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Ayodhya में Ranbir Kapoor ने खरीदी ₹3.31 करोड़ की जमीन, ‘रामायण’ में भगवान राम के किरदार से पहले बड़ा निवेश

Ayodhya में Ranbir Kapoor ने खरीदी ₹3.31 करोड़ की जमीन, ‘रामायण’ में भगवान राम के किरदार से पहले बड़ा निवेश

Ranbir Kapoor इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘रामायण’ को लेकर लगातार चर्चा में हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि उन्होंने अयोध्या में करीब ₹3.31 करोड़ की जमीन खरीदी है। खास बात यह है कि रणबीर फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे हैं, ऐसे में उनका अयोध्या से यह जुड़ाव लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि रणबीर कपूर ने अयोध्या के प्राइम लोकेशन में यह प्रॉपर्टी खरीदी है। राम मंदिर निर्माण और शहर के तेजी से हो रहे विकास के बाद अयोध्या में निवेश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देशभर के बड़े कारोबारी और फिल्मी सितारे यहां निवेश कर रहे हैं। इससे पहले बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan ने भी अयोध्या में जमीन खरीदी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में जमीनों की कीमतों में काफी तेजी आई है और आने वाले समय में यहां पर्यटन और कारोबार के और बढ़ने की उम्मीद है। रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ भी काफी समय से सुर्खियों में है। फिल्म में भगवान राम के किरदार में रणबीर को देखने के लिए फैंस बेहद उत्साहित हैं। माना जा रहा है कि यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक हो सकती है। अयोध्या अब सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, बल्कि निवेश और विकास का नया हब भी बनता जा रहा है। यही वजह है कि बड़े सितारे और निवेशक यहां अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Donald Trump ने चीन में खाई भुनी बतख और आइसक्रीम, जिनपिंग संग देखा हैवन टेंपल

Donald Trump ने चीन में खाई भुनी बतख और आइसक्रीम, जिनपिंग संग देखा हैवन टेंपल

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की चीन यात्रा एक बार फिर चर्चा में है। इस दौरान ट्रम्प ने चीन की मशहूर भुनी हुई बतख (रोस्टेड डक) और आइसक्रीम का स्वाद लिया। वहीं चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ उन्होंने बीजिंग के ऐतिहासिक Temple of Heaven का भी दौरा किया। इस यात्रा की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। करीब 20 तस्वीरों में ट्रम्प और जिनपिंग अलग-अलग जगहों पर नजर आ रहे हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर दुनियाभर की मीडिया में चर्चा हो रही है। बीजिंग की सड़कों, बाजारों और ऐतिहासिक स्थलों पर ट्रम्प का अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने स्थानीय खाने का स्वाद लिया और वहां के कल्चर को करीब से समझने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने चीन की मशहूर रोस्टेड डक की काफी तारीफ भी की। वहीं, अमेरिकी पत्रकारों का एक दल भी इस दौरे में शामिल था। पत्रकार उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने बीजिंग में जगह-जगह लगे सैकड़ों CCTV कैमरे देखे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के लगभग हर बड़े इलाके में निगरानी कैमरे लगे हुए हैं। इसे लेकर कई पत्रकारों ने चीन की सुरक्षा व्यवस्था और सर्विलांस सिस्टम पर सवाल भी उठाए। चीन की राजधानी बीजिंग अपने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जानी जाती है। यहां ऐतिहासिक धरोहरों के साथ हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम भी देखने को मिलता है। ट्रम्प और जिनपिंग की यह मुलाकात केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक रूप से भी काफी अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और चीन के रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बीच इस तरह की मुलाकातें दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने में मदद करती हैं। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दिल्ली में अमित शाह से मिले CM मोहन यादव, UCC तैयारी और मंत्रिमंडल विस्तार पर हुई अहम चर्चा

Delhi में Amit Shah से मिले CM Mohan Yadav, UCC तैयारी और मंत्रिमंडल विस्तार पर हुई अहम चर्चा

Mohan Yadav ने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah से मुलाकात की। इस बैठक को मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक तैयारियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), प्रदेश के विकास कार्यों और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्तियों के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ऐसे में CM मोहन यादव की यह मुलाकात राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश में कुछ मंत्री पद अभी खाली हैं और संगठन स्तर पर भी कई बदलावों की अटकलें लगाई जा रही हैं। बैठक के दौरान UCC यानी समान नागरिक संहिता को लेकर भी चर्चा होने की खबर है। भाजपा शासित राज्यों में इस मुद्दे पर लगातार मंथन चल रहा है और मध्यप्रदेश में भी इसकी तैयारियों को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में मध्यप्रदेश सरकार संगठन और प्रशासन दोनों स्तरों पर बड़े फैसले ले सकती है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क बनाए हुए हैं, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार आगामी रणनीति को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। प्रदेश की राजनीति में इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। आम लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा और सरकार आगे कौन से बड़े फैसले लेती है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi High Court की जज Swarana Kanta Sharma ने शराब नीति केस से खुद को अलग किया

Delhi High Court की जज Swarana Kanta Sharma ने शराब नीति केस से खुद को अलग किया

Arvind Kejriwal से जुड़े दिल्ली शराब नीति मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस Swarana Kanta Sharma ने इस केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। हालांकि, इससे पहले उन्होंने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ अदालत की अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई शुरू करने का फैसला भी सुनाया। मामला दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाले से जुड़ा है, जिसमें CBI ने ट्रायल कोर्ट द्वारा Arvind Kejriwal, Manish Sisodia और अन्य आरोपियों को राहत दिए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट की गई है। अदालत ने इसे न्यायपालिका की गरिमा पर हमला बताया। इसके बाद उन्होंने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत कई AAP नेताओं के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू करने की बात कही। दिल्ली शराब नीति मामला पिछले काफी समय से देश की राजनीति और न्यायपालिका में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। अब जज के खुद को अलग करने और अवमानना कार्रवाई शुरू होने के बाद इस केस ने नया मोड़ ले लिया है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LN Ayurved महाविद्यालय की छात्रा Bharti Patidar को मिला मेधावी छात्र सम्मान, कॉलेज में खुशी का माहौल

LN Ayurveda महाविद्यालय की छात्रा Bharti Patidar को मिला मेधावी छात्र सम्मान, कॉलेज में खुशी का माहौल

Bhopal स्थित LN Ayurveda महाविद्यालय की छात्रा भारती पाटीदार को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के बाद महाविद्यालय में खुशी और गर्व का माहौल है। छात्रा की मेहनत और लगन को देखते हुए शिक्षकों और सहपाठियों ने भी उन्हें बधाई दी। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि भारती पाटीदार ने लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर यह सम्मान हासिल किया है। उनकी सफलता दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। महाविद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि आज के समय में प्रतियोगिता लगातार बढ़ रही है, ऐसे में विद्यार्थियों का समर्पण और मेहनत ही उन्हें आगे बढ़ाती है। भारती पाटीदार की उपलब्धि इसी का उदाहरण है। इस अवसर पर कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं ने भी खुशी जाहिर की और कहा कि ऐसे सम्मान से पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भारती के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एल एन आयुर्वेद महाविद्यालय में समय-समय पर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न शैक्षणिक और प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mouni Roy ने तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘प्लीज हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें’

Mouni Roy ने तलाक की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ‘प्लीज हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें’

टीवी और बॉलीवुड अभिनेत्री Mouni Roy इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके और पति Suraj Nambiar के रिश्ते को लेकर तलाक की अफवाहें तेजी से वायरल हो रही थीं। अब इन खबरों पर मौनी रॉय ने खुद चुप्पी तोड़ी है। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान मौनी ने इन अफवाहों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोग बिना सच्चाई जाने कुछ भी लिख देते हैं, जिससे परिवार और करीबियों पर असर पड़ता है। मौनी ने हाथ जोड़कर कहा, “Please… हमारी प्राइवेसी का सम्मान करें।” अभिनेत्री ने साफ किया कि उनके रिश्ते में सब कुछ ठीक है और सोशल मीडिया पर फैल रही बातें सिर्फ अफवाह हैं। उन्होंने कहा कि हर छोटी बात को गलत तरीके से पेश करना सही नहीं है। अधिक मनोरंजन और वायरल खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भवानीपुर सीट नहीं छोड़ेंगे Suvendu Adhikari, नंदीग्राम से इस्तीफे का किया ऐलान

भवानीपुर सीट नहीं छोड़ेंगे Suvendu Adhikari, नंदीग्राम से इस्तीफे का किया ऐलान

West Bengal की राजनीति में एक बड़ा फैसला सामने आया है। भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने साफ कर दिया है कि वह भवानीपुर सीट अपने पास ही रखेंगे। इसके साथ ही उन्होंने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उनके इस फैसले के बाद बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भवानीपुर की जनता ने उन पर भरोसा जताया है और वह वहां के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता के साथ लगातार जुड़े रहना भी जरूरी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला भाजपा की आगामी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। नंदीग्राम सीट बंगाल की राजनीति में काफी अहम मानी जाती रही है और यहां का हर राजनीतिक कदम चर्चा में रहता है। भाजपा समर्थकों के बीच इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे रणनीतिक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि नंदीग्राम छोड़ना बड़ा राजनीतिक संदेश दे सकता है। फिलहाल, बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी के इस फैसले ने नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीतिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल सकता है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SRH की शर्मनाक हार के बाद पैट कमिंस पर BCCI का एक्शन, गुजरात टाइटंस ने 82 रन से दी मात

SRH की शर्मनाक हार के बाद पैट कमिंस पर BCCI का एक्शन, गुजरात टाइटंस ने 82 रन से दी मात

IPL में Sunrisers Hyderabad (SRH) को Gujarat Titans के खिलाफ मिली 82 रन की बड़ी हार के बाद टीम के कप्तान Pat Cummins पर BCCI ने कार्रवाई की है। खराब प्रदर्शन के साथ-साथ स्लो ओवर रेट के कारण कमिंस पर जुर्माना लगाया गया है। मैच में गुजरात टाइटंस ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में हैदराबाद की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और टीम आसानी से मुकाबला हार गई। टीम के बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने की कोशिश में लगातार विकेट गंवाते रहे, जिससे फैंस भी काफी निराश नजर आए। हार के बाद BCCI ने आईपीएल आचार संहिता के तहत पैट कमिंस पर जुर्माना लगाया। यह इस सीजन में हैदराबाद टीम की ओवर रेट से जुड़ी दूसरी गलती बताई जा रही है। नियमों के अनुसार कप्तान पर आर्थिक दंड लगाया गया है। मैच के बाद कमिंस ने भी माना कि टीम ने हर विभाग में खराब प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाई। गुजरात टाइटंस की ओर से खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और टीम ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी। वहीं हैदराबाद के लिए यह हार प्लेऑफ की रेस में बड़ा झटका मानी जा रही है। क्रिकेट फैंस अब उम्मीद कर रहे हैं कि सनराइजर्स हैदराबाद अगले मुकाबले में वापसी करेगी और अपनी कमजोरियों को दूर करेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu CM Vijay ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

Tamil Nadu CM Vijay ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, 144 विधायकों का मिला समर्थन

Tamil Nadu की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री Vijay ने विधानसभा में बहुमत साबित कर दिया। AIADMK में हुई टूट के बाद सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन विश्वास मत के दौरान विजय सरकार को 144 विधायकों का समर्थन मिला। विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार जनता के भरोसे और विकास के एजेंडे पर काम करती रहेगी। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का आरोप भी लगाया। दरअसल, AIADMK के अंदर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के कारण पार्टी दो गुटों में बंट गई। इसके बाद विपक्ष ने सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए थे। इसी बीच राज्यपाल के निर्देश पर विधानसभा में विश्वास मत लाया गया। विश्वास मत के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार के समर्थन में मतदान किया, जबकि विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। हालांकि अंत में विजय सरकार आसानी से बहुमत साबित करने में सफल रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस जीत से मुख्यमंत्री विजय की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही राज्य की राजनीति में AIADMK की अंदरूनी कलह का असर आने वाले दिनों में और देखने को मिल सकता है। तमिलनाडु की जनता अब सरकार से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी है। ऐसे में विजय सरकार के सामने जनता के भरोसे पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती रहेगी। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump का Iran पर बड़ा बयान: बोले- समझौता करो वरना तबाह हो जाओगे

Trump का Iran पर बड़ा बयान: बोले- समझौता करो वरना तबाह हो जाओगे

America के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हर हाल में ईरान के खिलाफ जंग जीतकर रहेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के पास अब सिर्फ दो रास्ते हैं—या तो समझौता करे या फिर पूरी तरह तबाह होने के लिए तैयार रहे। ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान से जुड़े संघर्षों और सैन्य अभियानों में अब तक करीब 29 अरब डॉलर खर्च किए हैं। उनका कहना है कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। अपने बयान में ट्रम्प ने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश और सख्त कदम उठा सकते हैं। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी का असर मध्य-पूर्व की स्थिति पर पड़ सकता है। हालांकि ईरान की ओर से फिलहाल इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों देशों के बीच पहले से ही रिश्ते काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें — Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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