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Ajmer 92 Repeat in Bhopal? Hindu लड़कियों का Love Jihad, Gangrape और धर्मांतरण दबाव

मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसे लोग “अजमेर 92” जैसे कांड की पुनरावृत्ति बता रहे हैं। यहां एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ युवकों ने मिलकर हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाया, फिर उनका यौन शोषण कर वीडियो बनाए और बाद में उन्हीं वीडियो के ज़रिए उन्हें ब्लैकमेल किया गया। घटना का खुलासा: एक साहसी लड़की की शिकायत से फूटा मामला मामला तब सामने आया जब एक छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए बागसेवनिया पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पीड़िता के बयान के अनुसार, कुछ युवकों ने हिंदू नामों का इस्तेमाल कर दोस्ती की और फिर संबंध बनाकर वीडियो बना लिए। इसके बाद वे वीडियो दिखाकर न केवल उसे ब्लैकमेल करते रहे, बल्कि उससे कहा गया कि वह अपनी अन्य सहेलियों को भी उनके संपर्क में लाए। इस एक शिकायत के बाद अब तक चार छात्राएं आगे आ चुकी हैं, जिन्होंने अपनी आपबीती पुलिस को बताई है। मुख्य आरोपी: फरहान, साहिल और अली जांच में जिन युवकों के नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख हैं फरहान खान, साहिल और अली। इनपर आरोप है कि ये सभी मिलकर सुनियोजित तरीके से हिंदू छात्राओं को प्रेमजाल में फंसाते थे, फिर उनका शारीरिक शोषण करते, वीडियो बनाते और उन्हें ब्लैकमेल कर आगे अन्य लड़कियों को लाने का दबाव बनाते थे। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि पीड़िताओं पर धर्मांतरण का भी दबाव डाला गया। अजमेर गैंगरेप 1992’ की याद दिलाता मामला यह पूरा मामला साल 1992 में राजस्थान के अजमेर में हुए चर्चित गैंगरेप कांड की याद दिलाता है, जहां सैकड़ों लड़कियों को फंसाकर उनका यौन शोषण किया गया था और ब्लैकमेल किया गया था। भोपाल की यह घटना भी बिल्कुल उसी तरह की भयावह योजना का हिस्सा लग रही है। कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक रुख भोपाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), 354 (शोषण), 506 (धमकी), IT एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की साइबर सेल भी इस मामले की छानबीन में जुट गई है, ताकि वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। DeshHarpal.com पर जाइए और देश-दुनिया से जुड़ी हर ख़बर,और अपडेट पाइए।
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pancang

25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार)का पंचांग

तिथि: द्वादशी (11:44 AM तक), तत्पश्चात त्रयोदशी पक्ष: कृष्ण पक्ष (वैशाख मास) नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद (08:53 AM तक), तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद योग: इन्द्र (12:31 PM तक), तत्पश्चात वैधृति सूर्योदय: 05:46 AM सूर्यास्त: 06:53 PM चंद्रमा: मीन राशि में चंद्रोदय: 03:54 AM चंद्रास्त: 04:15 PM राहुकाल: 10:41 AM – 12:19 PM शक संवत: 1947 (विश्वावसु) विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त) व्रत: प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)
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राष्ट्रपति

Pahalgam Terror Update: Shah और Jaishankar ने राष्ट्रपति को बताया पूरा हाल

नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2025 – जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में सुरक्षा और राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। इस बीच, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें इस भीषण हमले से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी। क्या है पहलगाम हमला? 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में एक पर्यटक बस पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस हमले को कश्मीर में पिछले वर्षों में हुए सबसे भीषण हमलों में से एक माना जा रहा है। मारे गए लोगों में कई राज्यों के नागरिक शामिल थे, जिनमें बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार के लोग भी थे। राष्ट्रपति भवन में हाई-लेवल ब्रीफिंग सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति को इस ब्रीफिंग में निम्नलिखित अहम बिंदुओं पर जानकारी दी गई: भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कुछ अहम फैसले लिए हैं: पीड़ितों के परिवारों के साथ देश प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “यह हमला भारत की आत्मा पर हमला है। आतंकियों को ऐसी सज़ा दी जाएगी जिसकी उन्होंने कल्पना नहीं की होगी।” देश भर से पीड़ित परिवारों के लिए समर्थन और संवेदना के संदेश आ रहे हैं। यह हमला सिर्फ निर्दोष पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत की एकता और शांति पर हमला था। राष्ट्रपति मुर्मू को इस गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी देना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम है। जल्द ही दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें सिर्फ़ Deshharpal पर:
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India’s Stern Warning

अब वक़्त आ गया है Terror Havens को मिटाने का”: PM Modi का Pahalgam Attack पर करारा जवाब

मधुबनी, बिहार – जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के दो दिन बाद PM Modi ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। बिहार के मधुबनी में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस हमले के गुनहगारों और उनके पीछे के मास्टरमाइंड्स को ऐसी सज़ा दी जाएगी, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। “पूरा देश शोक में डूबा है, लेकिन हमारा हौसला नहीं टूटा है” PM Modi ने अपने संबोधन की शुरुआत हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को मौन श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने कहा, “किसी ने बेटा खोया है, किसी ने भाई, किसी ने जीवनसाथी। कोई बंगाली था, कोई कन्नड़ बोलता था, कोई मराठी था, कोई उड़िया, कोई गुजराती और कोई बिहार का बेटा। पूरे देश का दिल इस हमले से लहूलुहान हुआ है।” उन्होंने कहा, “यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं था, यह भारत की आत्मा पर हमला था। करगिल से कन्याकुमारी तक दुख और गुस्से की लहर है।” “आतंकी और उनके मददगार—अब बच नहीं पाएंगे” – PM Modi पाकिस्तान को साफ संदेश देते हुए PM Modi ने कहा, “अब समय आ गया है कि आतंक के जो भी ठिकाने बचे हैं, उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाए। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छा शक्ति आतंक के आकाओं की कमर तोड़ देगी।” इसके बाद PM Modi ने अंग्रेज़ी में दुनिया को संबोधित करते हुए कहा, “India will identify, track and punish every terrorist and their backers. भारत की आत्मा को कोई आतंक से नहीं तोड़ सकता। हम दुनिया के आखिरी कोने तक जाकर इंसाफ दिलाएंगे। इंसानियत पर भरोसा रखने वाला हर देश आज भारत के साथ खड़ा है, इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं।” हमले के बाद भारत का पाकिस्तान पर बड़ा एक्शन प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सऊदी अरब यात्रा बीच में छोड़कर मंगलवार दोपहर भारत लौटकर कैबिनेट की सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए: “आतंक के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है”: राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पीएम मोदी के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, “जो दिख रहे हैं, उन्हें तो पकड़ेंगे ही, पर जो पर्दे के पीछे हैं, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। देश को भरोसा दिलाता हूं—जवाब ज़रूर मिलेगा, और वो भी ज़ोरदार होगा। Deshharpal पर बने रहें, राष्ट्रीय सुरक्षा, सरकार की कार्रवाई और वैश्विक प्रतिक्रिया की हर अपडेट के लिए।
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Gold

Gold Silver Price Today: सोना फिर चमका, Silver के भाव में गिरावट – जानें आज का ताज़ा रेट

24 अप्रैल Gold की चमक एक बार फिर लौट आई है। बुधवार को भारी गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों में सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। वहीं, चांदी के दामों में थोड़ी नरमी नजर आई। गुरुवार सुबह घरेलू वायदा बाजार MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर जून डिलीवरी वाला सोना ₹858 की तेजी के साथ ₹95,580 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो कि पिछले बंद भाव ₹94,722 से ज्यादा है। खबर लिखे जाने के समय यह ₹95,859 पर ट्रेड कर रहा था और दिन का उच्चतम स्तर ₹96,188 तक पहुंच गया था। गौरतलब है कि मंगलवार को सोने ने घरेलू वायदा बाजार में ₹99,358 प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड हाई छुआ था। ग्लोबल मार्केट में भी यह $3,509.90 प्रति औंस के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। चांदी की चाल सुस्त चांदी की बात करें तो MCX पर मई डिलीवरी वाला चांदी का वायदा भाव ₹348 की गिरावट के साथ ₹95,451 प्रति किलो पर खुला। पिछला बंद भाव ₹95,799 था। इस दौरान यह कॉन्ट्रैक्ट ₹95,466 पर ट्रेड कर रहा था। दिन के दौरान इसका उच्चतम स्तर ₹95,685 और न्यूनतम स्तर ₹95,450 रहा। हालांकि, इस साल चांदी ने ₹1,01,999 प्रति किलो का सर्वोच्च स्तर भी छुआ है। ग्लोबल मार्केट में Gold तेज, चांदी फिसली अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में भी Gold की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सोना $3,301.80 प्रति औंस पर खुला और खबर लिखे जाने तक $3,335.50 प्रति औंस पर पहुंच गया, यानी $41.40 की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, चांदी की शुरुआत $33.56 प्रति औंस पर हुई लेकिन यह $0.21 की गिरावट के साथ $33.33 प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। बाजार भाव एक नजर में: मार्केट ओपनिंग रेट पिछला बंद वर्तमान रेट (LTP) MCX – सोना ₹95,580 ₹94,722 ₹95,859 MCX – चांदी ₹95,451 ₹95,799 ₹95,466 Comex – सोना $3,301.80 $3,294.10 $3,335.50 Comex – चांदी $33.56 $33.54 $33.33 नोट: MCX पर सोने की कीमत रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत रुपये प्रति किलो में होती है, जबकि Comex पर भाव डॉलर प्रति औंस में होते हैं। लेटेस्ट मार्केट अपडेट्स के लिए फॉलो करें Deshharpal को
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pancang

24 अप्रैल 2025 (गुरुवार) का पंचांग

तिथि: एकादशी (दोपहर 02:32 बजे तक), तत्पश्चात द्वादशी पक्ष: कृष्ण पक्ष (वैशाख मास) नक्षत्र: शतभिषा योग: वैधृति सूर्योदय: 05:47 AM सूर्यास्त: 06:52 PM चंद्रमा: कुंभ राशि में राहुकाल: 01:58 PM – 03:36 PM शक संवत: 1947 (विश्वावसु) विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त) व्रत: वरुथिनी एकादशी (व्रत का पारण दोपहर 02:32 बजे तक)
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Pahalgam terror attack

Pahalgam Terror Attack: 26 पर्यटकों की हत्या, 2 Pakistani और 2 Local आतंकियों की पहचान, Global निंदा

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Pahalgam के बैसरन घाटी में सोमवार शाम एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई और 30 से अधिक घायल हुए। यह हमला उस समय हुआ जब सैकड़ों पर्यटक बैसरन में सैर कर रहे थे। आतंकी जंगल की ओर से आए और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों की पहचान और समूह का खुलासा इस भीषण हमले की ज़िम्मेदारी आतंकवादी संगठन ‘कश्मीर रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध माना जाता है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों की संयुक्त जांच में इस हमले में शामिल चार आतंकियों की पहचान की गई है। इनमें दो पाकिस्तानी आतंकियों – अबू हमजा और अबू ताल्हा, तथा दो स्थानीय आतंकवादी – फैयाज़ अहमद लोन (अनंतनाग) और शोएब मीर (कुलगाम) के रूप में पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इन आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से इस हमले को अंजाम दिया था, जिसका मकसद अमरनाथ यात्रा से पहले डर का माहौल बनाना था। गिरफ्तारियां और हथियार बरामद पुलिस ने इस हमले में शामिल दो ‘हाइब्रिड आतंकियों’ को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ जारी है जिससे और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सुरक्षा समीक्षा और कड़ी कार्रवाई के निर्देश Pahalgam हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने घाटी में सुरक्षा हालात की समीक्षा की और सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा इस जघन्य हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निंदा हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और श्रीलंका सरकार ने इस घटना पर दुख जताते हुए भारत के साथ एकजुटता दिखाई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस हमले की निंदा की और आतंकवाद के हर स्वरूप को खारिज किया। बैसरन घाटी में फिर से सामान्य स्थिति लाने के प्रयास हमले के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटकों से फिलहाल पहलगाम क्षेत्र की यात्रा न करने की अपील की है। Deshharpal पर बने रहें ताज़ा अपडेट्स के लिए।
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India-Saudi Arabia

India-Saudi Arabia Strategic Partnership Council: रणनीतिक साझेदारी से बढ़े द्विपक्षीय रिश्ते

India-Saudi Arabia के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2019 में रणनीतिक साझेदारी परिषद (Strategic Partnership Council) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के बाद एक उच्च-स्तरीय परिषद की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को दिशा देना और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “सभी क्षेत्रों में सहयोग के एक नए युग की शुरुआत” बताया था। उन्होंने कहा था कि व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के संबंध पहले से ही मजबूत हैं और भविष्य में यह और गहरे होंगे। India-Saudi Arabia ऊर्जा और व्यापारिक साझेदारी में मजबूती India-Saudi Arabia के बीच व्यापारिक संबंध पिछले वर्षों में तेजी से बढ़े हैं। आज भारत, सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि सऊदी अरब भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सऊदी अरब भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद आपूर्तिकर्ता रहा, जो ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच गहरे सहयोग को दर्शाता है। India-Saudi Arabia रक्षा और रणनीतिक सहयोग में प्रगति भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, क्षमतावृद्धि और संयुक्त अभ्यासों के जरिए रणनीतिक सहयोग को मजबूत किया है। इसके अलावा, सऊदी अरब ने संकट की घड़ी में भारत की मदद भी की। सूडान में संकट के दौरान सऊदी अरब ने 3,500 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में भारत को महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया। यह सहायता जेद्दा के जरिए सुरक्षित ट्रांजिट सुनिश्चित करके दी गई थी। हज समझौता: लोगों के बीच संपर्क को मजबूती भारत और सऊदी अरब के बीच 2024 के लिए द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत भारत को कुल 1,75,025 हज यात्रियों का कोटा आवंटित किया गया है। इनमें से 1,40,020 सीटें हज कमेटी के लिए और 35,005 सीटें हज ग्रुप ऑपरेटर्स के लिए निर्धारित की गई हैं। यह विशेष रूप से पहली बार हज पर जाने वालों के लिए लाभकारी है। इस्लामी जगत में सऊदी अरब की भूमिका और भारत के लिए रणनीतिक महत्व सऊदी अरब, इस्लामी दुनिया में एक प्रमुख शक्ति है और मध्य पूर्व में इसका बढ़ता प्रभाव भारत के साथ उसके संबंधों को और अधिक रणनीतिक बनाता है। इस दृष्टि से भारत-सऊदी अरब साझेदारी न केवल आर्थिक बल्कि भूराजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण बन गई है। प्रधानमंत्री मोदी की सऊदी यात्रा: संबंधों को और मजबूती देने का अवसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्तमान सऊदी अरब यात्रा भारत-सऊदी अरब संबंधों को और नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी का विस्तार हो रहा है और यह सहयोग भविष्य में और भी मजबूत होने की संभावना रखता है।
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UPSC CSE Final Result 2024: प्रयागराज के शक्ति दुबे ने देश में टॉप किया, कुल 1009 अभ्यर्थी चयनित

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में टॉप किया है। UPSC द्वारा कुल 1009 उम्मीदवारों की नियुक्ति की सिफारिश की गई है। टॉप 10 सफल उम्मीदवारों की सूची: टॉप 3 उम्मीदवारों की प्रोफाइल: परीक्षा प्रक्रिया और आंकड़े: कुल 14,627 उम्मीदवारों ने मुख्य परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,845 साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट हुए। अंततः 1,009 अभ्यर्थियों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को चयनित किया गया है। सेवा आवंटन विवरण: UPSC ने 230 उम्मीदवारों की रिजर्व सूची भी जारी की है, जबकि 241 अभ्यर्थियों का परिणाम प्रोविजनल है। महिला उम्मीदवारों की उल्लेखनीय भागीदारी: इस वर्ष टॉप 5 में से 3 स्थान महिलाओं के पास हैं, जो सिविल सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। परिणाम देखने के लिए: उम्मीदवार UPSC की आधिकारिक वेबसाइट https://www.upsc.gov.in पर पूरी चयनित सूची देख सकते हैं।
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Ramdev

शरबत जिहाद” टिप्पणी पर बवाल: Ramdev को Delhi High Court की फटकार, Rooh Afza पर दिए बयान से साम्प्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका

योग गुरु बाबा Ramdev एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने रूह अफ़ज़ा को लेकर उनकी विवादित टिप्पणी पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह बयान “अंतरात्मा को झकझोर देता है” और समाज में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकता है। Ramdev का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया कि रूह अफ़ज़ा की बिक्री से मस्जिदें बनाई जा रही हैं और इसे उन्होंने “शरबत जिहाद” बताया। कोर्ट ने इस बयान को “गैरजिम्मेदाराना” और “गंभीर रूप से भड़काऊ” बताया। कोर्ट का कड़ा संदेश: जिम्मेदार लोग न फैलाएं नफरत हाई कोर्ट ने कहा कि बाबा रामदेव जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों को बयान देने से पहले सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए। इस तरह की टिप्पणियां भारत जैसे विविधता से भरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती हैं। पहले भी सुप्रीम कोर्ट से मिल चुकी है चेतावनी यह कोई पहला मामला नहीं है जब रामदेव या पतंजलि कोर्ट के निशाने पर आए हों। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि द्वारा भ्रामक विज्ञापन चलाने और एलोपैथी को बदनाम करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। Ramdev और उनके सहयोगियों को अदालत की अवमानना मामले में बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी। कोविड को लेकर भ्रामक दावे पर भी फटकार दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अन्य मामले में पतंजलि और रामदेव को आदेश दिया था कि वे एलोपैथी को कोविड-19 मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराने वाले अपने दावे हटाएं। अदालत ने कहा था कि इस तरह की गलत जानकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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