सामान्य नजर आता था। पार्टियां, नाच-गाना और बड़े लोगों के साथ उठना-बैठना उसकी जिंदगी का हिस्सा था। इसी वजह से शायद किसी को उस पर आसानी से शक भी नहीं हुआ। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर सामने आया कि इन मेल-जोल और संपर्कों के पीछे एक बड़ा मकसद छिपा हो सकता है। संवेदनशील जगहों तक पहुंच और प्रभावशाली लोगों से नजदीकी ने उसे ऐसी जानकारी तक पहुंच दिलाई, जो आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं थी। रक्षा मंत्रालय से जुड़ी जानकारी बनी सबसे बड़ा खतरा मामले में रक्षा मंत्रालय और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाओं का जिक्र सामने आया। ऐसी जानकारी किसी भी देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि इसका गलत हाथों में जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। आरोप है कि हासिल की गई जानकारी को दूसरे देशों तक पहुंचाया गया। रिपोर्टों में छह देशों का जिक्र मिलता है, जिनके खिलाफ इस खुफिया नेटवर्क ने जानकारी का इस्तेमाल किया। राष्ट्रपति का दोस्त ही क्यों बना शक के घेरे में? सबसे बड़ा सवाल यही था कि राष्ट्रपति के इतने करीब रहने वाला व्यक्ति आखिर ऐसा क्यों करेगा? करीबी रिश्ते की वजह से उसे कई महत्वपूर्ण लोगों और जगहों तक पहुंच मिलती थी। यही भरोसा बाद में उसके लिए सबसे बड़ा हथियार बन गया। जांच एजेंसियों के सामने जब कई कड़ियां जुड़ने लगीं, तो शक गहरा होता चला गया। यह मामला एक बार फिर बताता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा में सिर्फ बाहरी खतरे ही महत्वपूर्ण नहीं होते। कभी-कभी सबसे बड़ा खतरा उस व्यक्ति से भी पैदा हो सकता है, जिस पर सबसे ज्यादा भरोसा किया जाता है। 6 देशों को नुकसान पहुंचाने का दावा मामले से जुड़े दावों के मुताबिक, चुराई गई खुफिया जानकारी का इस्तेमाल कई देशों के खिलाफ किया गया। इससे सुरक्षा एजेंसियों को अपने सिस्टम और गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा पर दोबारा विचार करना पड़ा। हालांकि, ऐसे मामलों में सामने आने वाले हर दावे को आधिकारिक जांच और दस्तावेजों के आधार पर ही सही माना जा सकता है। इसलिए कहानी के सनसनीखेज हिस्सों के साथ-साथ तथ्यों को समझना भी जरूरी है।
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Bhopal News: जेल पहुंचने के दो दिन बाद बंदी की मौत, पुलिस पर मारपीट का आरोप; चोरी के केस में हुई थी गिरफ्तारी

Bhopal News: जेल पहुंचने के दो दिन बाद बंदी की मौत, पुलिस पर मारपीट का आरोप; चोरी के केस में हुई थी गिरफ्तारी

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक गंभीर मामला सामने आया है। चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए एक बंदी की जेल पहुंचने के करीब दो दिन बाद मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बंदी की हालत पुलिस हिरासत में बिगड़ी थी और उसके शरीर पर चोट के निशान भी थे। चोरी के मामले में पकड़ा गया था युवक जानकारी के मुताबिक, मृतक को चोरी से जुड़े एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत भोपाल जेल भेजा गया था। जेल पहुंचने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। हालात गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोप मृतक के परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि पुलिस की कथित मारपीट के कारण उसकी हालत खराब हुई। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के निशान होने की बात भी कही है। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले को लेकर अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है। मौत की वजह जांच का विषय बंदी की मौत के बाद जेल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होने की उम्मीद है। मामले में अधिकारियों की ओर से उपलब्ध तथ्यों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है, तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
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Indore News: कॉल सेंटर कर्मचारी की मौत से मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच; दवाई बाजार के पास हादसे में भी युवक की मौत

Indore News: कॉल सेंटर कर्मचारी की मौत से मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच; दवाई बाजार के पास हादसे में भी युवक की मौत

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत का मामला सामने आया है। एक घटना में कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक की मौत हुई, जबकि दूसरी घटना दवाई बाजार के पास हुए हादसे से जुड़ी है। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कॉल सेंटर कर्मचारी की मौत इंदौर में कॉल सेंटर में काम करने वाले एक युवक की मौत के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। घटना की जानकारी पुलिस को युवक की गर्लफ्रेंड की ओर से दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटाई है। फिलहाल मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दवाई बाजार के पास भी युवक की मौत इसी बीच इंदौर के दवाई बाजार के पास एक अन्य हादसे में भी एक युवक की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। एक ही शहर में सामने आई इन दो घटनाओं ने लोगों को चिंतित कर दिया है। पुलिस दोनों मामलों में उपलब्ध जानकारी और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
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इंदौर में World Tribal Day पर विशाल रैली, पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए हजारों युवा

इंदौर में World Tribal Day पर विशाल रैली, पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए हजारों युवा

इंदौर: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर इंदौर में शनिवार को आदिवासी समाज की भव्य रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में युवा और समाज के लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे लोगों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं की झलक पेश की। रैली के दौरान शहर का माहौल काफी जीवंत नजर आया। युवा पारंपरिक परिधानों में सजकर पहुंचे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते दिखाई दिए। कई जगहों पर लोगों ने आदिवासी लोक संस्कृति से जुड़े गीत और नृत्य भी प्रस्तुत किए। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे युवा विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में युवाओं की खास भागीदारी देखने को मिली। पुरुष और महिलाएं पारंपरिक आदिवासी परिधानों और आभूषणों में नजर आए। रैली में शामिल लोगों ने अपनी संस्कृति, पहचान और परंपराओं को सहेजने का संदेश दिया। रैली के दौरान हाथों में झंडे और बैनर लिए लोग आगे बढ़ते रहे। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई युवा समूह बनाकर पारंपरिक नृत्य करते हुए भी नजर आए। आदिवासी संस्कृति की दिखी खूबसूरत झलक इस आयोजन के जरिए आदिवासी समाज ने अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत को लोगों के सामने रखा। पारंपरिक नृत्य, संगीत, पहनावे और लोक परंपराओं ने रैली को खास बना दिया। विश्व आदिवासी दिवस हर साल आदिवासी समुदायों की संस्कृति, अधिकारों और उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इंदौर में आयोजित यह रैली भी इसी भावना को दर्शाती नजर आई।
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MP News: मध्य प्रदेश को मिली 4 नई Direct Flights, बढ़ेगी Air Connectivity; CM बोले- हवाई सफर अब जरूरत

MP News: मध्य प्रदेश को मिली 4 नई Direct Flights, बढ़ेगी Air Connectivity; CM बोले- हवाई सफर अब जरूरत

भोपाल: मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। राज्य को चार नई सीधी उड़ानों की सौगात मिली है। इन नई फ्लाइट्स के शुरू होने से प्रदेश के अलग-अलग शहरों के बीच हवाई सफर आसान होने की उम्मीद है। नई उड़ानों के जरिए यात्रियों को आने-जाने के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे। इससे खासकर नौकरी, कारोबार, शिक्षा और पर्यटन के लिए यात्रा करने वाले लोगों को फायदा हो सकता है। चार नई उड़ानों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी मध्य प्रदेश में नई सीधी उड़ानों के शुरू होने से एयर कनेक्टिविटी का नेटवर्क और मजबूत होगा। अब यात्रियों को कुछ रूट पर यात्रा के लिए दूसरे शहरों में फ्लाइट बदलने की जरूरत कम हो सकती है। सरकार का फोकस प्रदेश के प्रमुख शहरों को बेहतर हवाई सेवा से जोड़ने पर है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। CM ने कहा- हवाई यात्रा अब लग्जरी नहीं मुख्यमंत्री ने नई उड़ानों की शुरुआत को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में हवाई यात्रा सिर्फ लग्जरी नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों की जरूरत बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी से प्रदेश के लोगों को समय बचाने के साथ-साथ रोजगार, व्यापार और पर्यटन के नए अवसर मिल सकते हैं। यात्रियों और कारोबार को मिलेगा फायदा नई फ्लाइट्स से सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें काम या अन्य जरूरी कारणों से कम समय में दूसरे शहरों तक पहुंचना होता है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र के लिए भी बेहतर हवाई संपर्क महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश अपने पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है और एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
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1857 Revolt: बागी सैनिकों ने घेरा राजमहल, वेतन-भत्तों को लेकर उठी आवाज; बेगम को खुद आना पड़ा सामने

1857 Revolt: बागी सैनिकों ने घेरा राजमहल, वेतन-भत्तों को लेकर उठी आवाज; बेगम को खुद आना पड़ा सामने

भोपाल: साल 1857 का विद्रोह सिर्फ अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष तक सीमित नहीं था, बल्कि उस दौर में कई जगहों पर सैनिकों और शासकों के बीच भी तनाव देखने को मिला। भोपाल में भी 1857 के दौरान ऐसी स्थिति बनी, जब बागी सैनिकों ने राजमहल को घेर लिया और अपने वेतन-भत्तों के भुगतान की मांग को लेकर सत्ता के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। सैनिकों की इस कार्रवाई से राजमहल में हलचल बढ़ गई। मामला इतना गंभीर हो गया कि बेगम को खुद सामने आकर सैनिकों से बातचीत करनी पड़ी। वेतन और भत्तों को लेकर नाराज थे सैनिक बताया जाता है कि उस समय बड़ी संख्या में सैनिक अपने वेतन और भत्तों के भुगतान को लेकर परेशान थे। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण सैनिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी। आखिरकार सैनिकों ने अपनी मांग को लेकर राजमहल का रुख किया। देखते ही देखते महल के आसपास बड़ी संख्या में सैनिक जमा हो गए। यह सत्ता के लिए एक सीधी चुनौती जैसी स्थिति बन गई। राजमहल पहुंची सैनिकों की भीड़ सैनिकों के राजमहल पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। उनकी मांग साफ थी कि उनके बकाया वेतन और भत्तों का भुगतान किया जाए। उस समय प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थिति को संभालने और सैनिकों को शांत करने की थी। मामला बिगड़ने से रोकने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया गया। बेगम को खुद आना पड़ा सामने स्थिति को संभालने के लिए बेगम को स्वयं सैनिकों के सामने आना पड़ा। उन्होंने सैनिकों की शिकायतें सुनीं और मामले को शांत करने की कोशिश की। यह घटना बताती है कि 1857 का दौर कितना उथल-पुथल भरा था। उस समय सैनिकों की नाराजगी केवल युद्ध और राजनीतिक घटनाओं तक सीमित नहीं थी, बल्कि वेतन और सुविधाओं जैसे मुद्दे भी उनके असंतोष की बड़ी वजह बन रहे थे।
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इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक

इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक की जांच में फिरोज खान, उनके परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम पर कुल 46 अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत 64 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जबकि इनकी कुल गाइडलाइन कीमत करीब 17.19 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों पर अब तक 18.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित लोगों की भूमिका का सत्यापन कर रहा है। जांच अभी जारी है। रंगवासा से लसूड़िया मोरी तक जमीन खरीदने की जानकारी जांच के दौरान इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कई कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां सामने आई हैं। ये जमीनें वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग तारीखों पर खरीदी गई थीं। इसके अलावा, जुलाई 2024 में लसूड़िया मोरी क्षेत्र में रेड कारपेट के पीछे 11.771 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इस जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 3.85 करोड़ रुपये बताया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, इन जमीनों की खरीद स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर की गई। जांच में सामने आया है कि यह फर्म फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित है। एजेंसी फर्म से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है। लोकायुक्त की जांच में अब तक सामने आए आंकड़े लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच में अब तक ये आंकड़े सामने आए हैं: ये आंकड़े जांच के दौरान अब तक जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के लिए इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को कई ठिकानों पर हुई थी सर्चिंग लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से जांच एजेंसी संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। जांच में संपत्तियों की खरीद की तारीख, गाइडलाइन मूल्य और अनुमानित बाजार मूल्य का मिलान किया जा रहा है। आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्तियों पर किए गए खर्च के बीच संभावित अंतर का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।

लाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के तिन्दी क्षेत्र में सोमवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चंद्रभागा नदी के किनारे जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) उदयपुर पहुंचाया गया है। वीर मंदिर के पास मोड़ पर चालक ने खोया नियंत्रण पुलिस जिला मुख्यालय केलांग से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। हरियाणा नंबर की i20 कार में सात लोग सवार होकर तिन्दी गांव से सलग्रां गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इनमें छह लोग सलग्रां गांव और एक व्यक्ति भुजुंड गांव का निवासी था। कार जब तिन्दी के समीप वीर मंदिर के पास एक मोड़ पर पहुंची, तो चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे गहरी ढांक में गिरते हुए चंद्रभागा नदी के किनारे जा पहुंची। डीएसपी केलांग केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस चौकी तांदी, पुलिस थाना उदयपुर और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायलों को निकालकर CHC उदयपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए CHC उदयपुर भेजे गए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के नाम पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग सलग्रां गांव के निवासी थे। चार लोग घायल, चालक भी शामिल हादसे में घायल चारों लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है: घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और पंजाब सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। परिजनों की मांगों पर बातचीत के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी की पहली बैठक सोमवार को बेनतीजा रही। परिवार और एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और धरना जारी रहेगा। सोमवार को तीनों महिला IAS अधिकारी झोटा के पिता भीम सिंह और पत्नी मनप्रीत कौर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान परिवार की ओर से गठित एक्शन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक के बाद कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सरकार की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन सकी है। मांगपत्र सौंपा, CBI जांच की मांग पर अड़ा परिवार एक्शन कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, सरकार की कमेटी को मांगपत्र सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा और अंतिम संस्कार भी नहीं होगा। एक्शन कमेटी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को परिवार से मिलने आ रहे हैं। कमेटी की मांग है कि अमित शाह परिवार से मुलाकात के दौरान मामले की CBI जांच का ऐलान करें। AAP विधायकों को लानत पत्र देने पहुंचे समर्थक, पुलिस से धक्कामुक्की परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सोमवार को इंसाफ कमेटी, किसान संगठनों और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के घरों पर लानत पत्र देने का अभियान चलाया। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। लुधियाना में AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी के घर की ओर जा रहे अकाली नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। नेताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद छह नेताओं को आगे जाने की अनुमति दी गई। वहीं, बठिंडा के तलवंडी साबो में विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर पुलिस और किसान व अकाली नेता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते हुए विधायक की कोठी पर लानत पत्र चिपका दिया। मौड़ मंडी में धरने के दौरान अकाली नेताओं में बहस मौड़ मंडी में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के घर के बाहर चल रहे धरने के दौरान भी माहौल गरमा गया। यहां अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के हलका इंचार्ज और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के एक कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब लक्खा सिधाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बयान दे रहे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंजाब की अलग-अलग सरकारों के कामकाज, पूर्व अकाली सरकार के फैसलों और भाजपा के साथ गठबंधन जैसे मुद्दों पर बहस हुई। पिता बोले- पत्नी भी एक्शन कमेटी में होंगी शामिल परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि अब उनकी बहू मनप्रीत कौर खुद एक्शन कमेटी में शामिल होंगी और मीडिया को भी संबोधित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक्शन कमेटी के कुछ सदस्यों ने पहले अमित शाह के विरोध का ऐलान किया था। भीम सिंह के मुताबिक, यदि गृह मंत्री का विरोध किया जाता है, तो परिवार इसे अपने विरोध के रूप में देखेगा। फिलहाल परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत में सहमति नहीं बनने से मामले का समाधान निकलने का इंतजार जारी है।

दशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलग-अलग रामलीला आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों नेताओं के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, अमित शाह लाल किला स्थित माधवदास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला समिति के आयोजन में शिरकत करेंगे। दोनों नेता प्रतीकात्मक रूप से धनुष से बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। आयोजन स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए आसपास की सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। लोगों को आयोजन स्थलों पर जाने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। डिजिटल आतिशबाजी और हाईटेक पुतले होंगे आकर्षण दिल्ली की प्रमुख रामलीला समितियों ने दशहरा उत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। इस बार डिजिटल आतिशबाजी, आधुनिक तकनीक से तैयार विशाल पुतले और भव्य मंचन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे। रामलीला आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समितियां उत्सव को यादगार बनाने के साथ-साथ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी तैयारियां कर रही हैं। Desh Har Pal वेबसाइट पर देश-दुनिया, राजनीति और त्योहारों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें।

दिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के साथ गोयला डेयरी में 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 6 और बायोगैस प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य डेयरी से निकलने वाले गोबर का उचित निस्तारण करना, प्रदूषण कम करना और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का अवसर देना है। रोज 200 टन गोबर से बनेगी कंप्रेस्ड बायोगैस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि गोयला डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 टन गोबर निकलता है। उचित निस्तारण नहीं होने पर इसके नालियों के माध्यम से यमुना तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। नए बायोगैस प्लांट में गोबर से प्रतिदिन लगभग 14 हजार घन मीटर कच्ची बायोगैस और 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी। तैयार गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को की जाएगी। कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नांगली प्लांट में 55 हजार टन गोबर का निस्तारण मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 200-200 टन प्रतिदिन क्षमता वाले तीन बायोगैस संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुए नांगली प्लांट में एक साल के भीतर करीब 55 हजार टन गोबर का निस्तारण किया गया। सरकार की योजना दिल्ली में ऐसे और संयंत्र स्थापित कर डेयरी क्षेत्रों में गोबर के प्रबंधन को बेहतर बनाने की है। इससे कचरे के रूप में जमा होने वाले गोबर का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। पशुपालकों को गोबर के मिलेंगे 67 पैसे प्रति किलो इस परियोजना के तहत संबंधित एजेंसी डेयरी संचालकों से 67 पैसे प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इससे पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त कमाई होगी और उसके निस्तारण की समस्या भी कम हो सकेगी। इसके अलावा, डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए घोषित 50 करोड़ रुपये से स्थानीय स्तर पर सफाई और जलभराव से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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