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Salman Khan

Salman Khan on Education Protest: ‘हिंसा से नहीं निकलेगा हल’, Alia Bhatt बोलीं- छात्र अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं

देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। कई राज्यों में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है, वहीं कुछ स्थानों पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने चिंता भी बढ़ा दी है। इस बीच बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan और अभिनेत्री Alia Bhatt ने आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों का समर्थन किया, लेकिन साथ ही हिंसा से बचने और शिक्षा के मुद्दे को राजनीति से दूर रखने की अपील भी की। Salman Khan बोले- शिक्षा का मुद्दा है, इसे राजनीतिक रंग न दें Salman Khan ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर दुख जताया। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक विरोध का उद्देश्य अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है और इसे राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने के बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। सलमान ने यह भी कहा कि सरकार और छात्रों के बीच खुलकर संवाद होना जरूरी है। उनका मानना है कि बातचीत से निकला समाधान ही सबसे प्रभावी और स्थायी होता है। Alia Bhatt ने छात्रों की भावनाओं को समझने की अपील की आलिया भट्ट ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र केवल अपनी सुविधा के लिए नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में सुधार की उम्मीद लेकर सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की जरूरत है। यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान निकाला जाए तो ऐसे हालात बनने से बचा जा सकता है। हिंसा से आंदोलन की दिशा बदलने का खतरा शिक्षा से जुड़े इस आंदोलन की शुरुआत छात्रों की मांगों को लेकर हुई थी, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं ने पूरे आंदोलन का फोकस बदल दिया। कई सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि हिंसा से किसी भी आंदोलन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसी वजह से सलमान खान और आलिया भट्ट दोनों ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। शिक्षा सुधार पर बढ़ी राष्ट्रीय बहस हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था चाहिए, जबकि सरकार का कहना है कि समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इन सबके बीच फिल्म जगत की चर्चित हस्तियों का सामने आकर प्रतिक्रिया देना इस मुद्दे की गंभीरता को और भी स्पष्ट करता है। छात्रों और सरकार के बीच संवाद की जरूरत विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना सभी पक्षों के हित में होगा। छात्रों की मांगों पर गंभीर चर्चा और समयबद्ध कार्रवाई से ही स्थिति सामान्य हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raja Raghuvanshi

Raja Raghuvanshi Case Update: सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द, Supreme Court ने दिया सरेंडर का आदेश

चर्चित राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) मर्डर केस में गुरुवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सोनम को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करना होगा। यदि वह तय समय में आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो उनकी जमानत स्वतः समाप्त मानी जाएगी। इस फैसले ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। Raja Raghuvanshi Murder Case क्या है? इंदौर निवासी व्यवसायी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून के लिए मेघालय गए थे। यात्रा के दौरान दोनों अचानक लापता हो गए। कुछ दिनों बाद राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ, जबकि सोनम बाद में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली थीं। जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी। पुलिस ने सोनम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया और मामले में चार्जशीट भी दाखिल की। इसके बाद यह केस देशभर में चर्चा का विषय बन गया। Sonam Raghuvanshi को कैसे मिली थी जमानत? इस साल ट्रायल कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी थी। अदालत का कहना था कि गिरफ्तारी के दौरान जरूरी कानूनी औपचारिकताओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी उस आदेश को बरकरार रखा। हालांकि, मेघालय सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि इतने गंभीर अपराध में केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि के आधार पर जमानत देना न्यायहित में नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रखना उचित नहीं होगा। अदालत ने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों को रद्द करते हुए सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि ट्रायल के दौरान प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज हो जाते हैं, तो सोनम भविष्य में नियमित जमानत के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं। यानी अदालत ने फिलहाल जमानत खत्म की है, लेकिन कानूनी अधिकार पूरी तरह समाप्त नहीं किए हैं। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनम रघुवंशी को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है और ट्रायल की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। उधर, जांच एजेंसियां भी इस बहुचर्चित मामले में सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही हैं। देशभर की नजर इस केस पर राजा रघुवंशी हत्याकांड पिछले एक साल से देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। हर सुनवाई के साथ इस केस पर लोगों की नजर बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोनम रघुवंशी कब सरेंडर करेंगी और ट्रायल कोर्ट में आगे की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी। इस मामले का अंतिम फैसला अदालत में पेश होने वाले सबूतों, गवाहों और कानूनी दलीलों के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया है कि सोनम रघुवंशी को एक बार फिर जेल जाना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Rain Alert: Surat में बारिश से हालात बिगड़े, Ahmedabad-Mumbai Route पर ट्रेनें रद्द

देशभर में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा असर गुजरात के सूरत (Surat) में देखने को मिला, जहां महज 4 घंटे में करीब 4 इंच बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कें पानी में डूब गईं, निचले इलाकों में जलभराव हो गया और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। इस बीच, भारी बारिश का असर Ahmedabad-Mumbai Rail Route पर भी पड़ा। रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 ट्रेनों को रद्द कर दिया, जबकि कुछ अन्य ट्रेनों के समय और रूट में बदलाव किया गया है। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत 7 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। Surat Rain: 4 घंटे की बारिश ने थाम दी शहर की रफ्तार सूरत में सुबह से शुरू हुई तेज बारिश ने कुछ ही घंटों में पूरे शहर का हाल बदल दिया। कई प्रमुख सड़कें पानी से भर गईं, जिससे ट्रैफिक की लंबी कतारें लग गईं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम और प्रशासन की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने और स्थिति सामान्य करने में जुटी हैं। मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश जारी रह सकती है। Ahmedabad-Mumbai Rail Route पर असर, 7 ट्रेनें रद्द लगातार बारिश और रेलवे ट्रैक पर पानी भरने की वजह से अहमदाबाद-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। रेलवे ने एहतियात के तौर पर 7 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि कई ट्रेनों को डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके। IMD Heavy Rain Alert: इन 7 राज्यों में बरसेंगे बादल भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं— इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा न करें और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें। अगर किसी क्षेत्र में तेज बारिश या जलभराव की स्थिति बनती है तो तुरंत स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अभी और तेज हो सकता है मानसून मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण पश्चिम और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इससे कई शहरों में जलभराव, सड़क यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए फिलहाल मुश्किलें बढ़ाती नजर आ रही है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

America-Iran Tension: ईरान पर US की बड़ी कार्रवाई, Trump का दावा- ‘Iran बुरी तरह पिट रहा’

मध्य पूर्व (Middle East) में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। America और Iran के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर अमेरिका ने लगातार 12वें दिन ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, तो दूसरी ओर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इन घटनाओं के बाद वैश्विक सुरक्षा और तेल बाजार दोनों पर दबाव बढ़ गया है। लगातार 12वें दिन US Airstrikes, कई ठिकाने बने निशाना America सेना ने Iran के चार प्रांतों में मौजूद सैन्य अड्डों, मिसाइल लॉन्च साइट्स और ड्रोन से जुड़े ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन ऑपरेशनों का उद्देश्य क्षेत्र में ईरान की सैन्य गतिविधियों को सीमित करना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान लगातार 12 दिनों से जारी है और आने वाले दिनों में भी हालात के मुताबिक आगे की रणनीति तय की जाएगी। Trump का दावा- “Iran लगातार कमजोर हो रहा” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान पर की जा रही कार्रवाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता लगातार कमजोर हो रही है और यदि अमेरिकी हितों या सहयोगी देशों को निशाना बनाया गया तो जवाब और भी सख्त होगा। ट्रम्प के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संघर्ष को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। Houthi Rebels ने Saudi के दो Oil Tankers पर किया हमला इसी बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर (Red Sea) में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है। विद्रोहियों के अनुसार यह कार्रवाई उनके समुद्री अभियान का हिस्सा थी। हमले के बाद जहाजों की आवाजाही वाले अहम समुद्री मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी बड़े तेल रिसाव या भारी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। Global Oil Market पर बढ़ा दबाव मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हालात और बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इस स्थिति में दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। क्या कूटनीति से निकलेगा समाधान? हालांकि सैन्य कार्रवाई जारी है, लेकिन अमेरिका ने बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यदि ईरान तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाता है तो बातचीत की संभावना बनी रह सकती है। वहीं ईरान ने भी साफ संकेत दिए हैं कि वह लगातार हो रहे हमलों का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है। ऐसे में आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी। Middle East Crisis पर दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है। लाल सागर में हूती विद्रोहियों की गतिविधियां, तेल टैंकरों पर हमले और लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संकट और व्यापक रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET Paper Leak

NEET Paper Leak Issue: चर्चा चाहती है सरकार, लेकिन Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर अड़ा Opposition

NEET Paper Leak को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा लगातार छाया हुआ है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि वह NEET पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। इसी टकराव के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। सरकार ने कहा- चर्चा से पीछे नहीं हटेंगे सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा से सरकार पीछे नहीं हट रही है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर संसद में बहस होने दी जाए, ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें और समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। विपक्ष की मांग- पहले शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा हालांकि विपक्ष का रुख इससे अलग है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों का कहना है कि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की है। विपक्ष का आरोप है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक केवल चर्चा से छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। संसद में विरोध प्रदर्शन से बार-बार रुकी कार्यवाही इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कई सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंचे और छात्रों के समर्थन में नारे लगाए। सदन के भीतर भी लगातार विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे की वजह से कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी प्रभावित हुए। PM मोदी ने युवाओं को दिया भरोसा इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में युवाओं को भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सुधार किए जाएंगे तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का दावा है कि छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता दूसरी ओर, देश के कई हिस्सों में छात्र संगठन और सामाजिक संस्थाएं भी प्रदर्शन कर रही हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। इस मुद्दे ने छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी है। अब आगे क्या? फिलहाल संसद में गतिरोध खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। सरकार चर्चा के जरिए समाधान निकालने की बात कर रही है, जबकि विपक्ष अपनी मांगों पर कायम है। ऐसे में NEET Paper Leak का मामला केवल शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह संसद के मानसून सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति कब बनती है और छात्रों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में सार्थक चर्चा कब शुरू होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

Cockroach Party vs BJP: प्रदर्शन के दौरान बवाल, धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर अड़ा CJP

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से नहीं हटते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच प्रदर्शन के दौरान कथित पत्थरबाजी की घटना ने पूरे मामले को और गरमा दिया है। पार्टी के नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों ने प्रदर्शन में पहुंचकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर अड़ा CJP CJP का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और हाल के विवादों को लेकर युवाओं में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। पार्टी का दावा है कि उनका आंदोलन छात्रों के हितों और जवाबदेही की मांग को लेकर है। इसी वजह से उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से नहीं हटते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब कथित तौर पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। CJP नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ समर्थक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की। उनके अनुसार, इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंके गए, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा की ओर से भी इस मामले पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और यदि किसी भी पक्ष की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज इस विवाद के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। CJP लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साध रही है, जबकि प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पत्थरबाजी को लेकर भी सियासी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा का विषय बना रह सकता है। फिलहाल क्या है स्थिति? फिलहाल CJP ने अपना विरोध जारी रखने का फैसला दोहराया है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है। वहीं प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और सरकार या भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi on Paper Leak: युवाओं को दिया भरोसा, Fast Track Courts का ऐलान; राहुल गांधी का पलटवार

देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच PM Modi ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब और सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए Fast Track Courts का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। ऐसे में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। PM मोदी बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी छात्र की मेहनत और सपनों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी और ऐसे मामलों के जल्द निपटारे के लिए Fast Track Courts स्थापित किए जाएंगे। इससे जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार तकनीक के बेहतर उपयोग, कड़ी निगरानी और सख्त कानूनों के जरिए भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना था कि दोषियों को किसी भी हाल में बचने नहीं दिया जाएगा। राहुल गांधी ने सरकार से पूछे सवाल प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि केवल घोषणाएं करने से समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को भरोसा तभी मिलेगा, जब दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाएगी। छात्रों की उम्मीदें बढ़ीं पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित छात्र लंबे समय से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। ऐसे में Fast Track Courts की घोषणा को कई छात्र सकारात्मक कदम मान रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि इस फैसले का वास्तविक असर तभी दिखेगा, जब दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई होगी और भविष्य में परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Virat

Virat-Anushka Vrindavan Visit: प्रेमानंदजी महाराज के आश्रम पहुंचे विराट-अनुष्का

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज Virat Kohli और बॉलीवुड अभिनेत्री Anushka Sharma एक बार फिर अपनी सादगी और आध्यात्मिक जुड़ाव को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दोनों वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने Premanand Maharaj से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनका सरल अंदाज और श्रद्धा देखकर वहां मौजूद लोग भी प्रभावित हुए। बारिश के बीच बदला रास्ता, लेकिन नहीं बदली श्रद्धा Virat और Anushka जब प्रेमानंदजी महाराज के आश्रम पहुंचे तो मौसम की वजह से रास्ता आसान नहीं था। बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ था, लेकिन दोनों ने किसी परेशानी की परवाह किए बिना नंगे पैर पैदल चलकर आश्रम तक पहुंचने का फैसला किया। उनकी यह तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। फैंस ने विराट-अनुष्का की इस सादगी की जमकर तारीफ की और कहा कि प्रसिद्धि के बावजूद दोनों जमीन से जुड़े हुए नजर आते हैं। आश्रम में करीब एक घंटे तक रुके विराट-अनुष्का जानकारी के मुताबिक, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन आश्रम में करीब एक घंटे का समय बिताया। इस दौरान दोनों ने प्रेमानंदजी महाराज से बातचीत की और जीवन से जुड़े कई विषयों पर मार्गदर्शन लिया। बताया जा रहा है कि दोनों ने परिवार, आध्यात्मिक शांति और जीवन में सकारात्मक सोच को लेकर चर्चा की। मुलाकात के दौरान विराट और अनुष्का बेहद शांत और सहज नजर आए। आध्यात्मिक यात्राओं को लेकर पहले भी चर्चा में रहे हैं दोनों विराट कोहली और अनुष्का शर्मा इससे पहले भी कई धार्मिक स्थलों पर दर्शन के लिए जा चुके हैं। दोनों अक्सर अपने व्यस्त शेड्यूल के बीच आध्यात्मिक यात्राओं के लिए समय निकालते हैं। अनुष्का और विराट का मानना है कि जीवन में सफलता के साथ-साथ मानसिक शांति भी जरूरी है। यही वजह है कि दोनों समय-समय पर धार्मिक और आध्यात्मिक स्थानों पर जाते दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया पर फैंस ने की तारीफ विराट-अनुष्का की वृंदावन यात्रा के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर की जा रही हैं। फैंस ने उनके इस व्यवहार को विनम्रता और आस्था का उदाहरण बताया। कई लोगों ने कहा कि करोड़ों लोगों के पसंदीदा सितारे होने के बावजूद विराट और अनुष्का की सादगी उन्हें खास बनाती है। Virat-Anushka की यात्रा बनी चर्चा का विषय विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की यह वृंदावन यात्रा सिर्फ एक धार्मिक दौरा नहीं बल्कि उनकी आस्था और जीवन के प्रति सोच को भी दर्शाती है। कीचड़ भरे रास्ते पर नंगे पैर चलकर आश्रम पहुंचने का उनका अंदाज लोगों के दिलों को छू गया। फिलहाल, विराट-अनुष्का की प्रेमानंदजी महाराज से मुलाकात सोशल मीडिया और खबरों में लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CJP

CJP Protest टकराव नहीं संवाद चाहता संगठन, सरकार के सामने रखी बातचीत की पेशकश

दिल्ली में जारी CJP Protest के बीच संगठन ने बड़ा बयान देकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। CJP ने कहा है कि वह सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए एक Neutral Place (निष्पक्ष स्थान) तय किया जाना चाहिए, जहां दोनों पक्ष शांतिपूर्ण माहौल में अपनी बात रख सकें। प्रदर्शन के बीच आए इस बयान को आंदोलन के रुख में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। CJP का कहना है कि उसका उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना है। संगठन ने सरकार से अपील की है कि वह संवाद के लिए आगे आए और एक उचित मंच उपलब्ध कराए। CJP ने रखा बातचीत का प्रस्ताव CJP की ओर से कहा गया कि लोकतंत्र में हर मुद्दे का समाधान बातचीत और आपसी सहमति से निकाला जा सकता है। संगठन अपनी मांगों और चिंताओं को सरकार के सामने रखना चाहता है और इसके लिए वह वार्ता के लिए तैयार है। संगठन का कहना है कि बातचीत ऐसी जगह होनी चाहिए, जिसे दोनों पक्ष स्वीकार कर सकें। इससे चर्चा सकारात्मक माहौल में हो पाएगी और किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर किया जा सकेगा। Delhi में Protest को देखते हुए सुरक्षा सख्त CJP Protest को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने प्रदर्शन वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। प्रदर्शन के दौरान यातायात और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी कई स्तरों पर तैयारियां की गई हैं। सरकार के जवाब पर टिकी नजर CJP के बातचीत के प्रस्ताव के बाद अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। अगर दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर आते हैं तो लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों पर समाधान की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल प्रदर्शन जारी है, लेकिन CJP के नए बयान से बातचीत का रास्ता खुलता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और संगठन के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kalyan Banerjee

Parliament Monsoon Session: Kalyan Banerjee Suspended, संसद में बढ़ा Political विवाद

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी (Kalyan Banerjee) को लेकर संसद में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। लोकसभा ने उन्हें पूरे मानसून सत्र (Monsoon Session) के लिए निलंबित कर दिया है। अब कल्याण बनर्जी इस सत्र की आगे की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह कार्रवाई सदन में उनके कथित व्यवहार और टिप्पणियों को लेकर की गई, जिसे लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी। लोकसभा में अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया। सदन में टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद संसद की कार्यवाही के दौरान कल्याण बनर्जी की एक टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप लगाया गया कि उनकी भाषा सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं थी। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में हंगामा हुआ और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। सत्ता पक्ष ने कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और यहां सांसदों से जिम्मेदार व्यवहार की उम्मीद की जाती है। वहीं विपक्ष ने इस कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति जताई और इसे राजनीतिक दबाव से जोड़कर देखा। Lok Sabha का सख्त फैसला, Monsoon Session से बाहर हुए Kalyan Banerjee मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा ने कल्याण बनर्जी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। इसके बाद वह मानसून सत्र की बची हुई अवधि में सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। संसदीय नियमों के तहत सदन की गरिमा को बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे कदम उठाए जाते रहे हैं। इस बार कार्रवाई TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हुई है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। TMC के लिए बड़ा झटका, विपक्ष की रणनीति पर असर कल्याण बनर्जी TMC के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और लोकसभा में पार्टी की आवाज को मजबूती से रखने वाले सांसदों में गिने जाते हैं। उनके निलंबन के बाद संसद में TMC की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। मानसून सत्र पहले से ही कई मुद्दों को लेकर हंगामेदार बना हुआ है। ऐसे में एक प्रमुख विपक्षी सांसद का निलंबन सरकार और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान को और बढ़ा सकता है। संसद के बाहर भी जारी रहेगी सियासी बहस कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद अब यह मामला संसद के बाहर भी राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकता है। विपक्ष जहां कार्रवाई को लेकर सवाल उठा सकता है, वहीं सरकार इसे सदन की गरिमा और अनुशासन से जुड़ा फैसला बता रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में अनोखी गणेश प्रतिमाएं तैयार, बांस से लेकर धूप-अगरबत्ती और दाल से बनाई मूर्तियां

रायपुर। गणेशोत्सव से पहले रायपुर में भगवान गणेश की अनोखी और आकर्षक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। इस बार शहर के मूर्तिकार पारंपरिक मिट्टी के साथ-साथ बांस, पूजा सामग्री, मोती, दाल, चना, भुट्टे और धूप-अगरबत्ती जैसी अलग-अलग चीजों से गणेश प्रतिमाएं बना रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई प्रतिमाएं ग्राहकों की पसंद और उनके बताए आइडिया के अनुसार तैयार की जा रही हैं। कुछ विशेष प्रतिमाओं को बनाने में करीब तीन महीने तक का समय लगा है। सीमित संख्या में तैयार होने वाली इन प्रतिमाओं के लिए समितियां पहले ही प्री-ऑर्डर दे देती हैं। 30 साल से गणेश प्रतिमाएं बना रहा यादव परिवार रायपुर के रायपुरा इलाके में रहने वाला शिवचरण यादव का परिवार करीब 30 साल से गणेश प्रतिमाएं बनाने का काम कर रहा है। उनके दोनों बेटे भी पिछले करीब 15 साल से इस काम में पिता का साथ दे रहे हैं। परिवार के सदस्य राहुल यादव बताते हैं कि ग्राहक अपनी पसंद की थीम और डिजाइन बताते हैं। इसके बाद उसमें अपनी क्रिएटिविटी और नए आइडिया जोड़कर प्रतिमा तैयार की जाती है। रामसागर पारा की एक गणेश समिति पिछले 17 साल से इसी परिवार से प्रतिमा बनवा रही है। मूर्तिकारों के पास सीमित संख्या में ही ऑर्डर लिए जाते हैं और समितियां आमतौर पर करीब तीन महीने पहले अपनी पसंद की प्रतिमा बुक कर देती हैं। बांस से बनाई गई खास गणेश प्रतिमा इस बार बांस से बनाई गई गणेश प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन रही है। इसकी खासियत है कि इसमें मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। प्रतिमा को लकड़ी, पेपर और बांस की मदद से तैयार किया गया है। मूर्तिकार के मुताबिक, इस प्रतिमा को बनाने का काम करीब तीन महीने पहले शुरू किया गया था। बांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक-एक हिस्से को जोड़ते हुए गणेश जी का आकार दिया गया है। इसके लिए पहले बांस की ऊपरी छाल हटाई जाती है और फिर उसे जरूरत के मुताबिक काटकर आकार दिया जाता है। इस प्रतिमा को तैयार करने में करीब 40 से 50 हजार रुपए की लागत आने की जानकारी दी गई है। इस तरह की प्रतिमाएं सीमित संख्या में तैयार की जाती हैं और इन्हें मुख्य रूप से प्री-ऑर्डर पर बनाया जाता है। पूजा सामग्री से तैयार गणेश प्रतिमा मूर्तिकारों ने पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से भी गणेश प्रतिमा तैयार की है। इसमें नारियल की जूट से प्रतिमा का मूल आकार बनाया गया है। प्रतिमा की धोती में जनेऊ लगाया गया है, जबकि माला कमल गट्टे से तैयार की गई है। इसके अलावा रुद्राक्ष, मौली धागे और मोतियों का इस्तेमाल सजावट के लिए किया गया है। मोतियों से तैयार की गई प्रतिमाओं को लोग गृह प्रवेश या गिफ्ट के तौर पर भी पसंद कर रहे हैं। धूप-अगरबत्ती से बनी 12 फीट की प्रतिमा इस साल धूप-अगरबत्ती से तैयार की गई 12 फीट की गणेश प्रतिमा भी खास आकर्षण है। इसे बनाने में करीब तीन महीने का समय लगा है। प्रतिमा में अलग-अलग रंग की धूप स्टिक का इस्तेमाल किया गया है। गीली धूप की मदद से माला, पुष्प और कड़े जैसी सजावट तैयार की गई है। मूर्तिकार के मुताबिक, गणेश समिति ने अपनी पसंद का स्ट्रक्चर बताया था और उसी डिजाइन के आधार पर प्रतिमा तैयार की गई। उन्होंने बताया कि मिट्टी की प्रतिमा की तुलना में ऐसी प्रतिमाएं कुछ मामलों में आसान होती हैं, क्योंकि ये अपेक्षाकृत हल्की होती हैं और काम के दौरान इन्हें जरूरत के अनुसार स्थानांतरित किया जा सकता है। मसूर दाल, चना और भुट्टे से भी बनी गणेश प्रतिमा रायपुर में इस बार खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों से भी गणेश प्रतिमा तैयार की गई है। इसमें मसूर दाल, चना और भुट्टे का इस्तेमाल किया गया है। अलग-अलग खाद्य सामग्री को व्यवस्थित तरीके से सजाकर गणेश जी का आकार दिया गया है। पारंपरिक मिट्टी के बजाय खाने की सामग्री से तैयार यह प्रतिमा लोगों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन रही है। ग्राहकों के आइडिया से तैयार हो रही हैं अनोखी प्रतिमाएं मूर्तिकार राहुल यादव के मुताबिक, अब गणेश प्रतिमाओं को लेकर ग्राहकों की पसंद भी बदल रही है। लोग पहले से अलग और अनोखी थीम चाहते हैं। वे अपनी कल्पना और डिजाइन का आइडिया मूर्तिकारों को बताते हैं। इसके बाद मूर्तिकार उस आइडिया में अपनी क्रिएटिविटी जोड़कर प्रतिमा तैयार करते हैं। यही वजह है कि इस बार रायपुर में गणेशोत्सव के लिए कई ऐसी प्रतिमाएं तैयार हो रही हैं, जो पारंपरिक मूर्तियों से बिल्कुल अलग नजर आएंगी।
हमीरपुर

SP-BJP Clash: हमीरपुर में आमने-सामने आईं महिला नेत्रियां, जमकर हुआ विवाद

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ी दो महिला नेत्रियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि किसी मुद्दे को लेकर शुरू हुई कहासुनी कुछ ही देर में तीखी बहस में बदल गई और देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा होने लगी है। बहस के बाद बिगड़ा माहौल जानकारी के मुताबिक, दोनों महिला नेत्रियां एक-दूसरे के सामने आईं तो किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। शुरुआत में मामला सिर्फ कहासुनी तक सीमित था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता चला गया। बात इतनी बढ़ी कि हाथापाई की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को अलग करने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हुई। Video सामने आने के बाद बढ़ी चर्चा इस घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में दोनों महिला नेत्रियों के बीच विवाद होता दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर बनी हुई है। पुलिस Complaint पर सबकी नजर मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई है, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है तो पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर सकती है। फिलहाल हमीरपुर की यह Political Clash घटना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों पक्षों का पूरा पक्ष और विवाद की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही तस्वीर और साफ हो पाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर के स्पा सेंटर पर पुलिस की दबिश, संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट में केस

रायपुर। रायपुर के देवेंद्र नगर इलाके में पुलिस ने एक स्पा सेंटर पर कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, श्याम स्क्वायर स्थित इशवा लग्जरी स्पा सेंटर में जांच के दौरान आपत्तिजनक सामग्री मिली। मामले में पुलिस ने स्पा सेंटर के संचालक और मैनेजर के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट), 1956 के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 10 सितंबर को एसीपी स्नेहिल साहू के नेतृत्व में सिविल लाइन और देवेंद्र नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने की। दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाने का आरोप पुलिस के अनुसार, स्पा सेंटर में दूसरे राज्यों से युवतियों को बुलाकर काम कराया जा रहा था। पूछताछ के दौरान वहां मौजूद कुछ युवतियों ने संचालक और मैनेजर पर जबरन देह व्यापार कराने का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है कि युवतियों के बयानों और मौके से मिली सामग्री के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संचालक और मैनेजर पर पीटा एक्ट में केस पुलिस ने कार्रवाई के बाद स्पा सेंटर के संचालक हरविंदर सिंह ग्रोवर, निवासी टिकरापारा और मैनेजर मुकेश कुमार वर्मा, निवासी भिलाई-3 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों के खिलाफ देवेंद्र नगर थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (PITA Act), 1956 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। स्पा सेंटर की गतिविधियों की जांच जारी पुलिस अब स्पा सेंटर से जुड़े दस्तावेजों, वहां काम करने वाली युवतियों और संचालक-मैनेजर की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवतियों को दूसरे राज्यों से किस माध्यम से रायपुर लाया गया और स्पा सेंटर में उनकी नियुक्ति किस तरह हुई। इसके अलावा पुलिस यह जानकारी भी जुटा रही है कि सेंटर में कथित गतिविधियां कब से संचालित हो रही थीं और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं। फिलहाल पुलिस ने आरोपों और जांच के दौरान मिली सामग्री के आधार पर कार्रवाई शुरू की है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
Sikh Pilgrims

Sikh Pilgrims पाकिस्तान ने बदले Religious Yatra Rules, Private Travel पर सख्ती

भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राओं को लेकर एक बार फिर नियमों में सख्ती देखने को मिल रही है। पाकिस्तान में सामने आए जासूसी मामले के बाद अब धार्मिक यात्रियों की आवाजाही और उनके दस्तावेजों की जांच को लेकर व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। खास तौर पर सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्राओं को लेकर Private Tour के बजाय अधिकृत धार्मिक संस्थाओं के जरिए यात्रा कराने पर जोर दिया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, भारत से पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा में SGPC (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) और HSGMC (Haryana Sikh Gurdwara Management Committee) जैसी संस्थाओं की भूमिका अहम हो सकती है। यानी श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा के लिए तय संस्थागत प्रक्रिया का पालन करना होगा। जासूसी मामले के बाद Security पर फोकस पाकिस्तान में सामने आए कथित जासूसी मामले के बाद सुरक्षा एजेंसियां धार्मिक यात्राओं को लेकर भी ज्यादा सतर्क नजर आ रही हैं। यात्रियों की पहचान, यात्रा का उद्देश्य, दस्तावेज और उनके यात्रा कार्यक्रम की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, नियमों में बदलाव को किसी एक जासूसी मामले से सीधे जोड़ने को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे फिलहाल पाकिस्तान की बढ़ी हुई Security और Documentation प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। Private Tour पर क्यों बढ़ी सख्ती? निजी स्तर पर धार्मिक यात्रा करने वाले यात्रियों की जानकारी और यात्रा कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के लिए निगरानी मुश्किल हो सकती है। इसके मुकाबले SGPC या HSGMC जैसी मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से जत्थे जाने पर यात्रियों की सूची और यात्रा से जुड़ी जानकारी पहले से व्यवस्थित रहती है। यही वजह है कि धार्मिक यात्राओं को एक निर्धारित चैनल के जरिए संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे यात्रियों के दस्तावेजों और यात्रा कार्यक्रम की जांच भी पहले से की जा सकती है। श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा? अगर यह व्यवस्था पूरी तरह लागू होती है, तो पाकिस्तान जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को निजी तौर पर Travel Plan बनाने के बजाय अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से यात्रा की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए Private Tour या व्यक्तिगत व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं। अब उन्हें जत्थे या अधिकृत धार्मिक संस्थाओं के जरिए यात्रा करने की प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर भी विवाद इसी बीच पाकिस्तान में धार्मिक यात्रियों से जुड़ा एक और मामला सामने आया। फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पाकिस्तान से भारत के हेमकुंड साहिब जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के एक जत्थे को कथित तौर पर यात्रा की अनुमति नहीं मिली। अधिकारियों की ओर से NOC यानी No Objection Certificate को लेकर सवाल उठाए गए। इस घटना के बाद धार्मिक यात्रा के लिए जरूरी दस्तावेजों और दोनों देशों के बीच लागू नियमों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। भारत-पाकिस्तान के बीच Religious Travel का पुराना Protocol भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राओं के लिए लंबे समय से एक निर्धारित व्यवस्था मौजूद है। 1974 Religious Shrines Protocol के तहत दोनों देशों के श्रद्धालुओं को कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा की अनुमति दी जाती है। पाकिस्तान में ननकाना साहिब, पंजा साहिब और दूसरे ऐतिहासिक गुरुद्वारे भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए खास धार्मिक महत्व रखते हैं। हर साल अलग-अलग मौकों पर श्रद्धालुओं के जत्थे इन धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। वहीं, पाकिस्तान के सिख श्रद्धालु भी भारत में हेमकुंड साहिब समेत दूसरे धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। Wagah-Attari Route को लेकर भी उठी मांग पाकिस्तानी श्रद्धालुओं की भारत यात्रा को लेकर Wagah-Attari Land Route का मुद्दा भी सामने आया है। पूर्व राज्यसभा सांसद तरलोचन सिंह ने पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को पत्र लिखकर पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए जमीन के रास्ते भारत आने की अनुमति देने की मांग की थी। धार्मिक यात्राओं को लेकर लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों के बीच श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी चिंता यही है कि दोनों देशों के बीच तनाव का असर उनकी आस्था और यात्रा पर न पड़े। फिलहाल तस्वीर यही है कि India-Pakistan Religious Yatra को लेकर सुरक्षा और दस्तावेजों की जांच पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। श्रद्धालुओं के लिए आने वाले समय में अधिकृत संस्थाओं के जरिए यात्रा करना और सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखना बेहद जरूरी हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bank Holiday

Bank Holiday: 5-Day Working की मांग को लेकर हड़ताल, शनिवार-रविवार से लगातार 3 दिन असर

देशभर के Bank Holiday 5-Day Working की मांग को लेकर आज हड़ताल का रुख अपनाया है। बैंककर्मियों की मांग है कि बैंकों में सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम हो और शनिवार-रविवार को नियमित छुट्टी दी जाए। हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने से बैंक शाखाओं की सेवाओं पर लगातार तीन दिनों तक असर पड़ सकता है। बैंक यूनियनों की ओर से लंबे समय से 5-Day Banking System लागू करने की मांग उठाई जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में काम का दबाव लगातार बढ़ा है। ऐसे में पांच दिन काम और दो दिन की छुट्टी से कर्मचारियों को आराम के साथ परिवार के लिए भी समय मिल सकेगा। Bank Strike का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा? हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में होने वाले रोजमर्रा के कई काम प्रभावित हो सकते हैं। कैश जमा करना, नकद निकासी, चेक से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट और दूसरी branch-related services के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी होगी। UPI, ATM, Internet Banking और Mobile Banking जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। किसी तकनीकी समस्या या बैंक की अपनी व्यवस्था के कारण इनमें अस्थायी दिक्कत अलग बात हो सकती है। क्यों हो रही है 5-Day Working की मांग? बैंक कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिन की working व्यवस्था से कर्मचारियों को बेहतर Work-Life Balance मिल सकता है। उनका मानना है कि लगातार दो दिन की छुट्टी मिलने से कर्मचारी अगले सप्ताह बेहतर ऊर्जा और क्षमता के साथ काम कर पाएंगे। यह मांग बैंकिंग कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चर्चा में रही है। यूनियनों का जोर है कि बैंकिंग व्यवस्था को आधुनिक कामकाजी माहौल के अनुरूप बनाया जाए। शनिवार-रविवार की छुट्टी से बढ़ेगा असर आज की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण कई बैंक शाखाएं लगातार तीन दिन प्रभावित रहेंगी। ऐसे में जिन ग्राहकों का कोई जरूरी branch work है, उन्हें अगले working day तक इंतजार करना पड़ सकता है। खासकर महीने या सप्ताह के जरूरी भुगतान, चेक क्लियरेंस या दूसरे शाखा संबंधी काम वाले ग्राहकों को पहले से योजना बनाना बेहतर रहेगा। Digital Banking से राहत की उम्मीद आज बैंकिंग का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो चुका है। मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करने से लेकर बिल भुगतान और UPI transaction तक कई काम घर बैठे किए जा सकते हैं। इसलिए हड़ताल का असर मुख्य रूप से physical bank branches पर देखने को मिल सकता है। फिर भी जिन लोगों को बैंक शाखा में जाकर काम कराना जरूरी है, उन्हें बैंक दोबारा खुलने के बाद भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। अब सरकार और बैंकिंग संगठनों पर नजर बैंक कर्मचारियों की 5-Day Working की मांग के बीच अब सभी की नजर आगे होने वाली बातचीत पर है। कर्मचारियों की मांग और बैंकिंग सेवाओं की जरूरतों के बीच संतुलन बनाना अहम होगा। फिलहाल ग्राहकों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि जरूरी branch-related काम को ध्यान में रखकर अपनी banking plan करें और जहां संभव हो, Digital Banking Services का इस्तेमाल करें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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