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Heavy Rain

Heavy Rain Alert: UP में बढ़ा Flood Risk, Gujarat के कई जिले पानी में डूबे; Bihar में IMD की बड़ी चेतावनी

देशभर में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच चुका है। लगातार हो रही बारिश (Heavy Rain) ने उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी भारत तक कई राज्यों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना समेत 10 प्रमुख नदियां उफान पर हैं, गुजरात के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं और बिहार के 19 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश में बढ़ा बाढ़ का खतरा, गंगा-यमुना समेत 10 नदियों का जलस्तर बढ़ा उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा, राप्ती, सरयू और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई जिलों के निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो कुछ इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। Gujarat Flood: लगातार बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित गुजरात में मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। कई सड़कें पानी में डूब गई हैं, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। Bihar Weather: 19 जिलों में Heavy Rain Alert जारी बिहार में भी मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। IMD Weather Forecast: अगले 48 घंटे रहेंगे बेहद अहम मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन इलाकों में पहले से ही नदियां उफान पर हैं, वहां लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखना सबसे सुरक्षित विकल्प होगा। लोगों के लिए जरूरी सलाह बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने, जलभराव वाले रास्तों का उपयोग न करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। जरूरत पड़ने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा राहत टीम से संपर्क करने की सलाह भी दी गई है। देश के कई हिस्सों में मानसून अभी और सक्रिय रहने वाला है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम से जुड़ी हर नई जानकारी पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

Government-CJP Talks Today: PM के वीडियो पर CJP का बड़ा दावा, बोले- दबाव में आया सरकार का रुख

Cockroach Party Protest को लेकर देश में सियासी हलचल तेज हो गई है। आंदोलन के बीच आज सरकार और CJP (Cockroach Justice Platform) के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस बातचीत को गतिरोध खत्म करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, लेकिन बैठक से पहले ही CJP ने साफ कर दिया है कि केवल बातचीत से आंदोलन खत्म नहीं होगा। संगठन का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों पर ठोस फैसला होने और संबंधित प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा। ऐसे में आज की बैठक पर प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों की भी नजर बनी हुई है। CJP का दावा- बढ़ते दबाव के बाद बदला सरकार का रुख बैठक से पहले CJP ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देर रात जारी किया गया वीडियो संदेश बढ़ते जनदबाव का परिणाम है। संगठन के नेताओं का कहना है कि यदि सरकार पहले ही प्रदर्शनकारियों की बात सुन लेती, तो हालात इतने तनावपूर्ण नहीं होते। CJP का आरोप है कि लंबे समय तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब जब आंदोलन को देश के कई हिस्सों में समर्थन मिलने लगा है, तब सरकार बातचीत के लिए आगे आई है। PM के देर रात वीडियो पर उठे सवाल प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को लेकर भी CJP ने सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि वीडियो ऐसे समय जारी किया गया, जब आंदोलन लगातार चर्चा में था और सरकार पर जवाब देने का दबाव बढ़ रहा था। हालांकि सरकार की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं की गई है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश कर रही है और सभी पक्षों की बात गंभीरता से सुनी जाएगी। बातचीत होगी, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा CJP ने स्पष्ट किया है कि वह सरकार के साथ बातचीत में शामिल होगा, लेकिन इससे आंदोलन समाप्त नहीं माना जाएगा। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तथा संबंधित प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी भी अपने रुख पर कायम हैं और उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। आज की बैठक से क्या निकल सकता है? सरकार और CJP के बीच होने वाली बैठक से किसी सकारात्मक समाधान की उम्मीद जरूर जताई जा रही है। यदि दोनों पक्ष कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमत होते हैं तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। हालांकि फिलहाल CJP अपने रुख में किसी तरह की नरमी के संकेत नहीं दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बातचीत सफल रहती है तो गतिरोध कम हो सकता है, लेकिन यदि कोई ठोस निर्णय नहीं निकलता, तो आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल स्थिति क्या है? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jitendra Singh

Jitendra Singh on Student Protest: सरकार ने खोले बातचीत के दरवाजे, लेकिन Students अपनी मांगों पर कायम

छात्र आंदोलन को लेकर राजधानी में हलचल लगातार बनी हुई है। केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र जिस जगह चाहेंगे, सरकार वहां बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों पर अब भी मजबूती से कायम हैं और ठोस आश्वासन की मांग कर रहे हैं। सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने छात्रों के मुद्दों को लेकर कहा कि सरकार संवाद के लिए तैयार है। उनका कहना है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि छात्रों की चिंताओं को समझकर उचित रास्ता निकाला जाए और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए। मंत्री के इस बयान के बाद बातचीत की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अभी तक प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से आंदोलन खत्म करने का कोई संकेत नहीं मिला है। Students Protest: अपनी मांगों पर कायम प्रदर्शनकारी दूसरी ओर छात्र संगठनों का कहना है कि केवल बातचीत का प्रस्ताव काफी नहीं है। छात्रों की मांग है कि उनकी समस्याओं पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए और जरूरी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से अपनी मांगों को गंभीरता से लेने की अपील कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और बेहतर व्यवस्था की मांग को लेकर है। इसी वजह से वे अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल छात्र प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। वहीं सरकार की ओर से लगातार यही संदेश दिया जा रहा है कि छात्रों की समस्याओं पर चर्चा के लिए दरवाजे खुले हैं। अब बातचीत पर टिकी सभी की नजरें फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत कब शुरू होती है और क्या इससे कोई सहमति बन पाएगी। एक तरफ सरकार संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में होने वाली बातचीत ही तय करेगी कि यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। फिलहाल छात्र प्रदर्शन और सरकार के रुख पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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पेपर लीक

Bihar to Haryana Protest: पेपर लीक मुद्दे पर बड़ा आंदोलन, कटिहार में बवाल और Gurugram में Congress का शक्ति प्रदर्शन

देश में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बिहार के कटिहार से लेकर हरियाणा के गुरुग्राम तक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से निष्पक्ष परीक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग की। कटिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच विवाद बढ़ने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। वहीं गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बनी। देशभर में चल रहे इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कटिहार में छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज बिहार के कटिहार में पेपर लीक मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, दोषियों पर कार्रवाई और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों की ओर से ईंट-पत्थर चलने की भी खबर सामने आई। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हैं। उनका मानना है कि एक परीक्षा में गड़बड़ी का असर युवाओं के करियर और भविष्य पर पड़ता है। बिहार में छात्रों का आंदोलन हुआ तेज पेपर लीक के मुद्दे को लेकर बिहार के कई इलाकों में छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए और पेपर लीक में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो। युवाओं का कहना है कि बार-बार परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण उनका समय और मेहनत दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। Gurugram में Congress का प्रदर्शन, पुलिस से हुई बहस हरियाणा के गुरुग्राम में भी पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जब कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताया। Paper Leak Issue बना युवाओं का बड़ा मुद्दा पेपर लीक का मामला अब देशभर में युवाओं के बीच बड़ा मुद्दा बन चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत सिस्टम तैयार किया जाए। युवाओं का कहना है कि परीक्षा केवल एक टेस्ट नहीं बल्कि उनके सपनों और करियर से जुड़ी होती है। इसलिए किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत और सख्त कार्रवाई जरूरी है। सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेपर लीक को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं का भरोसा वापस जीतना है। परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों पर कार्रवाई करने जैसे कदमों से ही छात्रों का विश्वास कायम किया जा सकता है। फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं और युवाओं की नजर सरकार के अगले कदमों पर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Yogi Adityanath

Yogi Adityanath Rally: गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, बोले- आस्था और युवाओं से खिलवाड़ करने वालों के उपदेश बेअसर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने गोरखपुर में आयोजित जनसभा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग लंबे समय तक देश की आस्था, युवाओं और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करते रहे, आज वही लोग सलाह और उपदेश दे रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद लगता है। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने हमेशा जनता की भावनाओं, संस्कृति और विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं, किसानों सहित हर वर्ग के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आस्था के सम्मान और विकास को लेकर CM Yogi का बड़ा बयान गोरखपुर की सभा में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोगों की आस्था का सम्मान किया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले इन मुद्दों को नजरअंदाज किया, उन्हें अब जनता के हितों की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विकास, सुशासन और सुरक्षा को लेकर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को नए अवसरों और बेहतर सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाना है। Youth और Farmers को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं और किसानों के मुद्दे पर भी अपनी सरकार के काम गिनाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। वहीं किसानों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खेती और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। Opposition पर CM Yogi का सीधा वार सीएम योगी ने कहा कि जनता अब सिर्फ नारों और वादों की राजनीति नहीं, बल्कि काम और परिणाम को देखती है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि जिन लोगों का अतीत जनता के सामने है, उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को लोग गंभीरता से नहीं लेते। Gorakhpur में दिखा राजनीतिक असर गोरखपुर में हुई इस सभा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के साथ विपक्ष को भी घेरने की कोशिश की। सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। सीएम योगी का यह भाषण आस्था, विकास और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indian Stock Market

Indian Stock Market Crash: बिकवाली के दबाव में Sensex-Nifty, Banking और Pharma Shares हुए कमजोर

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में गुरुवार को निवेशकों के लिए कारोबार का दिन कुछ कमजोर रहा। Sensex करीब 450 अंक गिरकर 76,300 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे बैंकिंग और फार्मा सेक्टर के शेयरों में हुई भारी बिकवाली को अहम कारण माना जा रहा है। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में दबाव नजर आने लगा था। कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर पहुंचे शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, जिसका असर पूरे बाजार पर पड़ा। Banking Stocks में गिरावट से बाजार पर असर आज के कारोबार में Banking Sector के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निजी और सरकारी बैंकों के कई प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। बैंकिंग इंडेक्स में गिरावट ने बाजार की चाल को प्रभावित किया और सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव बढ़ा दिया। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण गिरावट आई है। हालांकि, मजबूत फंडामेंटल वाली बैंकिंग कंपनियों में लंबी अवधि के निवेशकों की रुचि बनी हुई है। Pharma Stocks भी दबाव में, निवेशकों ने की बिकवाली बैंकिंग के साथ-साथ Pharma Sector के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। हेल्थकेयर कंपनियों के कई शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली का असर सेक्टर इंडेक्स पर भी दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में छोटी अवधि के उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सेक्टर आधारित रणनीति अपनानी चाहिए। Share Market Down होने की वजह क्या रही? शेयर बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं: इन सभी कारणों ने मिलकर घरेलू बाजार की तेजी को कमजोर किया। Investors के लिए क्या है सलाह? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि गिरावट के समय घबराने की जरूरत नहीं है। निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए और बिना रिसर्च के जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार की गिरावट अच्छे शेयरों को बेहतर कीमत पर खरीदने का मौका दे सकती है। हालांकि, निवेश का फैसला कंपनी की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं को देखकर ही लेना चाहिए। Sensex-Nifty Update: बाजार में उतार-चढ़ाव जारी फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आने वाले सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, ग्लोबल मार्केट की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Rate Today: सोने की चमक बढ़ी, भाव पहुंचा ₹1.46 लाख के पार; Silver Price में भी जबरदस्त उछाल

देश में सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने वालों के लिए आज फिर बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। कीमती धातुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। Gold Price Today में सोने की कीमत ₹274 की बढ़त के साथ करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। वहीं, Silver Price Today में चांदी ₹360 महंगी होकर करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। सोने की कीमतों में पिछले चार दिनों से लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस दौरान सोना करीब ₹4,398 तक महंगा हो चुका है। बढ़ते भाव ने जहां निवेशकों को आकर्षित किया है, वहीं आम ग्राहकों के लिए गहनों की खरीदारी पहले से ज्यादा महंगी हो गई है। Gold Rate Today: लगातार मजबूत हो रहा सोने का बाजार सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। मौजूदा समय में वैश्विक बाजार में जारी हलचल और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सोने की ओर ज्यादा रुख कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की बढ़ती मांग, डॉलर में उतार-चढ़ाव और बाजार में सुरक्षित निवेश की तलाश ने सोने की कीमतों को मजबूती दी है। यही कारण है कि भारतीय बाजार में भी सोने के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। Silver Price Today: चांदी में भी दिखी तेज चमक सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी का दौर जारी है। आज चांदी के भाव में ₹360 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह करीब ₹2.26 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में तेजी केवल निवेश की वजह से नहीं है, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग भी लगातार बढ़ रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य सेक्टर में चांदी की खपत बढ़ने से इसके दामों को सपोर्ट मिल रहा है। 4 दिन में सोने ने लगाई बड़ी छलांग सोने के बाजार में बीते कुछ दिनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। चार दिनों के भीतर सोने के भाव में ₹4,398 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में इस तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, लेकिन शादी-ब्याह या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने वालों का बजट जरूर प्रभावित हो रहा है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के भाव? सोना-चांदी महंगा होने के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं: क्या आगे भी बढ़ेंगे सोने-चांदी के दाम? बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद कुछ समय के लिए कीमतों में हल्की गिरावट या स्थिरता भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की नजरें सोने और चांदी के अगले रुख पर बनी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NDA

Lok Sabha Rajya Sabha Update: हंगामे के बाद दोनों सदन 2 बजे तक स्थगित, NDA-INDIA में टकराव

संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को एक बार फिर सियासी गर्मी देखने को मिली। Parliament Protest के दौरान NDA और INDIA Block के सांसद संसद भवन परिसर में आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। इसी बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा नारे लगाते NDA सांसदों के करीब पहुंच गईं, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। परिसर का यह घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इस पूरे मामले के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। संसद के बाहर दिखा सियासी शक्ति प्रदर्शन मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। गुरुवार को संसद भवन के बाहर दोनों गठबंधनों के सांसद अपने-अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। एक तरफ INDIA Block के सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, वहीं NDA सांसदों ने भी विपक्ष के आरोपों के जवाब में प्रदर्शन किया। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और संसद परिसर में माहौल काफी गरमा गया। Priyanka Gandhi का वीडियो हुआ वायरल प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी सांसदों के साथ मौजूद थीं। वीडियो में नजर आया कि वह नारे लगा रहे NDA सांसदों की ओर बढ़ीं। स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे विपक्ष की आवाज उठाने की कोशिश बताया, जबकि NDA नेताओं ने इसे विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बताया। हंगामे के चलते Parliament Proceedings प्रभावित संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन का असर सदन की कार्यवाही पर भी पड़ा। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ, जिसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। सांसदों के हंगामे के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। अब सभी की नजरें आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं। NDA vs INDIA Block के बीच जारी है राजनीतिक टकराव संसद के इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष चर्चा के बजाय हंगामा कर रहा है। गुरुवार का घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि संसद के अंदर और बाहर दोनों ही जगह राजनीतिक मुकाबला तेज हो चुका है। आने वाले दिनों में भी NDA और INDIA Block के बीच बहस और विरोध प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk मेदांता में भर्ती बोले- सरकार भरोसा दे तो आज ही खत्म करूंगा अनशन

लद्दाख के अधिकारों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी तबीयत को देखते हुए अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। करीब 600 जवानों की तैनाती के बीच वांगचुक का इलाज चल रहा है। इस बीच Sonam Wangchuk ने सरकार के सामने बातचीत का रास्ता खुला रखा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार की ओर से भरोसा मिलता है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा, तो वह अपना अनशन आज ही खत्म करने के लिए तैयार हैं। मेदांता अस्पताल में बढ़ाई गई सुरक्षा, 600 जवान तैनात सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल लाया गया। सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। वहीं डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। Sonam Wangchuk बोले- समाधान चाहिए, टकराव नहीं अनशन के दौरान सोनम वांगचुक ने साफ किया कि उनका उद्देश्य सरकार के साथ टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन देती है तो वह अपना आंदोलन समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। वांगचुक का कहना है कि लद्दाख के लोगों की पहचान, जमीन, रोजगार और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंताएं हैं और इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा जरूरी है। JP Nadda का बयान- आपकी चिट्ठी मिली, सरकार कर रही चर्चा इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की ओर से भेजी गई चिट्ठी सरकार को मिल गई है और इस विषय पर चर्चा की जा रही है। नड्डा के बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार और सोनम वांगचुक के बीच बातचीत का रास्ता आगे बढ़ सकता है। लद्दाख को लेकर क्या मांग कर रहे हैं सोनम वांगचुक? सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के भविष्य और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं: अब बातचीत पर टिकी नजरें सोनम वांगचुक के बयान और जेपी नड्डा के जवाब के बाद अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर है। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है तो लंबे समय से चल रहा यह मुद्दा समाधान की दिशा में बढ़ सकता है। फिलहाल सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और आगे की रणनीति सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Salman Khan

Salman Khan on Education Protest: ‘हिंसा से नहीं निकलेगा हल’, Alia Bhatt बोलीं- छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं

देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। कई राज्यों में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने चिंता भी बढ़ा दी है। इस बीच बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan और अभिनेत्री Alia Bhatt ने आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों का समर्थन किया, लेकिन साथ ही हिंसा से बचने और शिक्षा के मुद्दे को राजनीति से दूर रखने की अपील भी की। Salman Khan बोले- शिक्षा का मुद्दा है, इसे राजनीतिक रंग न दें Salman Khan ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर दुख जताया। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक विरोध का उद्देश्य अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है और इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने के बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। सलमान ने यह भी कहा कि सरकार और छात्रों के बीच खुलकर संवाद होना जरूरी है। उनका मानना है कि बातचीत से निकला समाधान ही सबसे प्रभावी और स्थायी होता है। Alia Bhatt ने छात्रों की भावनाओं को समझने की अपील की आलिया भट्ट ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र केवल अपनी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की उम्मीद लेकर सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की जरूरत है। यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान निकाला जाए तो ऐसे हालात बनने से बचा जा सकता है। हिंसा से आंदोलन की दिशा बदलने का खतरा शिक्षा से जुड़े इस आंदोलन की शुरुआत छात्रों की मांगों को लेकर हुई थी, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने पूरे आंदोलन का फोकस बदल दिया। कई सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि हिंसा से किसी भी आंदोलन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसी वजह से सलमान खान और आलिया भट्ट दोनों ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। शिक्षा सुधार पर बढ़ी राष्ट्रीय बहस हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इन सबके बीच फिल्म जगत की चर्चित हस्तियों का सामने आकर प्रतिक्रिया देना इस मुद्दे की गंभीरता को और भी स्पष्ट करता है। छात्रों और सरकार के बीच संवाद की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना सभी पक्षों के हित में होगा। छात्रों की मांगों पर गंभीर चर्चा और समयबद्ध कार्रवाई से ही स्थिति सामान्य हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sikh Pilgrims

Sikh Pilgrims पाकिस्तान ने बदले Religious Yatra Rules, Private Travel पर सख्ती

भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राओं को लेकर एक बार फिर नियमों में सख्ती देखने को मिल रही है। पाकिस्तान में सामने आए जासूसी मामले के बाद अब धार्मिक यात्रियों की आवाजाही और उनके दस्तावेजों की जांच को लेकर व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। खास तौर पर सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्राओं को लेकर Private Tour के बजाय अधिकृत धार्मिक संस्थाओं के जरिए यात्रा कराने पर जोर दिया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत से पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा में SGPC (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) और HSGMC (Haryana Sikh Gurdwara Management Committee) जैसी संस्थाओं की भूमिका अहम हो सकती है। यानी श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा के लिए तय संस्थागत प्रक्रिया का पालन करना होगा। जासूसी मामले के बाद Security पर फोकस पाकिस्तान में सामने आए कथित जासूसी मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां धार्मिक यात्राओं को लेकर भी ज्यादा सतर्क नजर आ रही हैं। यात्रियों की पहचान, यात्रा का उद्देश्य, दस्तावेज और उनके यात्रा कार्यक्रम की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, नियमों में बदलाव को किसी एक जासूसी मामले से सीधे जोड़ने को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे फिलहाल पाकिस्तान की बढ़ी हुई Security और Documentation प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। Private Tour पर क्यों बढ़ी सख्ती? निजी स्तर पर धार्मिक यात्रा करने वाले यात्रियों की जानकारी और यात्रा कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी मुश्किल हो सकती है। इसके मुकाबले SGPC या HSGMC जैसी मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से जत्थे जाने पर यात्रियों की सूची और यात्रा से जुड़ी जानकारी पहले से व्यवस्थित रहती है। यही वजह है कि धार्मिक यात्राओं को एक निर्धारित चैनल के जरिए संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे यात्रियों के दस्तावेजों और यात्रा कार्यक्रम की जांच भी पहले से की जा सकती है। श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा? अगर यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होती है, तो पाकिस्तान जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को निजी तौर पर Travel Plan बनाने के बजाय अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से यात्रा की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए Private Tour या व्यक्तिगत व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं। अब उन्हें जत्थे या अधिकृत धार्मिक संस्थाओं के जरिए यात्रा करने की प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर भी विवाद इसी बीच पाकिस्तान में धार्मिक यात्रियों से जुड़ा एक और मामला सामने आया। फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पाकिस्तान से भारत के हेमकुंड साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के एक जत्थे को कथित तौर पर यात्रा की अनुमति नहीं मिली। अधिकारियों की ओर से NOC यानी No Objection Certificate को लेकर सवाल उठाए गए। इस घटना के बाद धार्मिक यात्रा के लिए जरूरी दस्तावेजों और दोनों देशों के बीच लागू नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। भारत-पाकिस्तान के बीच Religious Travel का पुराना Protocol भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राओं के लिए लंबे समय से एक निर्धारित व्यवस्था मौजूद है। 1974 Religious Shrines Protocol के तहत दोनों देशों के श्रद्धालुओं को कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा की अनुमति दी जाती है। पाकिस्तान में ननकाना साहिब, पंजा साहिब और दूसरे ऐतिहासिक गुरुद्वारे भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए खास धार्मिक महत्व रखते हैं। हर साल अलग-अलग मौकों पर श्रद्धालुओं के जत्थे इन धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। वहीं, पाकिस्तान के सिख श्रद्धालु भी भारत में हेमकुंड साहिब समेत दूसरे धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। Wagah-Attari Route को लेकर भी उठी मांग पाकिस्तानी श्रद्धालुओं की भारत यात्रा को लेकर Wagah-Attari Land Route का मुद्दा भी सामने आया है। पूर्व राज्यसभा सांसद तरलोचन सिंह ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को पत्र लिखकर पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए जमीन के रास्ते भारत आने की अनुमति देने की मांग की थी। धार्मिक यात्राओं को लेकर लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों के बीच श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी चिंता यही है कि दोनों देशों के बीच तनाव का असर उनकी आस्था और यात्रा पर न पड़े। फिलहाल तस्वीर यही है कि India-Pakistan Religious Yatra को लेकर सुरक्षा और दस्तावेजों की जांच पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। श्रद्धालुओं के लिए आने वाले समय में अधिकृत संस्थाओं के जरिए यात्रा करना और सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखना बेहद जरूरी हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bank Holiday

Bank Holiday: 5-Day Working की मांग को लेकर हड़ताल, शनिवार-रविवार से लगातार 3 दिन असर

देशभर के Bank Holiday 5-Day Working की मांग को लेकर आज हड़ताल का रुख अपनाया है। बैंककर्मियों की मांग है कि बैंकों में सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम हो और शनिवार-रविवार को नियमित छुट्टी दी जाए। हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से बैंक शाखाओं की सेवाओं पर लगातार तीन दिनों तक असर पड़ सकता है। बैंक यूनियनों की ओर से लंबे समय से 5-Day Banking System लागू करने की मांग उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में काम का दबाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में पांच दिन काम और दो दिन की छुट्टी से कर्मचारियों को आराम के साथ परिवार के लिए भी समय मिल सकेगा। Bank Strike का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा? हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में होने वाले रोजमर्रा के कई काम प्रभावित हो सकते हैं। कैश जमा करना, नकद निकासी, चेक से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट और दूसरी branch-related services के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी होगी। UPI, ATM, Internet Banking और Mobile Banking जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। किसी तकनीकी समस्या या बैंक की अपनी व्यवस्था के कारण इनमें अस्थायी दिक्कत अलग बात हो सकती है। क्यों हो रही है 5-Day Working की मांग? बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन की working व्यवस्था से कर्मचारियों को बेहतर Work-Life Balance मिल सकता है। उनका मानना है कि लगातार दो दिन की छुट्टी मिलने से कर्मचारी अगले सप्ताह बेहतर ऊर्जा और क्षमता के साथ काम कर पाएंगे। यह मांग बैंकिंग कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चर्चा में रही है। यूनियनों का जोर है कि बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक कामकाजी माहौल के अनुरूप बनाया जाए। शनिवार-रविवार की छुट्टी से बढ़ेगा असर आज की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण कई बैंक शाखाएं लगातार तीन दिन प्रभावित रहेंगी। ऐसे में जिन ग्राहकों का कोई जरूरी branch work है, उन्हें अगले working day तक इंतजार करना पड़ सकता है। खासकर महीने या सप्ताह के जरूरी भुगतान, चेक क्लियरेंस या दूसरे शाखा संबंधी काम वाले ग्राहकों को पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा। Digital Banking से राहत की उम्मीद आज बैंकिंग का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है। मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करने से लेकर बिल भुगतान और UPI transaction तक कई काम घर बैठे किए जा सकते हैं। इसलिए हड़ताल का असर मुख्य रूप से physical bank branches पर देखने को मिल सकता है। फिर भी जिन लोगों को बैंक शाखा में जाकर काम कराना जरूरी है, उन्हें बैंक दोबारा खुलने के बाद भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। अब सरकार और बैंकिंग संगठनों पर नजर बैंक कर्मचारियों की 5-Day Working की मांग के बीच अब सभी की नजर आगे होने वाली बातचीत पर है। कर्मचारियों की मांग और बैंकिंग सेवाओं की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना अहम होगा। फिलहाल ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि जरूरी branch-related काम को ध्यान में रखकर अपनी banking plan करें और जहां संभव हो, Digital Banking Services का इस्तेमाल करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Hezbollah

Hezbollah Tunnel Blast: इजराइल ने उड़ाया 2 KM लंबा सुरंग नेटवर्क, दर्ज हुआ 4.1 Magnitude का कंपन

इजराइल और हिजबुल्लाह (Hezbollah) के बीच तनाव के बीच दक्षिणी लेबनान में बड़ी सैन्य कार्रवाई हुई है। इजराइली सेना ने हिजबुल्लाह के एक बड़े Underground Tunnel Network को विस्फोट कर ध्वस्त करने का दावा किया है। यह सुरंग करीब 2 किलोमीटर लंबी बताई जा रही है। इसे उड़ाने के बाद इलाके में इतना तेज कंपन महसूस हुआ कि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 4.1 Magnitude की भूकंपीय गतिविधि दर्ज की। इजराइल के मुताबिक यह कोई सामान्य सुरंग नहीं थी, बल्कि हिजबुल्लाह का एक बड़ा भूमिगत सैन्य परिसर था। सेना का दावा है कि यहां हथियारों के साथ-साथ कमांड और ऑपरेशनल गतिविधियों के लिए भी इंतजाम किए गए थे। इजराइल ने क्यों उड़ाई हिजबुल्लाह की सुरंग? इजराइली सेना के अनुसार यह Underground Complex दक्षिणी लेबनान के Ali al-Taher Ridge क्षेत्र में बनाया गया था। सेना का दावा है कि हिजबुल्लाह ने इस इलाके में अपनी सैन्य क्षमता को छिपाने के लिए जमीन के नीचे लंबा नेटवर्क तैयार किया था। इजराइल का कहना है कि इस सुरंग के भीतर हथियार रखने की जगह, कमांड सेंटर और लड़ाकों के लंबे समय तक भूमिगत रहने के इंतजाम मौजूद थे। यही वजह है कि इसे नष्ट करना इजराइली सेना के लिए एक अहम ऑपरेशन माना जा रहा है। जोरदार Blast के बाद आया 4.1 का कंपन सुरंग को नष्ट करने के लिए किए गए विस्फोट के बाद आसपास के इलाके में जोरदार कंपन महसूस किया गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS ने इस दौरान 4.1 तीव्रता की भूकंपीय गतिविधि दर्ज की। इस घटना ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि यह कंपन प्राकृतिक भूकंप के बजाय बड़े सैन्य विस्फोट के बाद दर्ज किया गया था। धमाके की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका असर आसपास के क्षेत्र में महसूस किया गया। Tunnel के अंदर हथियारों का जखीरा होने का दावा इजराइली सेना ने दावा किया है कि इस भूमिगत परिसर में रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन और एंटी-टैंक हथियारों समेत कई तरह की सैन्य सामग्री मौजूद थी। यहां हिजबुल्लाह की Badr Unit से जुड़ा कमांड ढांचा होने की बात भी कही गई है। इजराइल लंबे समय से हिजबुल्लाह के Underground Infrastructure को अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताता रहा है। ऐसे में इस सुरंग का नष्ट किया जाना इजराइल की सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। Netanyahu का बड़ा बयान, बोले- Mission Complete कार्रवाई के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ऑपरेशन को लेकर संतोष जताया। इजराइली नेतृत्व ने संकेत दिया कि इलाके में सुरक्षा से जुड़े अभियान का अहम लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि दक्षिणी लेबनान में तनाव खत्म हो गया है। इजराइल की ओर से साफ कहा गया है कि इलाके पर निगरानी जारी रहेगी और हिजबुल्लाह को दोबारा अपना सैन्य ढांचा खड़ा करने से रोकने की कोशिश की जाएगी। South Lebanon में अभी भी तनाव बरकरार दक्षिणी लेबनान लंबे समय से इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच टकराव का प्रमुख क्षेत्र रहा है। यहां जमीन के ऊपर सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ Underground Networks को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबे सुरंग नेटवर्क का ध्वस्त किया जाना इस बात का संकेत है कि जमीन के नीचे बनाए गए सैन्य ढांचे को लेकर इजराइल कितना गंभीर है। अब इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या क्षेत्र में तनाव कम होगा या आने वाले दिनों में Israel-Hezbollah Conflict और बढ़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: Delhi पहुंचे Putin, Modi से Meeting पर नजर; Su-57 Deal की भी चर्चा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके भारत दौरे को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी। अब पुतिन के दिल्ली पहुंचने के बाद सबसे ज्यादा नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी मुलाकात पर है। भारत और रूस के रिश्ते कई दशकों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में लगातार सहयोग रहा है। ऐसे समय में जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक बदलावों से गुजर रही है, पुतिन का भारत दौरा दोनों देशों के लिए अहम माना जा रहा है। Putin-Modi Meeting पर सबकी नजर पुतिन के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत होने की उम्मीद है। इस बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ वैश्विक परिस्थितियों और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग पर चर्चा हो सकती है। दोनों नेताओं की मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत लगातार अपनी Strategic Autonomy पर जोर देता रहा है। वहीं रूस भारत के प्रमुख रणनीतिक साझेदारों में शामिल है। Su-57 को लेकर भी चर्चा तेज पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस के Su-57 Fighter Jet को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच इस विमान से संबंधित संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अभी इसे किसी पक्की डील के तौर पर नहीं देखा जा सकता। किसी संभावित समझौते की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इसकी तस्वीर साफ होगी। इसलिए फिलहाल Su-57 को लेकर चल रही खबरों को संभावित बातचीत के तौर पर ही देखना बेहतर है। 2016 Goa Summit में हुआ था S-400 Agreement भारत और रूस के संबंधों में साल 2016 का Goa BRICS Summit भी काफी अहम रहा था। उस समय दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए थे। इनमें S-400 सिस्टम से जुड़ा अंतर-सरकारी समझौता भी शामिल था। अब करीब दस साल बाद एक बार फिर BRICS के मंच पर भारत और रूस की मुलाकात हो रही है। यही वजह है कि इस बार दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत को लेकर कूटनीतिक हलकों में खास दिलचस्पी है। BRICS Summit में कई Global Issues पर होगी चर्चा BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया में कई मोर्चों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। रूस-यूक्रेन संघर्ष से लेकर पश्चिम एशिया की स्थिति और बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था तक, कई मुद्दे अंतरराष्ट्रीय एजेंडे में हैं। भारत के लिए BRICS केवल आर्थिक सहयोग का मंच नहीं है। यह ऐसा प्लेटफॉर्म भी है जहां नई दिल्ली अलग-अलग देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित करते हुए वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखती है। India-Russia Relations के लिए क्यों खास है दौरा? पुतिन की दिल्ली यात्रा को केवल एक BRICS दौरे के रूप में देखना आसान होगा, लेकिन इसके पीछे भारत-रूस संबंधों का बड़ा संदर्भ भी है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से भरोसे और रणनीतिक सहयोग की परंपरा रही है। अब देखना होगा कि Modi-Putin Meeting से दोनों देशों के रिश्तों को लेकर क्या नए संकेत मिलते हैं। खासकर व्यापार, ऊर्जा और भविष्य के रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर होने वाली बातचीत पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल पुतिन के दिल्ली पहुंचने के साथ ही BRICS Summit 2026 की हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में भारत-रूस बातचीत से निकलने वाले संदेश पर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की नजर भी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kedarnath

Weather Update: Kedarnath में Cloudburst से पैदल मार्ग बंद, UP-MP में Flood जैसे हालात

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। उत्तराखंड के केदारनाथ (Kedarnath) से लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कहीं बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड से रास्ते बंद हो गए हैं, तो कहीं पुल और हाईवे पानी में डूब गए हैं। मौसम की इस मार से सबसे ज्यादा परेशानी पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हो रही है। Kedarnath में Cloudburst, पैदल मार्ग पर आया मलबा उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में भारी बारिश के बीच Cloudburst की घटना सामने आई है। इसके बाद पहाड़ी रास्ते पर मलबा आने से पैदल यात्रा मार्ग प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा भी बना हुआ है। केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाके में मौसम अचानक बदलने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। प्रशासन के सामने फिलहाल रास्ते को सुरक्षित बनाने और यात्रियों की आवाजाही को लेकर चुनौती बनी हुई है। भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा विशेष रूप से बढ़ जाता है।  Mirzapur में पुल पर बारिश का असर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। तेज बारिश और बढ़ते पानी के कारण पुल और आसपास के इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर पानी भरने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण सड़क और पुलों पर पानी बढ़ने से प्रशासन को भी लगातार स्थिति पर नजर रखनी पड़ रही है। Farrukhabad में Highway पर भरा पानी फर्रुखाबाद में भारी बारिश के बाद हाईवे पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार थम गई और यात्रियों को परेशानी हुई। हाईवे पर पानी बढ़ने के कारण कई जगह यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी रही। बारिश का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों में दिखाई दे रहा है जहां पहले से जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर है। Damoh में बाढ़ जैसे हालात मध्य प्रदेश के दमोह में भी लगातार बारिश के बाद हालात चिंताजनक हो गए हैं। कई इलाकों में पानी भरने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीण और निचले क्षेत्रों में बारिश का पानी पहुंचने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। प्रशासन की नजर जलस्तर और प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है। कई राज्यों में बारिश बनी आफत उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि इस समय बारिश सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि कई इलाकों में बड़ी चुनौती बन चुकी है। पहाड़ों में Cloudburst और Landslide का खतरा है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में Waterlogging और Flood-like Situation लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। ऐसे मौसम में सबसे जरूरी लोगों की सुरक्षा है। प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने और जोखिम वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है। केदारनाथ जैसे संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम साफ होने और रास्तों की स्थिति सामान्य होने तक अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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