आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलShiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागीBREAKINGएंटरटेनमेंटSonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाहBREAKINGदेश-हरपल₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामलाBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरीBREAKINGदेश-हरपल2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीतिBREAKINGप्रदेशRam Mandir Controversy: सोना मिलने के मामले में नया मोड़, टिन्नू की पत्नी बोलीं- सच जल्द सामने आएगाBREAKINGदेश-हरपलGlobal Spotlight on Modi–Trump Meet: Trade, Defense और Hormuz Crisis पर अहम चर्चाBREAKINGस्पोर्ट्सIndia-A के युवा स्टार Vaibhav Suryavanshi फिर फेल, Afghanistan-A के खिलाफ 38 रन बनाकर लौटेBREAKINGदेश-हरपलShiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागीBREAKINGएंटरटेनमेंटSonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाहBREAKINGदेश-हरपल₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामलाBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरीBREAKINGदेश-हरपल2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीतिBREAKINGप्रदेशRam Mandir Controversy: सोना मिलने के मामले में नया मोड़, टिन्नू की पत्नी बोलीं- सच जल्द सामने आएगाBREAKINGदेश-हरपलGlobal Spotlight on Modi–Trump Meet: Trade, Defense और Hormuz Crisis पर अहम चर्चाBREAKINGस्पोर्ट्सIndia-A के युवा स्टार Vaibhav Suryavanshi फिर फेल, Afghanistan-A के खिलाफ 38 रन बनाकर लौटे

Latest Posts

शेयर बाजार

Stock Market Crash: 10 मिनट में ₹18 लाख करोड़ की डूबत – Investors को संभलने का मौका तक नहीं मिला

सोमवार, 7 अप्रैल 2025 को भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई भारी गिरावट ने निवेशकों को झकझोर कर रख दिया। बाजार खुलते ही सिर्फ 10 मिनट में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹18 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। ये गिरावट इतनी तेज थी कि कई निवेशक बाजार को समझने से पहले ही भारी नुकसान झेल गए। कैसे हुआ इतना बड़ा नुकसान? बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) शुक्रवार को ₹4,04 लाख करोड़ था, जो सोमवार को सिर्फ 10 मिनट के भीतर घटकर ₹3,86 लाख करोड़ पर पहुंच गया। यानी कुल ₹18,07,639 करोड़ की संपत्ति महज कुछ मिनटों में वाष्पित हो गई। इस गिरावट की वजहें वैश्विक स्तर पर फैली चिंता से जुड़ी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा घोषित नए और सख्त टैरिफ, दुनिया भर के निवेशकों के लिए झटका साबित हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने पहले ही महंगाई और विकास दर को लेकर चिंता जताई थी, और अब इन टैरिफ्स ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। सेक्टर्स पर असर: आईटी, मेटल और मिडकैप्स सबसे ज्यादा गिरे इस गिरावट का असर हर सेक्टर पर दिखाई दिया। बीएसई के सभी 13 प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और आईटी सेक्टर में दर्ज की गई: क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ? बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट सिर्फ एक शुरुआत हो सकती है। बार्कलेज ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ में 0.30% की कटौती का अनुमान लगाया है, वहीं गोल्डमैन सैक्स ने अगले कुछ वर्षों में कॉर्पोरेट आय में 2-3% की गिरावट की आशंका जताई है। वैश्विक बाजारों की स्थिति भी चिंताजनक यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स भी 6.5% तक गिरा है, जिससे साफ है कि वैश्विक बाजारों में भी डर का माहौल है। निवेशक फिलहाल जोखिम से दूर रहना चाहते हैं और इसलिए बिकवाली का सिलसिला जारी है। निष्कर्ष: क्या निवेशकों को घबराना चाहिए? अभी बाजार में अस्थिरता का दौर है और ऐसे में घबराकर कोई भी बड़ा निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक फिलहाल धैर्य रखें, पोर्टफोलियो को दोबारा परखें और लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण अपनाएं।
Read more
माँ सिद्धिदात्री

नवरात्रि नौवें दिन

नवरात्रि के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है, जो सिद्धियों और ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। उनकी कृपा से भक्तों को दिव्य ज्ञान और आशीर्वाद प्राप्त होता है।माँ सिद्धिदात्री का प्रिय रंग ग्रीन जो अज्ञान के अंत और दिव्य ज्ञान की प्राप्ति का प्रतीक है।
Read more
Mitra Vibhushan

PM Modi को मिला Sri Lanka का ‘Mitra Vibhushan’, कहा– पड़ोसी ही नहीं, सच्चा दोस्त है श्रीलंका

भारत और श्रीलंका के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों की एक और मिसाल उस वक्त सामने आई जब श्रीलंका सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च विदेशी सम्मान “मित्र विभूषण” से नवाजा। इस सम्मान के जरिए श्रीलंका ने पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा दिए गए सहयोग, विशेष रूप से आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक क्षेत्रों में किए गए योगदान की सराहना की। PM Modi बोले – श्रीलंका भारत का सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि भरोसेमंद मित्र है सम्मान प्राप्त करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यह सिर्फ एक सम्मान नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और मित्रता का प्रतीक है। श्रीलंका सिर्फ भारत का पड़ोसी नहीं, बल्कि एक ऐसा मित्र है जो हर परिस्थिति में साथ खड़ा रहता है।” क्या है ‘मित्र विभूषण’ सम्मान? ‘मित्र विभूषण’ श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी नेता को दिया जाता है। अब तक यह सम्मान केवल तीन बार दिया गया है, जिससे इसकी विशेषता का अंदाजा लगाया जा सकता है। द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा पीएम मोदी की यह यात्रा श्रीलंका के नए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के न्योते पर हुई। दोनों देशों ने कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई, जिनमें प्रमुख हैं: चीन के प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति भारत और श्रीलंका के इस सहयोग को चीन के बढ़ते प्रभाव के मुकाबले में एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है। हंबनटोटा बंदरगाह पर चीन की उपस्थिति को देखते हुए भारत की यह साझेदारी श्रीलंका के लिए भी संतुलन का काम करेगी। सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों का ज़िक्र पीएम मोदी ने कहा कि भारत और श्रीलंका के संबंध केवल राजनीतिक या आर्थिक नहीं हैं, बल्कि ये सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत से गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह साझेदारी पूरे दक्षिण एशिया में शांति, स्थिरता और विकास का रास्ता खोलेगी।
Read more
Wall Street में भारी गिरावट

Wall Street में भारी गिरावट: Trump के tariff फैसले से Nasdaq bear market के करीब, $4 trillion का नुकसान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाने के फैसले ने वॉल स्ट्रीट को हिला कर रख दिया है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंताएं और भी गहरी हो गई हैं। महज दो दिनों में अमेरिकी शेयर बाजारों से करीब 4 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 334 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति का नुकसान हुआ है। Nasdaq बेयर मार्केट के करीब टेक कंपनियों से जुड़ा Nasdaq Composite इंडेक्स इस गिरावट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यह इंडेक्स लगभग 4.5% से अधिक गिर चुका है, जिससे यह बेयर मार्केट के करीब पहुंच गया है। Nasdaq की यह स्थिति 2020 में कोविड-19 के दौरान आई मंदी के बाद सबसे खराब मानी जा रही है। Dow Jones और S&P 500 भी लुढ़के Dow Jones Industrial Average और S&P 500 इंडेक्स में भी भारी गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है। चीन ने दी जवाबी कार्रवाई, तनाव और गहरा ट्रंप के टैरिफ के जवाब में चीन ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर 34% तक आयात शुल्क लगा दिया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और गहरा गया है, जिससे निवेशकों की बेचैनी और बढ़ गई है। मंदी का खतरा मंडराने लगा आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इन टैरिफ्स के चलते महंगाई बढ़ सकती है और इससे अमेरिका समेत पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी की स्थिति बन सकती है। इस बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी यह साफ कर दिया है कि ब्याज दरों में जल्द कोई राहत नहीं दी जाएगी, जिससे बाजार की गिरावट और तेज हो गई। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और जल्दबाज़ी में किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। यह स्थिति अभी कुछ हफ्तों तक बनी रह सकती है।
Read more
माँ महागौरी

नवरात्रि आठवें दिन

नवरात्रि के आठवें दिन माँ महागौरी की पूजा की जाती है, जो शुद्धता और शांति की देवी मानी जाती हैं। उनकी कृपा से भक्तों के सभी दुःख दूर होते हैं और इच्छाएँ पूर्ण होती हैं।माँ महागौरी का प्रिय रंग Purple है, जो गौरव और राजसी वैभव का प्रतीक है
Read more
SBI

SBI में अफसर बनने का सुनहरा मौका! उम्र सीमा 55 साल, सैलरी ₹65,000 तक

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने एक बार फिर युवाओं और अनुभवी पेशेवरों के लिए शानदार अवसर पेश किया है। बैंक ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर (SCO) और रिव्यूअर पदों पर संविदा आधार पर नियुक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार SBI की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पदों का विवरण: शैक्षणिक योग्यता: महत्वपूर्ण तिथि: आयु सीमा: वेतनमान: आवेदन शुल्क: चयन प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन:
Read more
वेंकटेश अय्यर

कीमत से नहीं, प्रदर्शन से बनती है पहचान”: वेंकटेश अय्यर का बड़ा बयान

आईपीएल 2025 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के स्टार ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार उनकी क्रिकेटिंग फॉर्म से ज़्यादा उनकी कीमत को लेकर बातें हो रही हैं। 23.75 करोड़ रुपये में रिटेन किए गए अय्यर का कहना है कि कीमत बड़ी हो सकती है, लेकिन असली फर्क उनके प्रदर्शन से पड़ेगा। “हर मैच में रन बनाना ज़रूरी नहीं, असर डालना ज़रूरी है” वेंकटेश अय्यर ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि भारी-भरकम रकम मिलने का यह मतलब नहीं कि हर मैच में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जाए। उन्होंने कहा: “मेरे लिए यह जरूरी नहीं कि हर मैच में रन बनाऊं। अगर मैं टीम के लिए अहम समय पर सही योगदान देता हूं, वही मेरे लिए असली सफलता है। आईपीएल में कीमत मायने नहीं रखती, योगदान मायने रखता है।” दबाव है, लेकिन उससे डरने की ज़रूरत नहीं अय्यर ने माना कि किसी भी खिलाड़ी पर मूल्यांकन का, चयन का या बल्लेबाजी क्रम का दबाव होता ही है। लेकिन एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर इसे संभालना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि: “दबाव हमेशा रहेगा, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप उससे कैसे निपटते हैं। मैं मैदान पर सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता हूं।” फ्रेंचाइज़ी का भरोसा और कप्तान का समर्थन केकेआर के नए कप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी अय्यर का समर्थन करते हुए कहा कि वो इस रकम के पूरी तरह हकदार हैं। रहाणे के मुताबिक, वेंकटेश अय्यर ने कई बार फ्रेंचाइज़ी के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है और वो टीम के लिए एक बड़ा संपत्ति हैं। अब तक का प्रदर्शन वेंकटेश अय्यर ने अपने आईपीएल करियर में अब तक 51 मैचों में 1,326 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा वह एक उपयोगी गेंदबाज़ भी हैं जो टीम को बैलेंस देते हैं। केकेआर की ओपनिंग भिड़ंत कोलकाता नाइट राइडर्स अपनी आईपीएल 2025 की शुरुआत 22 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के खिलाफ ईडन गार्डन्स में करेगा। फैंस को अय्यर से इस सीज़न में बड़े धमाके की उम्मीद है।
Read more
सोना 3,200 डॉलर पार!

सोना 3,200 डॉलर पार! ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद रिकॉर्ड हाई, जानिए कीमतों में तेजी की वजह

गोल्ड ने फिर बनाया नया रिकॉर्ड! अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई हैं। COMEX पर सोना $3,200 के पार निकल गया, जबकि MCX पर 91,423 रुपये तक चढ़ा। इस साल अब तक सोने में 20% की बढ़त दर्ज की गई है। क्यों बढ़ी सोने की कीमतें? गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा इन्वेस्टर्स तेजी से गोल्ड ETF में निवेश कर रहे हैं। पिछले 8 हफ्तों से लगातार इनफ्लो बना हुआ है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। घरेलू और ग्लोबल बाजार में ताजा भाव क्या आगे भी बढ़ेगी कीमत? विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेड वॉर, जियो-पॉलिटिकल टेंशन और महंगाई के चलते सोने की मांग बनी रहेगी। अगर फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
Read more
ICF चेन्नई का नया रिकॉर्ड

ICF चेन्नई का नया रिकॉर्ड: FY25 में 3000+ कोच तैयार, वंदे भारत, अमृत भारत और नामो भारत शामिल

भारतीय रेलवे ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3007 कोच तैयार किए हैं। यह संख्या पिछले साल के 2829 कोच की तुलना में ज्यादा है। इस रिकॉर्ड उत्पादन में वंदे भारत, अमृत भारत और अन्य आधुनिक कोच शामिल हैं। ICF की ऐतिहासिक उपलब्धि ICF भारतीय रेलवे की प्रमुख कोच निर्माण इकाई है। इस साल ICF ने कई नए मील के पत्थर हासिल किए हैं: 2024-25 में ICF द्वारा निर्मित कोचों की प्रमुख बातें 16-कार वंदे भारत स्लीपर रेक – पहली बार ICF ने 16-कार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्माण किया है। यह ट्रेन जल्द ही सेवा में आएगी। 8 ट्रेजरी वैन कोच – रेलवे इतिहास में पहली बार ICF ने ट्रेजरी वैन कोच तैयार किए हैं। 12-कार नामो भारत रैपिड रेल – यह ट्रेन तेज और आरामदायक इंटरसिटी यात्रा के लिए बनाई गई है। यह वंदे भारत एक्सप्रेस का मिनी संस्करण है, जो क्षेत्रीय और शहरी यात्रियों के लिए बेहतरीन सुविधा प्रदान करता है। वंदे भारत चेयर कार ट्रेन का उत्पादन – ICF ने 21 रेक वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया है। वर्तमान में देशभर में 136 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। 2019 में शुरू हुई यह ट्रेन अब तक की सबसे तेज़ भारतीय ट्रेन बनी हुई है। अमृत भारत 2.0 ट्रेनें – लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ICF ने अमृत भारत 2.0 ट्रेनों के लिए 4 रेक (प्रत्येक में 22 कोच) तैयार किए हैं। इन ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। ICF का भविष्य ICF लगातार भारतीय रेलवे को नए और आधुनिक कोच उपलब्ध करवा रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों के निर्माण से यात्री अनुभव बेहतर हो रहा है। आने वाले समय में और भी अत्याधुनिक ट्रेनें तैयार की जाएंगी।
Read more
Donald Trump के 26% टैरिफ

Donald Trump के 26% टैरिफ से भारत को नुकसान या फायदा? सरकार कर रही है असर का विश्लेषण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 26% अतिरिक्त टैरिफ (टैक्स) लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले का असर भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है। भारत सरकार इस टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण कर रही है और इसका हल निकालने की कोशिश कर रही है। टैरिफ कब लागू होगा? टैरिफ दो चरणों में लागू होगा: भारत सरकार की रणनीति भारत सरकार ने पहले से ही इस स्थिति से निपटने की तैयारी कर रखी थी। वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर नजर बनाए रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया था। सरकार का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है, क्योंकि अभी बातचीत की गुंजाइश बाकी है। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि अगर कोई देश अमेरिका की व्यापारिक चिंताओं को दूर करता है, तो टैरिफ में राहत मिल सकती है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की कोशिशें भारत ने इस टैरिफ से छूट पाने के लिए पहले ही अमेरिका से बातचीत शुरू कर दी थी। इसी सिलसिले में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल पिछले महीने अमेरिका गए थे। दोनों देशों के बीच एक व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसका पहला चरण सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करने की योजना है। इसके अलावा, भारत पहले ही कुछ कदम उठा चुका है: डोनाल्ड ट्रंप का बयान और भारत पर असर 2 अप्रैल को ट्रंप ने इस टैरिफ की घोषणा की और इसे “लिबरेशन डे” (मुक्ति दिवस) करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी उद्योग को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ट्रंप ने भारत की व्यापार नीतियों की आलोचना करते हुए कहा, “भारत हमसे 52% टैक्स लेता है, जो बहुत ज्यादा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि यह सही नहीं है।” उन्होंने बताया कि अमेरिका ने भारत पर “डिस्काउंटेड” यानी रियायती टैरिफ लगाया है, जो 26% है। भारत पर क्या असर पड़ेगा? भारत सरकार इस टैरिफ के प्रभाव का विश्लेषण कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों को प्रभावित कर सकता है। क्या होगा आगे?
Read more
1 240 241 242 243 244

Editor's Picks

Shiv Sena

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। Shiv Sena (UBT) खेमे में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संजय राउत का तीखा रिएक्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और राउत ने बगावत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे हमेशा से उद्धव गुट के सबसे मुखर चेहरों में रहे हैं। चार साल पहले भी टूटी थी शिवसेना, शिंदे ने किया था बड़ा विद्रोह यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली हो। लगभग 4 साल पहले Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। उस समय हुई बगावत के बाद महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव आया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा संकट ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की खबरों से पार्टी संगठन कमजोर होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बगावत आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में बढ़ी हलचल महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है और इस नई टूट ने इसे और ज्यादा गर्मा दिया है। लगातार बदलते गठबंधन और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस राजनीतिक संकट को कैसे संभालते हैं और पार्टी को एकजुट रखने में कितने सफल होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonu Nigam

Sonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाह

मशहूर सिंगर Sonu Nigam की तबीयत को लेकर इन दिनों चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें पिछले कुछ समय से गर्दन में लगातार दर्द और भारीपन महसूस हो रहा था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। जांच के बाद सामने आया कि उनकी गर्दन की नसों पर दबाव (nerve compression) की स्थिति बन गई है। इसी वजह से डॉक्टरों ने तुरंत MRI और CT स्कैन कराने की सलाह दी। रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें आराम करने और मेडिकल निगरानी में रहने को कहा गया है। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू निगम को: खुद भी महसूस कर रहे हैं परेशानी सूत्रों के मुताबिक, सोनू निगम ने भी माना है कि इस दर्द की वजह से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उनका कॉन्फिडेंस भी थोड़ा कम महसूस हो रहा है और वह इस दर्द से जूझ रहे हैं। काम पर असर पड़ने की आशंका इस हेल्थ इश्यू की वजह से उनके आने वाले कुछ प्रोग्राम्स और रिहर्सल्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक उनकी टीम की तरफ से किसी शो के कैंसिल या पोस्टपोन होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फैंस कर रहे हैं जल्द ठीक होने की दुआ जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस काफी चिंतित नजर आए। लोग लगातार उनके गाने, आवाज और संगीत में दिए योगदान को याद करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Shiv Sena

₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। Shiv Sena (UBT) को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत के रास्ते पर चले गए हैं। इस खबर ने न सिर्फ मुंबई बल्कि दिल्ली की सियासत को भी गर्मा दिया है। बागी सांसदों की स्पीकर से मुलाकात की संभावना हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले की दिशा तय हो सकती है। Sanjay Raut का बड़ा आरोप: ₹50-50 करोड़ का ऑफर इस बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50-50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है। राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Uddhav Thackeray खेमे में चिंता पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट में इस कथित टूट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद संगठन को कमजोर करना है। Delhi और Maharashtra दोनों जगह नजरें टिकी दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह इस मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, खासकर लोकसभा स्पीकर के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो संसद में भी शिवसेना (UBT) की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और भविष्य की तस्वीर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों और विपक्षी गठबंधन पर भी पड़ सकता है। स्थिति अभी अनिश्चित फिलहाल स्थिति पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Monsoon

Monsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरी

देश में इस समय मानसून (Monsoon) की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून सिस्टम अभी पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और आगे बढ़ने में लगातार देरी हो रही है। इसका सीधा असर यह है कि मुंबई समेत कई बड़े शहरों में बारिश की एंट्री अब 7–8 दिन बाद तक टल सकती है। देश में बारिश की स्थिति: कई इलाके अब भी सूखे IMD के अनुसार फिलहाल देश के करीब 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की जा रही है। बाकी क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान भी बारिश की अनियमितता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Mumbai Monsoon Update: बारिश का इंतजार बढ़ा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक मानसून का आगे बढ़ना मुश्किल रहेगा। इसी वजह से मुंबई में बारिश की शुरुआत में लगभग एक हफ्ते की देरी संभव है। Rajasthan Weather Alert: 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट राजस्थान में मौसम ने फिर से करवट ली है। राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। Monsoon Slowdown India: क्यों अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मानसून की धीमी गति के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं— इन्हीं वजहों से मानसून पश्चिमी तट पर अटका हुआ है और आगे बढ़ने में समय ले रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
2027 Election

2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव (2027 Election) भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियां—बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP)—अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। एक तरफ मायावती OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों दल अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। OBC वोट बैंक पर BSP की नजर बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से दलित राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मायावती अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में दिखाई दे रही हैं। पार्टी संगठन स्तर पर विभिन्न जिलों में बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए OBC समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। BSP नेताओं का मानना है कि यदि दलित और पिछड़ा वर्ग एक साथ आते हैं तो पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौट सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में OBC मतदाता किसी भी चुनाव का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि BSP इस वर्ग पर विशेष ध्यान दे रही है। ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी SP समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नया रूप दे रही है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। SP का मानना है कि केवल पारंपरिक यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी अब ब्राह्मण समाज सहित अन्य वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्राह्मण समुदाय उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ बढ़ता संवाद समाजवादी पार्टी के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। BJP के सामाजिक समीकरण को चुनौती देने की तैयारी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछले कई वर्षों से मजबूत सामाजिक गठबंधन के दम पर चुनाव जीतती रही है। पार्टी को सवर्ण, गैर-यादव OBC और कई अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है। अब विपक्षी दल इसी सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। BSP जहां OBC और दलित वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति बना रही है, वहीं SP ब्राह्मणों समेत विभिन्न समुदायों को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रणनीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं तो 2027 का चुनाव पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। 2027 की चुनावी बिसात धीरे-धीरे हो रही तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुट गए हैं। मायावती का OBC फोकस और अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नए समीकरण और गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.